Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में पल्सर बाइक की जांच तेज, तीन बार हुई थी खरीद-बिक्री

19 Oct 2026 - 11:42
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Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ फायरिंग मामले में पल्सर बाइक की जांच तेज, तीन बार हुई थी खरीद-बिक्री

मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस की जांच अब एक संदिग्ध पल्सर मोटरसाइकिल पर केंद्रित हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार, वारदात से जुड़ी इस बाइक की पहले तीन बार खरीद-बिक्री हुई थी। पुलिस अब मोटरसाइकिल के पुराने मालिकों, उसके रजिस्ट्रेशन और खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही है। इस मामले में बाइक के रजिस्टर्ड मालिक से भी पूछताछ की जा रही है।

जांच एजेंसियों के लिए मोटरसाइकिल का इतिहास अहम कड़ी माना जा रहा है, क्योंकि कई बार मालिक बदलने के बावजूद वाहन के आधिकारिक दस्तावेजों में बदलाव नहीं हुआ था। ऐसे में पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बाइक किन-किन लोगों के पास रही और यह कथित तौर पर हमलावरों तक कैसे पहुंची।

रिपोर्ट के मुताबिक, संदिग्ध पीले रंग की पल्सर बाइक अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास लावारिस हालत में मिली थी। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर डीएन नगर पुलिस स्टेशन पहुंचाया। अब बाइक से जुड़े दस्तावेजों और पुराने मालिकों की जानकारी के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

अंधेरी वेस्ट में मिली संदिग्ध पल्सर बाइक

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस हमलावरों की पहचान करने और उनके आने-जाने के रास्तों का पता लगाने में जुटी है। इसी दौरान जांच में सामने आई पल्सर मोटरसाइकिल महत्वपूर्ण कड़ी बन गई। रिपोर्ट के अनुसार, वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए थे और संदिग्ध बाइक अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास लावारिस हालत में मिली।

वाहन मिलने के बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में लेकर डीएन नगर पुलिस स्टेशन पहुंचाया। इसके बाद बाइक से जुड़े तथ्यों और उसके पुराने रिकॉर्ड की जांच शुरू की गई। पुलिस आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से भी मामले से संबंधित जानकारी जुटाने में लगी है।

तीन बार हो चुकी थी बाइक की खरीद-बिक्री

पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, इस पल्सर मोटरसाइकिल की तीन बार खरीद-बिक्री हुई थी। बताया गया है कि बाइक का पहला मालिक जोगेश्वरी इलाके का रहने वाला एक व्यक्ति था। उसने मोटरसाइकिल दूसरे व्यक्ति को बेची थी। इसके बाद बाइक दूसरे खरीदार से तीसरे व्यक्ति के पास पहुंची।

रिपोर्ट के मुताबिक, कथित हमलावरों को यह बाइक तीसरे व्यक्ति से मिली थी। पुलिस अब इस पूरी कड़ी को समझने की कोशिश कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि मोटरसाइकिल किन परिस्थितियों में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंची।

इस तरह के मामलों में वाहन की खरीद-बिक्री से जुड़े रिकॉर्ड जांच के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं। पुलिस पुराने मालिकों और मौजूदा कब्जाधारक के बीच संबंधों की पड़ताल कर रही है। हालांकि, बाइक की खरीद-बिक्री से जुड़ी जानकारी के आधार पर ही किसी व्यक्ति की संलिप्तता तय नहीं की जा सकती।

आरटीओ रिकॉर्ड में पुराने मालिक का नाम

इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू बाइक के आधिकारिक दस्तावेजों से जुड़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, मोटरसाइकिल की कई बार खरीद-बिक्री होने के बावजूद आरटीओ रिकॉर्ड में उसका पंजीकृत मालिक वही पुराना व्यक्ति है। यानी वाहन के वास्तविक उपयोग और आधिकारिक रिकॉर्ड के बीच अंतर होने की बात सामने आई है।

इसी वजह से पुलिस बाइक के रजिस्टर्ड मालिक से पूछताछ कर रही है। जांच के दौरान यह समझने की कोशिश की जा रही है कि वाहन का हस्तांतरण किन लोगों के बीच हुआ और दस्तावेजों में मालिकाना हक क्यों नहीं बदला गया।

पुलिस के लिए यह जानना भी जरूरी है कि बाइक के मौजूदा इस्तेमाल से जुड़े लोगों की पहचान क्या है और वाहन हमलावरों तक किस माध्यम से पहुंचा। पुराने दस्तावेजों और खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड की जांच से इस संबंध में जानकारी मिलने की उम्मीद है।

सीसीटीवी फुटेज और दूसरे सबूतों की पड़ताल

मामले की जांच में पुलिस आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज की भी पड़ताल कर रही है। इन फुटेज से संदिग्ध मोटरसाइकिल की गतिविधियों और उससे जुड़े घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटाने में मदद मिल सकती है।

रिपोर्ट के मुताबिक, फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल और बरामद बाइक से संबंधित नमूनों की शुरुआती जांच भी की है। ऐसे सबूतों का विश्लेषण जांच के अन्य पहलुओं के साथ किया जा सकता है। पुलिस बाइक के रिकॉर्ड, पुराने मालिकों से मिली जानकारी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जोड़कर मामले की कड़ियां स्पष्ट करने में जुटी है।

फिलहाल जांच का प्रमुख उद्देश्य बाइक की खरीद-बिक्री का पूरा क्रम समझना और कथित हमलावरों तक उसकी पहुंच का पता लगाना है। इस संबंध में पूछताछ और रिकॉर्ड की जांच से आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होंगी आगे की कड़ियां

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पल्सर बाइक की बरामदगी और उसके पुराने रिकॉर्ड की पड़ताल जांच का अहम हिस्सा बन गई है। तीन बार खरीद-बिक्री, आरटीओ रिकॉर्ड में पुराने मालिक का नाम और बाइक के तीसरे खरीदार से कथित हमलावरों तक पहुंचने की जानकारी पुलिस के लिए महत्वपूर्ण बिंदु हैं।

निष्कर्ष

मुंबई पुलिस बाइक के पुराने मालिकों, दस्तावेजों और सीसीटीवी फुटेज की जांच के जरिए मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पूछताछ और उपलब्ध सबूतों के विश्लेषण के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस मोटरसाइकिल की भूमिका क्या थी और कथित हमलावरों तक यह कैसे पहुंची।

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