छत्रपति संभाजीनगर में CMIA की AI कार्यशाला, 40 उद्यमियों ने सीखा कारोबार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल

17 Oct 2026 - 14:12
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छत्रपति संभाजीनगर में CMIA की AI कार्यशाला, 40 उद्यमियों ने सीखा कारोबार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल

छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में उद्योगों और कारोबार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के व्यावहारिक उपयोग को समझाने के लिए चेंबर ऑफ मराठवाड़ा इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (CMIA) की ओर से दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें करीब 40 उद्यमियों, कारोबारियों और विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य प्रतिभागियों को AI आधारित तकनीकों, उनके व्यावसायिक उपयोग और डेटा सुरक्षा से जुड़ी जरूरी सावधानियों की जानकारी देना था।

कार्यशाला के दौरान बताया गया कि AI का इस्तेमाल उत्पादन, वित्त, विपणन और मानव संसाधन प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किया जा सकता है। इसके साथ ही प्रतिभागियों को मुफ्त और सशुल्क AI टूल के बीच अंतर, सही टूल का चयन करने और प्रभावी परिणाम प्राप्त करने के लिए निर्देश यानी प्रॉम्प्ट तैयार करने की तकनीक भी समझाई गई।

कार्यक्रम में इस बात पर भी जोर दिया गया कि नई तकनीक अपनाते समय कंपनियों को अपने व्यावसायिक दस्तावेजों और ग्राहकों की गोपनीय जानकारी की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। AI का जिम्मेदार और व्यावहारिक इस्तेमाल उद्योगों के कामकाज को बेहतर बनाने में किस तरह सहायक हो सकता है, यह कार्यशाला का प्रमुख विषय रहा।

CMIA की दो दिवसीय कार्यशाला में AI पर विशेष प्रशिक्षण

चेंबर ऑफ मराठवाड़ा इंडस्ट्रीज एंड एग्रीकल्चर (CMIA) ने उद्योग जगत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की बढ़ती उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए इस कार्यशाला का आयोजन किया। इसमें प्रतिभागियों को बताया गया कि AI केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उपयोग विभिन्न व्यावसायिक प्रक्रियाओं में भी किया जा सकता है।

कार्यशाला में व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया कि कंपनियां अपनी जरूरतों के अनुसार AI टूल का इस्तेमाल करके कामकाज को व्यवस्थित करने, समय बचाने और उपलब्ध जानकारी का बेहतर विश्लेषण करने में सहायता प्राप्त कर सकती हैं।

इस दौरान कारोबारियों को AI की बुनियादी अवधारणाओं के साथ उसके वास्तविक उपयोग से परिचित कराया गया। कार्यक्रम का फोकस इस बात पर रहा कि उद्यमी नई तकनीक को केवल समझें ही नहीं, बल्कि अपने व्यवसाय की जरूरतों के अनुरूप उसके इस्तेमाल के तरीके भी जान सकें।

उत्पादन, वित्त और मार्केटिंग में AI की भूमिका

कार्यशाला में उद्योगों के विभिन्न विभागों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें उत्पादन, वित्त, विपणन और मानव संसाधन प्रबंधन प्रमुख रहे। प्रतिभागियों को बताया गया कि AI की मदद से जानकारी का विश्लेषण करने, व्यावसायिक रिपोर्ट तैयार करने और लेखन से जुड़े कार्यों में सहायता ली जा सकती है।

उत्पादन क्षेत्र में आधुनिक प्रक्रियाओं को समझने और उपलब्ध जानकारी के आधार पर कामकाज की समीक्षा करने में AI की उपयोगिता के उदाहरण दिए गए। वित्त विभाग में डेटा के विश्लेषण और रिपोर्ट तैयार करने जैसे कार्यों में इसके संभावित इस्तेमाल पर चर्चा हुई। वहीं, विपणन और मानव संसाधन प्रबंधन में भी AI आधारित टूल की भूमिका को समझाया गया।

विशेषज्ञों ने बताया कि तकनीक का सही इस्तेमाल व्यावसायिक प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इसके परिणाम कारोबार की जरूरतों, उपलब्ध डेटा और टूल के उचित इस्तेमाल पर निर्भर करते हैं।

प्रॉम्प्टिंग और मुफ्त-पेड AI टूल की दी गई जानकारी

कार्यशाला का एक महत्वपूर्ण हिस्सा प्रॉम्प्टिंग तकनीक पर केंद्रित रहा। प्रॉम्प्ट का अर्थ उस निर्देश या सवाल से है, जिसे उपयोगकर्ता AI टूल को देता है। निर्देश जितना स्पष्ट और जरूरत के अनुरूप होगा, उपयोगी जवाब प्राप्त करने की संभावना उतनी ही बेहतर हो सकती है।

प्रतिभागियों को व्यावहारिक उदाहरणों के जरिए बताया गया कि AI से काम लेते समय निर्देश किस तरह तैयार किए जा सकते हैं। कारोबार से संबंधित लेखन, रिपोर्ट और जानकारी के विश्लेषण जैसे कार्यों में सही निर्देश देने की उपयोगिता समझाई गई।

इसके अलावा, मुफ्त और सशुल्क AI टूल के बीच अंतर भी स्पष्ट किया गया। प्रतिभागियों को कारोबार की जरूरत, टूल की सुविधाओं और उसके उपयोग के उद्देश्य के अनुसार विकल्प चुनने की जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य उद्यमियों को AI टूल चुनते समय अधिक व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाने में मदद करना था।

सीए उमेश शर्मा समेत विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन

कार्यशाला में  सीए उमेश शर्मा, सीए अभिनव शर्मा और रितेश शर्मा ने प्रतिभागियों को AI की अवधारणा, उसकी कार्यप्रणाली, उद्योगों में उपयोग और भविष्य की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी।

CMIA के मानद सचिव अजिंक्य सावे ने कार्यक्रम का परिचय प्रस्तुत किया। वहीं, CMIA की कार्यकारी समिति के सदस्य अनिकेत पाटील ने प्रतिभागियों के सवालों और उनसे जुड़ी चर्चाओं का संचालन किया। कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए।

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने AI से मिलने वाले संभावित लाभों के साथ उसके जिम्मेदार इस्तेमाल की आवश्यकता पर भी ध्यान दिलाया। इससे प्रतिभागियों को तकनीक के अवसरों और उससे जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों को समझने का अवसर मिला।

कंपनी और ग्राहकों के गोपनीय डेटा की सुरक्षा पर जोर

AI टूल का उपयोग करते समय डेटा सुरक्षा और गोपनीयता को महत्वपूर्ण विषय के रूप में सामने रखा गया। विशेषज्ञों ने बताया कि कंपनियों को AI प्लेटफॉर्म पर जानकारी साझा करने से पहले यह समझना चाहिए कि संबंधित टूल का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है और उसमें डेटा सुरक्षा के क्या प्रावधान हैं।

कंपनियों के आंतरिक दस्तावेज, कारोबारी जानकारियां, ग्राहकों का डेटा और कर्मचारियों से जुड़े संवेदनशील विवरण बिना उचित जांच के AI टूल में साझा नहीं किए जाने चाहिए। ऐसे मामलों में कंपनी की डेटा सुरक्षा नीतियों और संबंधित टूल की शर्तों का पालन करना जरूरी है।

निष्कर्ष:

छत्रपति संभाजीनगर में CMIA की दो दिवसीय AI कार्यशाला ने उद्यमियों और कंपनी प्रतिनिधियों को कारोबार में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक इस्तेमाल, सही टूल के चयन और डेटा सुरक्षा के महत्व से परिचित कराया। इस पहल का उद्देश्य मराठवाड़ा के उद्योगों में AI के जिम्मेदार उपयोग को प्रोत्साहित करना रहा।

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