अकोला में HPV टीकाकरण अभियान को नहीं मिल रही अपेक्षित गति, अब 31 दिसंबर तक चलेगा अभियान

04 Oct 2026 - 11:51
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अकोला में HPV टीकाकरण अभियान को नहीं मिल रही अपेक्षित गति, अब 31 दिसंबर तक चलेगा अभियान

अकोला जिले में किशोरियों को गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से बचाव के उद्देश्य से चलाया जा रहा एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमावायरस) टीकाकरण अभियान निर्धारित गति से आगे नहीं बढ़ पा रहा है। पात्र बालिकाओं के टीकाकरण में अभिभावकों की शंकाएं, जानकारी का अभाव और टीके को लेकर भ्रम स्वास्थ्य विभाग के सामने प्रमुख चुनौती बनकर सामने आए हैं।

स्थिति को देखते हुए अब अभियान की समयसीमा बढ़ा दी गई है। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार 14 वर्ष की पात्र बालिकाओं का टीकाकरण पूरा कराने के लिए अभियान अब 31 दिसंबर 2026 तक जारी रहेगा। इससे स्वास्थ्य विभाग को शेष पात्र बालिकाओं तक पहुंचने और अभिभावकों को टीके के संबंध में सही जानकारी देने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

अभिभावकों की शंकाओं से प्रभावित हो रहा अभियान

स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से एचपीवी टीकाकरण को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य कर्मचारी पात्र बालिकाओं की पहचान के साथ उनके अभिभावकों से संपर्क कर टीकाकरण के संबंध में जानकारी दे रहे हैं।

इसके बावजूद कुछ क्षेत्रों में अभिभावकों के बीच टीके को लेकर भ्रम और शंकाएं बनी हुई हैं। जानकारी की कमी के कारण कुछ अभिभावक अपनी पात्र बालिकाओं का टीकाकरण कराने को लेकर आश्वस्त नहीं हैं। इससे जिले में निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

स्वास्थ्य विभाग का जोर अब अभिभावकों तक सही और विश्वसनीय जानकारी पहुंचाने पर है, ताकि टीकाकरण को लेकर किसी भी तरह की गलतफहमी दूर की जा सके।

एचपीवी संक्रमण को लेकर स्वास्थ्य विभाग का जागरूकता पर जोर

एचपीवी संक्रमण को गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर के प्रमुख जोखिम कारकों में माना जाता है। इसी वजह से निर्धारित आयु में पात्र बालिकाओं के टीकाकरण को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीकाकरण के साथ नियमित स्वास्थ्य जांच और बीमारी को लेकर जागरूकता पर भी जोर दिया जा रहा है।

विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि एचपीवी टीके को लेकर किसी भी तरह की शंका या भ्रम होने पर अफवाहों के आधार पर निर्णय न लें। इसके बजाय डॉक्टरों या स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों से जानकारी प्राप्त करें।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अभिभावकों तक सही जानकारी पहुंचने से टीकाकरण को लेकर बनी आशंकाओं को दूर करने में मदद मिल सकती है और पात्र बालिकाओं को अभियान का लाभ मिल सकेगा।

टीकाकरण अधिकारी ने अभिभावकों से की अपील

अकोला जिला परिषद के टीकाकरण अधिकारी विनोद करंजेकर ने अभिभावकों से अपनी पात्र बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण कराने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि अभिभावकों को किसी भी प्रकार का भय अपने मन में नहीं रखना चाहिए और पात्र बालिकाओं का एचपीवी टीकाकरण अवश्य करवाना चाहिए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीके को लेकर अभिभावकों की शंकाओं को दूर करने के लिए जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है।

करंजेकर की अपील ऐसे समय आई है, जब जिले में अभियान की अपेक्षित प्रगति नहीं होने के कारण इसकी समयसीमा बढ़ाई गई है।

8 मार्च से शुरू हुआ था अभियान, अब 31 दिसंबर तक चलेगा

महाराष्ट्र में एचपीवी टीकाकरण अभियान की शुरुआत 8 मार्च 2026 को हुई थी। अभियान को पहले 8 सितंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।

हालांकि, निर्धारित अवधि में पात्र बालिकाओं का टीकाकरण पूरा नहीं हो सका। इसके बाद केंद्र सरकार से प्राप्त निर्देशों के आधार पर अभियान की अवधि बढ़ाकर 31 दिसंबर 2026 कर दी गई है।

इस अतिरिक्त अवधि में स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य पात्र बालिकाओं तक पहुंचना और उनके अभिभावकों को टीके से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराना है। स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से अभियान को आगे बढ़ाया जा रहा है।

अकोला जिले में अब तक 1770 बालिकाओं को लगा टीका

जिले के अलग-अलग तहसीलों में अब तक कुल 1770 पात्र बालिकाओं को एचपीवी का टीका लगाया जा चुका है। तहसीलवार आंकड़े इस प्रकार हैं:

  • अकोला तहसील: 523 बालिकाएं
  • अकोट: 238 बालिकाएं
  • बालापुर: 157 बालिकाएं
  • बार्शीटाकली: 231 बालिकाएं
  • पातुर: 217 बालिकाएं
  • तेल्हारा: 240 बालिकाएं
  • मुर्तिजापुर: 164 बालिकाएं

इन आंकड़ों के अनुसार अकोला तहसील में अब तक सबसे अधिक 523 पात्र बालिकाओं का टीकाकरण हुआ है। वहीं बालापुर में 157 बालिकाओं को टीका लगाया गया है। जिले में अभियान की अवधि बढ़ने के बाद स्वास्थ्य विभाग के सामने अब शेष पात्र बालिकाओं तक पहुंचने की चुनौती है।

निष्कर्ष

अकोला जिले में एचपीवी टीकाकरण अभियान को अपेक्षित गति नहीं मिलने के पीछे अभिभावकों में जानकारी का अभाव और टीके को लेकर बनी शंकाएं प्रमुख कारणों में सामने आई हैं। इसी वजह से अभियान को अब 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ाया गया है। स्वास्थ्य विभाग अभिभावकों से अपील कर रहा है कि वे अफवाहों पर भरोसा करने के बजाय डॉक्टर या स्वास्थ्य कर्मचारियों से सही जानकारी लें और पात्र बालिकाओं का टीकाकरण करवाएं।

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