लंदन में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी, ध्रुव राठी ने समर्थकों से की शामिल होने की अपील
यूट्यूबर ध्रुव राठी ने लंदन में कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया है। उन्होंने ब्रिटिश राजधानी में मौजूद अपने समर्थकों से शनिवार दोपहर 12 बजे पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास पहुंचने की अपील की। यह घटनाक्रम भारत में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के बीच सामने आया है।
ध्रुव राठी ने शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर बताया कि वह लंदन पहुंच चुके हैं। उन्होंने वहां रहने वाले लोगों से अगले दिन प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने को कहा। उनके इस आह्वान के बाद चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर लंदन में होने वाली गतिविधियों ने ध्यान खींचा है।
इससे पहले शुक्रवार, 16 अक्टूबर को लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग के बाहर भी SIR के मुद्दे पर प्रदर्शन हुआ था। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की यूके इकाई से जुड़े प्रदर्शनकारियों के साथ सरकार समर्थक लोगों का एक समूह भी वहां पहुंचा। इस दौरान दोनों पक्षों की ओर से नारेबाजी की गई।
पार्लियामेंट स्क्वायर पर दोपहर 12 बजे जुटने की अपील
ध्रुव राठी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शुक्रवार देर रात पोस्ट कर लंदन में प्रस्तावित प्रदर्शन की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि जो लोग लंदन में मौजूद हैं, वे शनिवार दोपहर 12 बजे पार्लियामेंट स्क्वायर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल हों।
ध्रुव राठी ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात भी कही। अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा, “इंटरनेशनल डंका बजाने का समय आ गया है।” उनकी अपील का उद्देश्य कथित वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी चिंताओं को भारत के बाहर भी चर्चा में लाना है। हालांकि, मतदाता सूची में गड़बड़ी से संबंधित आरोपों और उनके आधार को लेकर संबंधित पक्षों के दावों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
दिल्ली में प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिए गए थे ध्रुव राठी
लंदन में प्रदर्शन की अपील से पहले ध्रुव राठी दिल्ली में प्रस्तावित विरोध कार्यक्रम को लेकर भी चर्चा में आए थे। 10 अक्टूबर को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन बुलाया गया था। इस कार्यक्रम से पहले दिल्ली पुलिस ने ध्रुव राठी को गुरुग्राम के सेक्टर-56 स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया था।
राठी ने बाद में सोशल मीडिया पर अपनी हिरासत को लेकर सवाल उठाए थे। वहीं, दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी थी और सुरक्षा व्यवस्था का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों की आवाजाही पर निगरानी रखी थी। इस घटना के बाद विरोध प्रदर्शन की अनुमति, पुलिस की कार्रवाई और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताने के अधिकार को लेकर भी बहस हुई।
चुनाव आयोग और SIR को लेकर क्या हैं आरोप?
भारत में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी विवाद के केंद्र में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision यानी SIR) है। CJP और प्रदर्शन से जुड़े कुछ समूहों ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाया है। इन समूहों का दावा है कि मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया में बदलाव और फॉर्म-6 से जुड़े मुद्दों की जांच होनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उनके इस्तीफे की मांग भी की है। हालांकि, ये प्रदर्शनकारियों के आरोप और मांगें हैं; इन्हें अपने आप में साबित तथ्य नहीं माना जा सकता। चुनाव आयोग की प्रक्रिया और उससे जुड़े दावों का आकलन आधिकारिक जानकारी तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाना चाहिए।
भारतीय उच्चायोग के बाहर शुक्रवार को हुआ प्रदर्शन
लंदन में ध्रुव राठी की अपील से एक दिन पहले, शुक्रवार 16 अक्टूबर को भारतीय उच्चायोग के बाहर भी प्रदर्शन हुआ। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) की यूके इकाई ने यह विरोध प्रदर्शन आयोजित किया था। इसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए और भारत में मतदाता सूची के पुनरीक्षण तथा चुनावी प्रक्रिया से संबंधित मुद्दे उठाए गए।
इस प्रदर्शन के जवाब में भारत सरकार के समर्थकों का एक छोटा समूह भी वहां पहुंचा। दोनों पक्षों ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए और नारेबाजी की। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने सभा को संबोधित करते हुए चुनावी पारदर्शिता, लोकतांत्रिक अधिकारों और भारत की राजनीतिक स्थिति पर अपनी राय रखी। इस तरह लंदन में भारतीय समुदाय के अलग-अलग समूहों के बीच चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर सार्वजनिक असहमति सामने आई।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया भारतीय चुनावी विवाद
दिल्ली से शुरू हुआ चुनाव आयोग और SIR से संबंधित विवाद अब विदेशों में रहने वाले भारतीय समुदाय के कुछ समूहों के प्रदर्शनों के जरिए भी चर्चा में है। लंदन में पहले भारतीय उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन हुआ और अब ध्रुव राठी ने पार्लियामेंट स्क्वायर पर विरोध कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की है।
निष्कर्ष:
ध्रुव राठी की अपील के साथ कथित वोट चोरी और मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़ा मुद्दा अंतरराष्ट्रीय चर्चा में आया है। इस मामले में प्रदर्शनकारियों की मांगों, चुनाव आयोग से संबंधित आधिकारिक तथ्यों और प्रशासन की कार्रवाई को अलग-अलग समझना महत्वपूर्ण होगा।
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