विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम, विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन की दी गई जानकारी

12 Oct 2026 - 15:52
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विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में जागरूकता कार्यक्रम, विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन की दी गई जानकारी

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय (Government Dental College) में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से परिचित कराना तथा उन्हें पढ़ाई, करियर और भविष्य की जिम्मेदारियों से जुड़े तनाव को बेहतर तरीके से संभालने के लिए जागरूक करना था। कार्यक्रम में मानसिक रूप से स्वस्थ रहने और संतुलित जीवनशैली अपनाने पर विशेष जोर दिया गया।

चिकित्सा शिक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण और भविष्य के पेशेवर जीवन की तैयारी भी करनी पड़ती है। ऐसे में शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी जरूरी है। इसी विषय को केंद्र में रखते हुए आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों, तनाव कम करने के उपायों और दैनिक जीवन में अच्छी आदतों को शामिल करने के बारे में जानकारी दी गई।

कार्यक्रम का समन्वय डॉ. आर. के. दुबे ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने के साथ समाज में इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के लिए भी प्रेरित किया। कार्यक्रम में UG और PG के विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई तथा मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर चर्चा में रुचि दिखाई।

 विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह समझाने का प्रयास किया गया कि मानसिक स्वास्थ्य व्यक्ति के संपूर्ण स्वास्थ्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पढ़ाई और करियर की तैयारी के दौरान उत्पन्न होने वाला दबाव विद्यार्थियों की दिनचर्या को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में अपनी मानसिक स्थिति को समझना और जीवन में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

कार्यक्रम के दौरान मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी विभिन्न चुनौतियों पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि व्यस्त दिनचर्या के बीच स्वयं के लिए समय निकालना, अच्छी आदतें अपनाना और अपनी परेशानियों को समझना महत्वपूर्ण है। जागरूकता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार दृष्टिकोण अपनाने के लिए प्रेरित करना था।

 चिकित्सा विद्यार्थियों के लिए तनाव प्रबंधन क्यों जरूरी

चिकित्सा क्षेत्र में शिक्षा और कार्य की जिम्मेदारियां अधिक होती हैं। विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई, परीक्षाओं, व्यावहारिक प्रशिक्षण और करियर की तैयारी पर ध्यान देना पड़ता है। इन परिस्थितियों में तनाव को उचित तरीके से संभालना उनके व्यक्तिगत जीवन और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

कार्यक्रम में पढ़ाई और करियर से जुड़े तनाव को कम करने के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को संतुलित जीवनशैली अपनाने तथा अपनी दिनचर्या में सकारात्मक बदलाव करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। इसका उद्देश्य उन्हें मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाना और व्यस्त शैक्षणिक जीवन में भी स्वयं की देखभाल के महत्व को समझाना था।

डॉ. आर. के. दुबे ने मानसिक स्वास्थ्य पर दिया जोर

कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. आर. के. दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में पढ़ाई और काम का दबाव अधिक रहता है। इसलिए विद्यार्थियों के लिए शारीरिक स्वास्थ्य के साथ मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के साथ मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना भी जरूरी है।

डॉ. दुबे ने विद्यार्थियों को स्वयं मानसिक रूप से स्वस्थ रहने और समाज में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया। चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थी भविष्य में समाज के विभिन्न वर्गों के संपर्क में आएंगे। ऐसे में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति उनकी समझ और जागरूकता लोगों तक सही जानकारी पहुंचाने में उपयोगी हो सकती है।

 योग, ध्यान और संवाद जैसी आदतें अपनाने की सलाह

जागरूकता कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को दैनिक जीवन में योग, ध्यान और संवाद जैसी अच्छी आदतों को शामिल करने की सलाह दी गई। इन गतिविधियों को संतुलित दिनचर्या का हिस्सा बनाने पर जोर दिया गया, ताकि विद्यार्थी अपनी व्यस्त पढ़ाई के बीच मानसिक स्वास्थ्य की देखभाल के लिए भी समय निकाल सकें।

कार्यक्रम में संवाद के महत्व पर भी ध्यान दिया गया। अपनी बात साझा करना और दूसरों की बात को समझना मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सकारात्मक वातावरण बनाने में सहायक हो सकता है। विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों को गंभीरता से समझने और इस विषय पर खुलकर चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

UG और PG विद्यार्थियों ने लिया सक्रिय हिस्सा

कार्यक्रम में शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय के स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े विषयों में रुचि दिखाई और चर्चा में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। विद्यार्थियों की भागीदारी ने कार्यक्रम को संवादपरक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम चिकित्सा शिक्षा के दौरान मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को समझने का अवसर प्रदान करते हैं। इनके माध्यम से विद्यार्थियों को तनाव प्रबंधन, संतुलित जीवनशैली और समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने जैसे विषयों पर विचार करने का अवसर मिलता है।

निष्कर्ष

शासकीय दंत चिकित्सा महाविद्यालय में विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम का केंद्र विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति सजग बनाना और तनाव प्रबंधन के महत्व को समझाना रहा। डॉ. आर. के. दुबे के समन्वय में आयोजित इस कार्यक्रम में योग, ध्यान, संवाद और संतुलित जीवनशैली जैसी आदतों पर जोर दिया गया। साथ ही विद्यार्थियों को समाज में मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने में योगदान देने के लिए प्रेरित किया गया।

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