दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर रोक, रामलीला मैदान समेत 3 जगहों को बनाया गया नया विरोध स्थल

12 Oct 2026 - 16:02
0 2
दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर रोक, रामलीला मैदान समेत 3 जगहों को बनाया गया नया विरोध स्थल

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने की जगहों को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। केंद्र सरकार ने जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। इसके बाद अब यहां पहले की तरह प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलेगी। गृह मंत्रालय की ओर से गठित एक कमेटी की सिफारिशों के आधार पर प्रदर्शन के लिए वैकल्पिक स्थान तय किए गए हैं। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली का सीबीडी ग्राउंड शामिल हैं।

जंतर-मंतर लंबे समय से विभिन्न राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और एक्टिविस्टों के विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में इसे निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के फैसले के बाद अब प्रदर्शनकारियों को अपनी मांगें उठाने के लिए दूसरे स्थानों का रुख करना होगा। इस बदलाव का असर उन संगठनों पर भी पड़ सकता है, जो अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की योजना बनाते रहे हैं।

इसी बीच, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और सीईसी पर रोक लगाने की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी गई थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के लिए अनुमति देने से इनकार कर दिया। यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थलों की निर्धारित सूची से बाहर कर दिया गया है।

जंतर-मंतर की जगह अब कहां हो सकेंगे प्रदर्शन?

केंद्र सरकार ने प्रदर्शन के लिए तीन वैकल्पिक स्थान निर्धारित किए हैं। इनमें मध्य दिल्ली का रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और पूर्वी दिल्ली स्थित सीबीडी ग्राउंड शामिल हैं। गृह मंत्रालय की ओर से गठित कमेटी ने प्रदर्शन स्थलों को लेकर सिफारिशें की थीं। इन्हीं सिफारिशों के आधार पर इन स्थानों को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची में शामिल किया गया है।

इस बदलाव के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना बनाने वाले राजनीतिक दलों, संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को दूसरे निर्धारित स्थलों पर प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन करना होगा। हालांकि, किसी भी स्थान पर प्रदर्शन के लिए संबंधित अधिकारियों से अनुमति मिलना आवश्यक हो सकता है। केवल निर्धारित स्थल होने से किसी प्रदर्शन को स्वतः मंजूरी मिलने की गारंटी नहीं होती।

 सीजेपी को प्रदर्शन की अनुमति देने से पुलिस का इनकार

कॉकरोच जनता पार्टी ने सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति मांगी थी। पार्टी की मांग मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और सीईसी पर रोक लगाने से संबंधित थी। हालांकि, दिल्ली पुलिस ने इस मांग पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी।

इस घटनाक्रम ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने की अनुमति को लेकर एक बार फिर ध्यान आकर्षित किया है। निर्धारित स्थलों की सूची में बदलाव के बाद अब प्रदर्शन आयोजित करने वाले संगठनों को नए विकल्पों के अनुसार अपनी योजना बनानी होगी। सीजेपी के मामले में पुलिस ने अनुमति देने से इनकार किया है, लेकिन उपलब्ध जानकारी में इस फैसले के विस्तृत कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है।

NEET पेपर लीक मामले में भी हुआ था प्रदर्शन

इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी ने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। यह विरोध प्रदर्शन 20 जून से 25 जुलाई तक चला था। कुल 36 दिनों तक चले इस आंदोलन में अलग-अलग मुद्दों को उठाया गया और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की गई।

इस प्रदर्शन के दौरान एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक भी भूख हड़ताल पर बैठे थे। NEET पेपर लीक का मामला उस समय छात्रों और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों के कारण चर्चा में था। सीजेपी ने इसी मुद्दे को लेकर जंतर-मंतर पर अपना विरोध जारी रखा था। 25 जुलाई को धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया था। यह आंदोलन जंतर-मंतर पर आयोजित लंबे प्रदर्शनों में से एक था, जिसका उल्लेख मौजूदा घटनाक्रम के संदर्भ में किया जा रहा है।

 रामलीला मैदान और बुराड़ी ग्राउंड पर बढ़ेगी निर्भरता

जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाए जाने के बाद रामलीला मैदान, बुराड़ी ग्राउंड और सीबीडी ग्राउंड की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है। अब इन स्थानों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए संबंधित संगठनों को अपनी जरूरतों के अनुसार जगह का चयन करना होगा। साथ ही, उन्हें अनुमति और आयोजन से संबंधित आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन भी करना होगा।

प्रदर्शन किसी मुद्दे पर असहमति जताने और अपनी मांगों को सार्वजनिक रूप से सामने रखने का एक माध्यम है। ऐसे में प्रदर्शन स्थलों में बदलाव से राजनीतिक दलों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न अभियानों से जुड़े लोगों की आयोजन संबंधी तैयारियों में परिवर्तन आ सकता है। हालांकि, नए निर्धारित स्थलों पर प्रदर्शन की व्यवस्था किस तरह लागू होगी और अलग-अलग संगठनों को अनुमति देने की प्रक्रिया क्या होगी, इससे जुड़ी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

निष्कर्ष

दिल्ली में जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटाने के बाद विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए तीन वैकल्पिक स्थान तय किए गए हैं। गृह मंत्रालय की कमेटी की सिफारिशों के आधार पर हुए इस बदलाव के बीच कॉकरोच जनता पार्टी को अपने प्रस्तावित प्रदर्शन के लिए पुलिस की अनुमति नहीं मिली। इससे साफ है कि अब जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की योजना बनाने वाले संगठनों को वैकल्पिक स्थलों और अनुमति संबंधी प्रक्रियाओं को ध्यान में रखकर आगे की रणनीति तैयार करनी होगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User