Sheetal Devi World Record: शीतल देवी ने 704 अंक के साथ की विश्व रिकॉर्ड की बराबरी, पायल नाग ने हासिल किया पांचवां स्थान

19 Oct 2026 - 11:09
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Sheetal Devi World Record: शीतल देवी ने 704 अंक के साथ की विश्व रिकॉर्ड की बराबरी, पायल नाग ने हासिल किया पांचवां स्थान

जापान के आईची-नागोया में जारी पैरा एशियन गेम्स में भारतीय पैरा-आर्चरी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश की पदक उम्मीदों को मजबूत किया है। भारतीय तीरंदाज शीतल देवी ने महिलाओं के कंपाउंड क्वालिफिकेशन राउंड में 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और नया एशियन रिकॉर्ड बनाया। वहीं, भारत की एक अन्य प्रतिभाशाली तीरंदाज पायल नाग ने 675 अंकों के साथ पांचवां स्थान हासिल किया। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन से नॉकआउट चरण में भारत की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

यह मुकाबला जापान के ओकाजाकी शहर स्थित ओकाजाकी चुओ सोगो पार्क मल्टीपर्पस स्क्वायर में आयोजित किया जा रहा है। क्वालिफिकेशन राउंड में शीतल देवी ने बेहतरीन निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान हासिल करने की दिशा में मजबूत आधार तैयार किया। उनके 704 अंकों के स्कोर ने न केवल विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की, बल्कि पिछले एशियन रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। दूसरी ओर, पायल नाग ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय दल की ताकत को और बढ़ाया।

दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन के बाद अब नॉकआउट मुकाबलों पर सभी की निगाहें टिकी हैं। शीतल देवी और पायल नाग की मौजूदगी से भारत को इस स्पर्धा में कई पदक जीतने की उम्मीद है। हालांकि, अंतिम परिणाम आगामी मुकाबलों में उनके प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

शीतल देवी ने 704 अंक हासिल कर रचा इतिहास

भारतीय पैरा-आर्चर शीतल देवी ने महिलाओं के कंपाउंड क्वालिफिकेशन राउंड में कुल 720 में से 704 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और एशियाई स्तर पर नया रिकॉर्ड अपने नाम किया। इससे पहले इस स्पर्धा का एशियन रिकॉर्ड 698 अंकों का था। शीतल ने इस आंकड़े से 6 अंक अधिक हासिल कर नया एशियन रिकॉर्ड स्थापित किया।

क्वालिफिकेशन राउंड में उनका प्रदर्शन भारतीय तीरंदाजी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस चरण में खिलाड़ियों के स्कोर के आधार पर आगे के मुकाबलों के लिए उनकी सीडिंग तय होती है। शीतल के 704 अंकों ने उन्हें नॉकआउट चरण में शीर्ष वरीयता हासिल करने के लिए मजबूत स्थिति में पहुंचाया है।

शीतल देवी इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित कर चुकी हैं। कम उम्र में उन्होंने पैरा-आर्चरी में अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि निरंतर अभ्यास, कौशल और प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन के दम पर खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी सफलता हासिल कर सकते हैं।

पायल नाग ने 675 अंकों के साथ हासिल किया पांचवां स्थान

इस प्रतियोगिता में भारत की दूसरी प्रमुख खिलाड़ी पायल नाग ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। उन्होंने क्वालिफिकेशन राउंड में 675 अंक हासिल करते हुए स्टैंडिंग में पांचवां स्थान प्राप्त किया। उनके इस प्रदर्शन ने भारतीय दल की स्थिति को मजबूत किया और नॉकआउट चरण में आगे बढ़ने की संभावनाओं को बढ़ाया।

पायल नाग अंतरराष्ट्रीय पैरा-आर्चरी सर्किट में उभरती हुई खिलाड़ी हैं। उन्होंने बैंकॉक में आयोजित 2026 वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में स्वर्ण पदक जीता था। यह उपलब्धि उनके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते अनुभव और प्रतिस्पर्धी क्षमता को दर्शाती है।

पायल पहले अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में शीतल देवी को भी शिकस्त दे चुकी हैं। इससे स्पष्ट होता है कि भारतीय महिला कंपाउंड तीरंदाजी में एक से अधिक खिलाड़ी मजबूत चुनौती पेश करने की क्षमता रखती हैं। शीतल और पायल दोनों का अच्छा प्रदर्शन भारत के लिए इस स्पर्धा को महत्वपूर्ण बनाता है।

क्वालिफिकेशन के बाद नॉकआउट मुकाबलों पर नजर

क्वालिफिकेशन राउंड किसी भी तीरंदाजी प्रतियोगिता का महत्वपूर्ण चरण होता है। इसमें खिलाड़ियों के स्कोर के आधार पर उनकी रैंकिंग और आगे के मुकाबलों के लिए सीडिंग तय होती है। बेहतर रैंकिंग मिलने से खिलाड़ी नॉकआउट चरण में अपनी स्थिति मजबूत कर सकते हैं।

शीतल देवी ने 704 अंकों के साथ ऐसा ही मजबूत प्रदर्शन किया है। उनके इस स्कोर ने उन्हें एलिमिनेशन राउंड के लिए नंबर-1 सीडिंग की दावेदारी में प्रमुख स्थान पर पहुंचाया है। वहीं, पायल नाग के 675 अंक भी उन्हें प्रतिस्पर्धा में मजबूत स्थिति प्रदान करते हैं।

अब दोनों भारतीय खिलाड़ियों के सामने अगले चरण में अपने प्रदर्शन को बरकरार रखने की चुनौती होगी। क्वालिफिकेशन में अच्छा स्कोर हासिल करने के बाद नॉकआउट मुकाबलों में प्रत्येक निशाना महत्वपूर्ण होगा। ऐसे में भारतीय प्रशंसकों की नजरें इस बात पर रहेंगी कि दोनों खिलाड़ी आगामी मुकाबलों में किस तरह प्रदर्शन करती हैं।

शीतल देवी की पिछली उपलब्धियां भी चर्चा में

शीतल देवी का अंतरराष्ट्रीय सफर पहले भी कई बड़ी उपलब्धियों से जुड़ा रहा है। उन्होंने हांगझोऊ 2023 एशियन पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद 2024 पेरिस पैरालंपिक में कांस्य पदक हासिल कर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी क्षमता साबित की।

इन उपलब्धियों के बाद आईची-नागोया में उनका रिकॉर्ड की बराबरी करने वाला प्रदर्शन उनके खेल करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है। 704 अंकों के साथ उन्होंने न केवल अपनी निरंतरता दिखाई, बल्कि एशियाई रिकॉर्ड को भी नए स्तर पर पहुंचाया।

पायल नाग की उपलब्धियों के साथ शीतल देवी का यह प्रदर्शन भारतीय पैरा-आर्चरी के लिए उत्साहजनक है। दोनों खिलाड़ियों ने क्वालिफिकेशन राउंड में मजबूत शुरुआत की है। अब उनकी निगाहें आगामी एलिमिनेशन मुकाबलों पर होंगी, जहां बेहतर प्रदर्शन के जरिए पदक की उम्मीदों को वास्तविक परिणाम में बदलने का अवसर मिलेगा।

निष्कर्ष

जापान के आईची-नागोया में जारी पैरा एशियन गेम्स में शीतल देवी के 704 अंक और विश्व रिकॉर्ड की बराबरी ने भारतीय तीरंदाजी को बड़ी उपलब्धि दिलाई है। वहीं, पायल नाग के 675 अंकों के साथ पांचवें स्थान पर रहने से भारत की स्थिति और मजबूत हुई है। दोनों खिलाड़ियों ने क्वालिफिकेशन में शानदार प्रदर्शन कर नॉकआउट चरण के लिए उम्मीदें बढ़ा दी हैं। अब आगामी मुकाबलों में उनके प्रदर्शन पर भारत की पदक संभावनाएं निर्भर करेंगी।

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