शालार्थ प्रणाली में 160 करोड़ से अधिक के कथित घोटाले की जांच तेज, 841 फर्जी आईडी का खुलासा; 11 टीमें जुटीं

07 Oct 2026 - 10:38
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शालार्थ प्रणाली में 160 करोड़ से अधिक के कथित घोटाले की जांच तेज, 841 फर्जी आईडी का खुलासा; 11 टीमें जुटीं

महाराष्ट्र के नासिक में शिक्षा विभाग की शालार्थ प्रणाली के कथित दुरुपयोग और फर्जी नियुक्तियों के जरिए सरकारी राशि के गबन के मामले में जांच तेज कर दी गई है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में 160 करोड़ रुपये से अधिक के कथित गबन का आरोप है। जांच को आगे बढ़ाते हुए विशेष जांच दल (SIT) ने उत्तर महाराष्ट्र के चार जिलों में कार्रवाई कर कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त किए हैं।

मामले की जांच में 841 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की कथित फर्जी शालार्थ आईडी बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस जांच के दौरान करीब 1,200 संदिग्ध लोगों की पहचान किए जाने की बात भी सामने आई है। अब पुलिस दस्तावेजों, नियुक्तियों और शालार्थ आईडी के बीच संबंधों की जांच कर रही है।

नासिक रोड पुलिस थाने में इस मामले को लेकर मार्च 2025 और मार्च 2026 में दो अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज की गई थीं। इन एफआईआर के बाद जांच का दायरा लगातार बढ़ता गया और अब उत्तर महाराष्ट्र के कई जिलों में संबंधित संस्थानों और कार्यालयों के रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

चार जिलों में SIT की कार्रवाई

विशेष जांच दल ने उत्तर महाराष्ट्र के नासिक, जलगांव, धुलिया और नंदुरबार जिलों में जांच अभियान चलाया है। SIT की टीमें संदिग्ध स्कूलों और शिक्षण संस्थाओं के अलावा शिक्षा विभाग से जुड़े कार्यालयों में भी पहुंच रही हैं। यहां नियुक्तियों और कर्मचारियों से संबंधित मूल दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।

जांच में सेवा पुस्तिकाओं, नियुक्ति रिकॉर्ड और शालार्थ प्रणाली से जुड़े दस्तावेजों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। SIT इन रिकॉर्ड के आधार पर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित फर्जी नियुक्तियां और शालार्थ आईडी किस तरह तैयार की गईं तथा उनका सरकारी राशि से क्या संबंध रहा।

841 फर्जी शालार्थ आईडी की जानकारी

पुलिस की जांच में अब तक 841 शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की कथित फर्जी शालार्थ आईडी सामने आने की बात कही गई है। इसके अलावा करीब 1,200 संदिग्ध लोगों की पहचान किए जाने की जानकारी भी जांच से सामने आई है।

इन आंकड़ों के सामने आने के बाद पुलिस ने अलग-अलग जिलों में जांच का दायरा बढ़ाया है। इनमें जलगांव में सबसे बड़े स्तर पर जांच किए जाने की जानकारी है। इसके साथ ही नासिक, धुलिया और नंदुरबार में भी संदिग्ध स्कूलों, शिक्षण संस्थाओं और संबंधित विभागीय कार्यालयों के रिकॉर्ड की जांच जारी है।

दस्तावेजों और नियुक्तियों का मिलाया जा रहा रिकॉर्ड

SIT की जांच का एक अहम हिस्सा मूल दस्तावेजों का सत्यापन है। टीमों द्वारा संस्थाओं और शिक्षा विभाग के कार्यालयों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जा रही है। सेवा पुस्तिका और नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों को शालार्थ प्रणाली में दर्ज जानकारी के साथ मिलाकर देखा जा रहा है।

इस कार्रवाई के बीच कुछ संस्थाचालकों, प्रधानाध्यापकों और कथित बिचौलियों के सत्र न्यायालय का रुख करने की जानकारी भी सामने आई है। वहीं, क्राइम ब्रांच ने कुछ संदिग्ध लोगों को नासिक बुलाकर पूछताछ शुरू की है। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े दस्तावेजों और लोगों की भूमिका को अलग-अलग स्तर पर जांच रही हैं।

क्राइम ब्रांच ने बनाई 11 जांच टीमें

मामले की जांच को तेज करने के लिए पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के मार्गदर्शन में क्राइम ब्रांच ने कुल 11 टीमें गठित की हैं। इसमें एक मुख्य टीम के साथ 10 उप-टीमें शामिल हैं।

वर्तमान व्यवस्था के अनुसार जलगांव, धुलिया और नासिक में दो-दो टीमें, जबकि नंदुरबार में एक विशेष टीम तैनात की गई है। ये टीमें संबंधित जिलों में दस्तावेजों और नियुक्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं। अलग-अलग टीमों के जरिए जांच को कई स्थानों पर एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है।

सरकारी राशि के लेनदेन से जुड़े पहलुओं की भी जांच

पुलिस अब कथित फर्जी नियुक्तियों, शालार्थ आईडी और सरकारी राशि के बीच संबंधों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि संबंधित रिकॉर्ड में किस तरह की अनियमितताएं हुईं और कथित तौर पर सरकारी धन के लेनदेन से किन लोगों की भूमिका जुड़ी हो सकती है।

जांच आगे बढ़ने के साथ कथित फर्जी नियुक्तियों और शालार्थ प्रणाली के इस्तेमाल से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल SIT और क्राइम ब्रांच दस्तावेजों की जांच तथा संदिग्धों से पूछताछ के जरिए मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।

निष्कर्ष

शालार्थ प्रणाली से जुड़ा यह मामला अब व्यापक जांच के दायरे में आ गया है। 160 करोड़ रुपये से अधिक के कथित गबन, 841 कथित फर्जी आईडी और करीब 1,200 संदिग्ध लोगों से जुड़े इस मामले में SIT चार जिलों में दस्तावेजों की जांच कर रही है। वहीं क्राइम ब्रांच की 11 टीमें अलग-अलग स्थानों पर जांच और पूछताछ में जुटी हैं। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले दस्तावेजों और तथ्यों के आधार पर आगे बढ़ेगी।

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