BMC Waste Recycling Project: मुंबई में 23.38 करोड़ रुपये से आधुनिक बनेंगे सूखे कचरे के छंटाई केंद्र, पांच स्थानों पर लगेंगी नई मशीनें

19 Oct 2026 - 12:48
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BMC Waste Recycling Project: मुंबई में 23.38 करोड़ रुपये से आधुनिक बनेंगे सूखे कचरे के छंटाई केंद्र, पांच स्थानों पर लगेंगी नई मशीनें

मुंबई में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) पुराने सूखे कचरे के छंटाई केंद्रों को आधुनिक संसाधन पुनर्प्राप्ति केंद्रों (Resource Recovery Centres) में बदलने की तैयारी कर रही है। इस परियोजना के तहत शहर और उपनगरों के पांच प्रमुख केंद्रों को आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। इसके लिए लगभग 23 करोड़ 37 लाख 76 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना का उद्देश्य कचरे से दोबारा इस्तेमाल होने वाली सामग्री को अलग करने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।

इस काम के लिए बीएमसी ने राइट्स लिमिटेड (RITES Limited) को तकनीकी सलाहकार नियुक्त किया है। संस्था परियोजना की तकनीकी योजना तैयार करने के साथ-साथ निविदा प्रक्रिया, मशीनों की स्थापना, गुणवत्ता जांच और कर्मचारियों के प्रशिक्षण में भी सहयोग करेगी। सलाहकार संस्था को 92 लाख 57 हजार 185 रुपये का भुगतान करने का प्रस्ताव बीएमसी की स्थायी समिति के सामने मंजूरी के लिए रखा गया है।

मुंबई में प्रतिदिन बड़ी मात्रा में कचरा जमा होता है। ऐसे में सूखे कचरे से प्लास्टिक, कागज और अन्य पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग करना महत्वपूर्ण है। आधुनिक केंद्रों के माध्यम से इस प्रक्रिया को बेहतर बनाने और डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचने वाले कचरे की मात्रा कम करने की योजना है।

मुंबई में रोजाना 7,000 मीट्रिक टन तक जमा होता है कचरा

मुंबई में प्रतिदिन लगभग 6,500 से 7,000 मीट्रिक टन कचरा जमा होता है। इसमें करीब 30 से 40 प्रतिशत हिस्सा प्लास्टिक, कागज और दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले अन्य सामान का बताया गया है। इतनी बड़ी मात्रा में कचरे का प्रबंधन करना महानगरपालिका के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती है।

सूखे कचरे में मौजूद पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग करके उसका दोबारा उपयोग किया जा सकता है। इससे उपयोगी संसाधनों को पूरी तरह बेकार होने से बचाने और कचरे के निपटान की व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए छंटाई केंद्रों में पर्याप्त क्षमता, आधुनिक मशीनों और व्यवस्थित कार्यप्रणाली की आवश्यकता होती है।

मौजूदा केंद्रों की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए बीएमसी ने पांच प्रमुख स्थानों पर स्थित सूखे कचरे के छंटाई केंद्रों को आधुनिक बनाने की योजना तैयार की है। परियोजना के तहत इन केंद्रों में तकनीकी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।

पांच केंद्रों पर लगेंगी आधुनिक मशीनें

परियोजना के अंतर्गत शहर और उपनगरों के पांच प्रमुख सूखे कचरा छंटाई केंद्रों को आधुनिक संसाधन पुनर्प्राप्ति केंद्रों में बदला जाएगा। यहां आधुनिक मशीनें, कम ऊर्जा खर्च करने वाली तकनीक और बेहतर कार्यप्रणाली अपनाने की योजना है। इससे कचरे में से पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग करने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा।

नई व्यवस्था में प्लास्टिक, कागज और अन्य उपयोगी सामग्री की छंटाई को प्रभावी बनाने पर जोर रहेगा। आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल से कचरे के प्रसंस्करण की क्षमता बढ़ाने और कामकाज को व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इन केंद्रों का आधुनिकीकरण केवल मशीनें लगाने तक सीमित नहीं होगा। परियोजना में तकनीकी योजना, स्थापना के काम की निगरानी, गुणवत्ता की जांच और कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने जैसे कार्य भी शामिल हैं। इससे केंद्रों पर नई तकनीक का सही तरीके से उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में काम किया जाएगा।

23.37 करोड़ रुपये की परियोजना, RITES को मिलेगी जिम्मेदारी

बीएमसी की इस परियोजना पर लगभग 23 करोड़ 37 लाख 76 हजार रुपये खर्च होने का अनुमान है। वहीं, तकनीकी सलाहकार के रूप में नियुक्त राइट्स लिमिटेड को 92 लाख 57 हजार 185 रुपये का भुगतान करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रस्ताव पर बीएमसी की स्थायी समिति की मंजूरी ली जानी है।

राइट्स लिमिटेड की भूमिका परियोजना की योजना तैयार करने से लेकर उसके क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न तकनीकी कार्यों में सहयोग देने तक रहेगी। संस्था निविदा प्रक्रिया में सहायता करेगी और मशीनों की स्थापना के दौरान गुणवत्ता की निगरानी भी करेगी।

इसके अलावा, स्थापित मशीनों का परीक्षण और संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी भी सलाहकार संस्था को सौंपी जाएगी। इन प्रक्रियाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि आधुनिक केंद्र निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार काम कर सकें।

स्थायी समिति की अंतिम मंजूरी मिलने के बाद निविदा प्रक्रिया और परियोजना से जुड़े काम शुरू किए जाएंगे। इसके बाद केंद्रों के आधुनिकीकरण की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कचरा प्रबंधन के साथ रोजगार के अवसरों पर भी जोर

आधुनिक संसाधन पुनर्प्राप्ति केंद्रों से कचरे के पुनर्चक्रण की व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ डंपिंग ग्राउंड पर पड़ने वाले दबाव को कम करने की उम्मीद है। जब सूखे कचरे से दोबारा उपयोग की जा सकने वाली सामग्री को अलग किया जाएगा, तो निपटान के लिए भेजे जाने वाले कचरे की मात्रा घटाने में मदद मिल सकती है।

इस परियोजना का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू कचरा बीनने वालों के लिए बेहतर और सम्मानजनक रोजगार के अवसर बढ़ाना है। कचरा प्रबंधन के असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों को व्यवस्थित व्यवस्था से जोड़ने की संभावनाओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।

हालांकि, इन उद्देश्यों की प्राप्ति केंद्रों की वास्तविक कार्यक्षमता, मशीनों के प्रभावी इस्तेमाल और परियोजना के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षित कर्मचारियों के माध्यम से कचरे की छंटाई को अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में यह परियोजना महत्वपूर्ण कदम हो सकती है।

निष्कर्ष

मुंबई में बीएमसी की प्रस्तावित 23.37 करोड़ रुपये की कचरा पुनर्चक्रण परियोजना के तहत पांच पुराने छंटाई केंद्रों को आधुनिक संसाधन पुनर्प्राप्ति केंद्रों में बदला जाएगा। राइट्स लिमिटेड तकनीकी योजना, मशीनों की स्थापना, गुणवत्ता जांच और प्रशिक्षण में सहयोग करेगी। स्थायी समिति की मंजूरी के बाद निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। परियोजना से सूखे कचरे की बेहतर छंटाई, पुनर्चक्रण और डंपिंग ग्राउंड तक पहुंचने वाले कचरे की मात्रा कम करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।

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