Jio Platforms IPO 2026: ₹30,213 करोड़ का IPO लाएगी जियो, टूट सकता है हुंडई का रिकॉर्ड

15 Oct 2026 - 11:17
0 1
Jio Platforms IPO 2026: ₹30,213 करोड़ का IPO लाएगी जियो, टूट सकता है हुंडई का रिकॉर्ड

मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (Jio Platforms Limited) के प्रस्तावित आईपीओ को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए ₹1,065 से ₹1,119 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर इस सार्वजनिक निर्गम का कुल आकार करीब ₹30,213 करोड़ होगा। इस इश्यू के सफल होने पर जियो प्लेटफॉर्म्स भारतीय शेयर बाजार में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ पेश करने वाली कंपनी बन सकती है।

अब तक देश के सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड हुंडई मोटर इंडिया के नाम है, जिसने ₹27,870 करोड़ जुटाने के लिए अपना आईपीओ पेश किया था। जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित इश्यू इस रिकॉर्ड से करीब ₹2,343 करोड़ बड़ा होगा। कंपनी की ओर से प्राइस बैंड, कर्मचारियों को मिलने वाली छूट और आवेदन के लिए न्यूनतम लॉट साइज से जुड़े फैसलों की जानकारी नियामकीय फाइलिंग के माध्यम से दी गई है।

कंपनी के आईपीओ को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी का एक प्रमुख कारण इसका बड़ा आकार और प्रस्तावित वैल्यूएशन है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 तक इसमें बोली लगाई जा सकेगी। ऐसे में यह इश्यू भारतीय पूंजी बाजार के प्रमुख सार्वजनिक निर्गमों में शामिल होने की तैयारी में है।

जियो प्लेटफॉर्म्स ने तय किया IPO का प्राइस बैंड

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 14 अक्टूबर 2026 को नियामकीय फाइलिंग के जरिए जियो प्लेटफॉर्म्स के आईपीओ से जुड़ी जानकारी साझा की। इसके अनुसार, कंपनी के बोर्ड की आईपीओ समिति ने ₹1,065 प्रति शेयर का निचला और ₹1,119 प्रति शेयर का ऊपरी प्राइस बैंड निर्धारित किया है। इसके साथ ही कर्मचारियों के लिए छूट और न्यूनतम आवेदन लॉट साइज को भी मंजूरी दी गई है।

प्राइस बैंड वह मूल्य सीमा होती है, जिसके भीतर निवेशक आईपीओ के दौरान शेयरों के लिए बोली लगाते हैं। जियो प्लेटफॉर्म्स के मामले में अंतिम निर्गम आकार इस बात पर निर्भर करेगा कि शेयरों की कीमत निर्धारित सीमा में किस स्तर पर तय होती है। ऊपरी प्राइस बैंड के आधार पर कंपनी करीब ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है, जबकि निचले प्राइस बैंड पर इश्यू का आकार लगभग ₹28,755 करोड़ रहेगा।

हुंडई मोटर इंडिया का रिकॉर्ड टूटने की संभावना

जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित आईपीओ आकार के लिहाज से भारतीय बाजार के कई बड़े इश्यू से आगे निकल सकता है। फिलहाल हुंडई मोटर इंडिया का ₹27,870 करोड़ का आईपीओ देश का सबसे बड़ा आईपीओ है। जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित ₹30,213 करोड़ का निर्गम इस रिकॉर्ड से ₹2,343 करोड़ अधिक है।

देश के बड़े आईपीओ की सूची में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का ₹22,562 करोड़, भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का ₹20,557 करोड़ और पेटीएम का ₹18,300 करोड़ का इश्यू भी शामिल है। इसके अलावा टाटा कैपिटल का ₹15,512 करोड़ का आईपीओ भी बड़े सार्वजनिक निर्गमों में गिना जाता है। इस तुलना से स्पष्ट है कि जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित इश्यू आकार के मामले में इन सभी से बड़ा होगा।

हालांकि, ₹30,213 करोड़ का आंकड़ा ऊपरी प्राइस बैंड पर आधारित है। इसलिए इसे प्रस्तावित अधिकतम इश्यू आकार के रूप में देखा जाना चाहिए।

₹108.3 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है कंपनी का वैल्यूएशन

जियो प्लेटफॉर्म्स इस आईपीओ के माध्यम से लगभग 3.2 अरब डॉलर यानी करीब ₹30,213 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। प्रस्तावित आईपीओ के बाद कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 108.3 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह वैल्यूएशन कंपनी के बाजार में संभावित स्थान को लेकर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

इस अनुमानित वैल्यूएशन के आधार पर जियो प्लेटफॉर्म्स भारत की चौथी सबसे बड़ी कंपनी बन सकती है। बाजार पूंजीकरण के लिहाज से इसके आगे रिलायंस इंडस्ट्रीज, भारती एयरटेल और एचडीएफसी बैंक के रहने का अनुमान है। हालांकि, कंपनी की वास्तविक बाजार स्थिति शेयरों की लिस्टिंग और बाजार में उनके प्रदर्शन पर भी निर्भर करेगी।

21 से 23 अक्टूबर तक निवेशकों को मिलेगा मौका

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। यानी निवेशक इस अवधि के दौरान निर्धारित शर्तों के अनुसार शेयरों के लिए आवेदन कर सकेंगे। कंपनी ने आईपीओ से संबंधित रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) भी दाखिल कर दिया है।

प्रस्तावित निर्गम के तहत लगभग 27 करोड़ इक्विटी शेयर पेश किए जाएंगे। ₹1,119 के ऊपरी प्राइस बैंड पर इन शेयरों के आधार पर आईपीओ का कुल आकार करीब ₹30,213 करोड़ बैठता है। वहीं, ₹1,065 के निचले प्राइस बैंड पर इसका आकार लगभग ₹28,755 करोड़ रहेगा।

आईपीओ में आवेदन करने से पहले निवेशकों के लिए कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक दस्तावेजों में निर्गम से जुड़ी शर्तों, आवेदन प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को समझना जरूरी होगा। कंपनी की ओर से तय प्राइस बैंड और आईपीओ की तारीखें इस सार्वजनिक निर्गम के प्रमुख विवरण हैं।

भारतीय शेयर बाजार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह IPO?

जियो प्लेटफॉर्म्स का प्रस्तावित आईपीओ अपने बड़े आकार के कारण भारतीय शेयर बाजार में महत्वपूर्ण घटनाक्रम बन सकता है। यदि इसका इश्यू आकार ऊपरी प्राइस बैंड के अनुरूप रहता है, तो यह हुंडई मोटर इंडिया के मौजूदा रिकॉर्ड को पीछे छोड़ देगा। इससे देश के सबसे बड़े आईपीओ की सूची में एक नया नाम जुड़ सकता है।

इसके अलावा, लगभग 108.3 अरब डॉलर के अनुमानित वैल्यूएशन के कारण भी यह निर्गम चर्चा में है। कंपनी की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, आईपीओ के लिए प्राइस बैंड और अन्य प्रमुख व्यवस्थाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। अब निवेशकों की नजर निर्धारित समयसीमा, शेयरों की कीमत और आगे की प्रक्रिया पर रहेगी।

 निष्कर्ष

जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ 21 अक्टूबर 2026 को खुलेगा और 23 अक्टूबर तक इसमें बोली लगाई जा सकेगी। ₹1,065–₹1,119 के प्राइस बैंड और ₹30,213 करोड़ के प्रस्तावित अधिकतम आकार के साथ यह इश्यू हुंडई मोटर इंडिया के आईपीओ का रिकॉर्ड तोड़ सकता है। हालांकि, अंतिम इश्यू आकार और बाजार में कंपनी की स्थिति संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User