Asian Para Games 2026: शीतल देवी-तोमन कुमार ने जीता गोल्ड, स्वाति चौधरी को सिल्वर मेडल
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय तीरंदाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को दो पदक दिलाए। शीतल देवी और तोमन कुमार ने मिक्स्ड टीम कंपाउंड स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता, जबकि स्वाति चौधरी ने महिलाओं की W1 व्यक्तिगत तीरंदाजी स्पर्धा में रजत पदक हासिल किया। भारतीय जोड़ी ने फाइनल में इंडोनेशिया को 151-148 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया।
क्वालीफाइंग राउंड में विश्व रिकॉर्ड बनाने वाली शीतल और तोमन की जोड़ी ने फाइनल में भी अपनी बढ़त कायम रखी। दूसरी ओर, पहली बार एशियन पैरा गेम्स में हिस्सा ले रहीं स्वाति चौधरी ने चीन की मेंगक्वान सेन के खिलाफ कड़ा मुकाबला किया, लेकिन उन्हें 4-6 से हार का सामना करना पड़ा। इन उपलब्धियों के बीच भारत की पदक तालिका में कुल 71 पदक दर्ज हैं।
शीतल देवी और तोमन कुमार ने फाइनल में हराया इंडोनेशिया
मिक्स्ड टीम कंपाउंड फाइनल में भारतीय जोड़ी का सामना इंडोनेशिया की थियोडोरा ऑडी आयुडिया फेरेली और केन स्वागुमिलंग से हुआ। मुकाबले में शीतल देवी और तोमन कुमार ने 151 अंक हासिल किए, जबकि इंडोनेशिया की टीम 148 अंक तक पहुंच सकी। तीन अंकों के अंतर से जीत दर्ज कर भारत ने स्वर्ण पदक हासिल किया।
भारतीय जोड़ी ने मुकाबले की शुरुआत से ही अच्छा प्रदर्शन किया और निर्णायक चरण तक बढ़त बनाए रखी। क्वालीफाइंग राउंड में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद दोनों खिलाड़ियों ने फाइनल में भी अपना प्रदर्शन बरकरार रखा।
चार सेट में तय हुई स्वर्ण पदक की जीत
फाइनल के पहले सेट में भारत ने 38-37 से बढ़त बनाई। दूसरे सेट के बाद भारतीय जोड़ी का कुल स्कोर 77-73 हो गया और बढ़त चार अंकों तक पहुंच गई।
तीसरे सेट में इंडोनेशियाई खिलाड़ियों ने भारतीय जोड़ी से एक अंक अधिक हासिल किया, लेकिन भारत की कुल बढ़त बनी रही। अंतिम सेट में दोनों टीमों ने 38-38 अंक बनाए। इस तरह भारतीय जोड़ी ने कुल 151-148 के स्कोर के साथ मुकाबला जीत लिया।
क्वालीफाइंग राउंड में बनाया विश्व रिकॉर्ड
शीतल देवी और तोमन कुमार ने क्वालीफाइंग राउंड में 1402 अंक हासिल कर नया विश्व रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद फाइनल में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपने प्रदर्शन को खिताबी सफलता में बदला।
शीतल देवी का प्रदर्शन उनकी विशेष तीरंदाजी तकनीक के कारण भी उल्लेखनीय है। उनका जन्म बिना हाथों के हुआ था। वह धनुष को व्यवस्थित करने के लिए पैरों का इस्तेमाल करती हैं और डोरी खींचने तथा छोड़ने के लिए कंधे और जबड़े की मदद लेती हैं। मिक्स्ड टीम कंपाउंड स्पर्धा में तोमन कुमार के साथ उनकी जोड़ी ने भारत को स्वर्ण पदक दिलाया।
स्वाति चौधरी ने W1 व्यक्तिगत स्पर्धा में जीता रजत
महिलाओं की W1 व्यक्तिगत तीरंदाजी स्पर्धा में स्वाति चौधरी ने भारत के लिए पहला पदक हासिल किया। पहली बार एशियन पैरा गेम्स में भाग ले रहीं स्वाति फाइनल में चीन की मेंगक्वान सेन से भिड़ीं। कड़े मुकाबले में वह 4-6 से हार गईं और उन्हें रजत पदक मिला।
W1 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके चारों अंगों में शारीरिक समस्याएं होती हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर की तैयारियों के लिए सीमित आर्थिक सहायता के बावजूद स्वाति ने लगातार विश्वस्तरीय प्रदर्शन किया है। उनका रजत पदक इस स्पर्धा में भारत की महत्वपूर्ण उपलब्धि रहा।
पदक तालिका में भारत के 71 पदक
एशियन पैरा गेम्स 2026 की उपलब्ध कराई गई पदक तालिका के अनुसार, भारत 16 स्वर्ण, 22 रजत और 33 कांस्य पदकों के साथ कुल 71 पदक लेकर चौथे स्थान पर है।
चीन 116 स्वर्ण, 64 रजत और 70 कांस्य सहित कुल 250 पदकों के साथ पहले स्थान पर बताया गया है। उज्बेकिस्तान के खाते में 32 स्वर्ण, 33 रजत और 33 कांस्य सहित कुल 98 पदक हैं, जबकि जापान ने 30 स्वर्ण, 38 रजत और 38 कांस्य सहित कुल 106 पदक हासिल किए हैं। दिए गए आंकड़ों में जापान के कुल पदक उज्बेकिस्तान से अधिक हैं, इसलिए इन देशों की रैंकिंग को प्रकाशित करने से पहले आधिकारिक पदक तालिका से मिलान करना जरूरी है।
निष्कर्ष
एशियन पैरा गेम्स 2026 में शीतल देवी और तोमन कुमार के स्वर्ण पदक तथा स्वाति चौधरी के रजत पदक ने भारतीय तीरंदाजी अभियान को महत्वपूर्ण सफलता दिलाई। विश्व रिकॉर्ड के साथ शुरू हुआ शीतल और तोमन का प्रदर्शन फाइनल में गोल्ड मेडल तक पहुंचा, जबकि स्वाति ने W1 व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए पहला पदक हासिल किया।
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