Railway Employees Bonus 2026: रेलवे कर्मचारियों को 78 दिनों का बोनस देने की मंजूरी, 11.72 लाख कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
त्योहारों से पहले केंद्र सरकार ने भारतीय रेलवे के लाखों कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) को मंजूरी दी है। केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले से 11 लाख 72 हजार से अधिक गैर-राजपत्रित (नॉन-गजेटेड) रेलवे कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इस बोनस के लिए कुल 2,029 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पात्र कर्मचारियों को उनके काम और रेलवे के परिचालन प्रदर्शन से जुड़े प्रोत्साहन के रूप में यह राशि दी जाती है।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे कर्मचारियों को हर साल दशहरा से पहले प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस दिया जाता है। इस साल भी पात्र कर्मचारियों को 78 दिनों के बोनस का लाभ मिलेगा। यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान माल ढुलाई और यात्री परिवहन में उल्लेखनीय आंकड़े दर्ज किए हैं।
78 दिनों के बोनस को कैबिनेट की मंजूरी
केंद्रीय कैबिनेट ने रेलवे कर्मचारियों के लिए 78 दिनों के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को स्वीकृति दी है। इस योजना का उद्देश्य कर्मचारियों को रेलवे के परिचालन कार्यों में उनके योगदान के लिए प्रोत्साहित करना है। बोनस के तहत पात्र कर्मचारियों को निर्धारित नियमों के अनुसार भुगतान किया जाता है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, रेलवे की कार्यक्षमता और परिचालन गतिविधियों में कर्मचारियों की भूमिका को ध्यान में रखते हुए यह प्रोत्साहन राशि दी जाती है। इस निर्णय से 11.72 लाख से अधिक कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। बोनस के भुगतान पर कुल 2,029 करोड़ रुपये का खर्च आएगा।
कर्मचारियों को अधिकतम 17,951 रुपये का लाभ
कैबिनेट से मिली मंजूरी के अनुसार, 78 दिनों के बोनस के तहत एक पात्र रेलवे कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपये मिलेंगे। बोनस की गणना निर्धारित वेतन सीमा और पात्रता संबंधी नियमों के आधार पर की जाती है। यह राशि कर्मचारियों के लिए त्योहारों से पहले अतिरिक्त आर्थिक सहायता के रूप में महत्वपूर्ण है।
इस बोनस के दायरे में रेलवे के विभिन्न विभागों में काम करने वाले कर्मचारी शामिल हैं। इनमें ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, टेक्नीशियन, पॉइंट्समैन, मिनिस्टीरियल स्टाफ और अन्य ग्रुप-सी कर्मचारी शामिल हैं। हालांकि, बोनस का लाभ संबंधित पात्रता शर्तों को पूरा करने वाले कर्मचारियों को ही दिया जाएगा।
हर साल दशहरा से पहले मिलता है बोनस
भारतीय रेलवे में पात्र गैर-राजपत्रित कर्मचारियों को हर साल दशहरा के त्योहार से पहले प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस देने की व्यवस्था है। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को रेलवे के कामकाज और परिचालन परिणामों में उनके योगदान के लिए प्रोत्साहित करना है। इस साल भी कैबिनेट की मंजूरी के बाद पात्र कर्मचारियों को 78 दिनों के बोनस का लाभ दिया जाएगा।
सरकार के अनुसार, बोनस के भुगतान से रेलवे के अलग-अलग विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। रेलवे का परिचालन बड़े स्तर पर कर्मचारियों के समन्वय, तकनीकी कार्यों और नियमित सेवाओं पर निर्भर करता है। ऐसे में यह बोनस कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देने वाली व्यवस्था का हिस्सा है।
2025-26 में रेलवे ने दर्ज किया रिकॉर्ड प्रदर्शन
बोनस की मंजूरी ऐसे समय में दी गई है, जब भारतीय रेलवे ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान माल ढुलाई और यात्री परिवहन में रिकॉर्ड आंकड़े दर्ज किए। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इस अवधि में रेलवे ने 1,670 मिलियन टन माल का सफलतापूर्वक परिवहन किया। वहीं, लगभग 7.41 अरब यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने में मदद की।
सरकार ने कहा कि कर्मचारियों का योगदान रेलवे के परिचालन प्रदर्शन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। माल ढुलाई और यात्री सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों की भागीदारी आवश्यक होती है। प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस इसी योगदान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिया जाता है।
बोनस की गणना को लेकर पहले उठी थी मांग
रेलवे कर्मचारियों के बोनस की गणना को लेकर पहले भी वेतन सीमा में बदलाव की मांग उठ चुकी है। मौजूदा व्यवस्था के तहत प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस की गणना के लिए 7,000 रुपये की वेतन सीमा और 78 दिनों के आधार को इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसी गणना के आधार पर अधिकतम 17,951 रुपये का बोनस निर्धारित होता है।
भारतीय रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने बोनस की गणना के लिए निर्धारित वेतन सीमा बढ़ाने की मांग की थी। संगठन ने लेवल-2 और उससे ऊपर के कर्मचारियों के लिए वेतन सीमा को 18,000 रुपये तक करने तथा महंगाई भत्ते (DA) को भी गणना में शामिल करने का सुझाव दिया था। इसके अलावा, विभिन्न वेतन स्तरों के आधार पर बोनस की गणना करने की मांग भी रखी गई थी।
हालांकि, कैबिनेट की वर्तमान मंजूरी के तहत पात्र कर्मचारियों को 78 दिनों के बोनस के लिए अधिकतम 17,951 रुपये मिलने का प्रावधान बताया गया है।
निष्कर्ष
केंद्र सरकार की ओर से 78 दिनों के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस को मंजूरी मिलने से 11.72 लाख से अधिक पात्र रेलवे कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। इस भुगतान पर 2,029 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे और प्रत्येक पात्र कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपये मिल सकते हैं। रेलवे के परिचालन प्रदर्शन के बीच लिया गया यह फैसला त्योहारों से पहले कर्मचारियों के लिए आर्थिक लाभ से जुड़ा महत्वपूर्ण कदम है।
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