मथुरा में पराली जलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई, DM चंद्र प्रकाश सिंह ने दिए FIR और जुर्माना वसूली के निर्देश
मथुरा: जिले में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ाने का फैसला किया है। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि खेतों में पराली जलाने की घटनाएं सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराई जाए। इसके साथ ही संबंधित किसानों को नोटिस जारी करने, नियमानुसार जुर्माना लगाने और उसकी वसूली सुनिश्चित करने को कहा गया है। प्रशासन का जोर केवल कार्रवाई तक सीमित न रहकर किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के प्रति जागरूक करने पर भी है।
जिलाधिकारी ने गांव-गांव मुनादी कराने, बैठकें आयोजित करने और चौपाल लगाकर किसानों को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखी जाए, ताकि पराली जलाने की घटनाओं को रोका जा सके और किसानों को उपलब्ध कृषि यंत्रों एवं अन्य संसाधनों के इस्तेमाल के लिए प्रेरित किया जा सके।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में पराली प्रबंधन के साथ ग्रामीण रोजगार, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, फैमिली आईडी, आईजीआरएस जनशिकायतों, गौशालाओं और विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने और लंबित कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
पराली जलाने पर FIR, नोटिस और जुर्माने की कार्रवाई
बैठक में पराली प्रबंधन की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह ने फसल अवशेष जलाने से पर्यावरण को होने वाले नुकसान को देखते हुए रोकथाम के प्रभावी उपाय अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को पराली जलाने के दुष्प्रभावों की जानकारी दी जाए और उन्हें फसल अवशेषों के उचित निस्तारण के विकल्पों के बारे में बताया जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए संबंधित विभागों को अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी करनी होगी। यदि कहीं फसल अवशेष जलाने की घटना सामने आती है, तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसमें एफआईआर दर्ज कराने, नोटिस जारी करने और जुर्माना वसूलने की प्रक्रिया भी शामिल है।
उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों को गांवों में जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके तहत मुनादी, ग्रामीण बैठकें और चौपाल आयोजित की जाएंगी। प्रशासन का उद्देश्य किसानों को जागरूक करने के साथ पराली प्रबंधन के लिए उपलब्ध कृषि संसाधनों का उपयोग बढ़ाना है।
गांवों में चौपाल से किसानों को किया जाएगा जागरूक
जिलाधिकारी ने ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों तक सीधे पहुंचने के लिए जागरूकता अभियान को प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गांवों में नियमित रूप से बैठकें और चौपाल आयोजित की जाएं, ताकि किसानों को फसल अवशेषों के प्रबंधन की जानकारी मिल सके। मुनादी के माध्यम से भी लोगों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान और प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई के बारे में बताया जाएगा।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में अभियान की निगरानी करें और शासन के निर्देशों के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करें। किसानों को उपलब्ध कृषि यंत्रों और संसाधनों के उपयोग के लिए प्रेरित करने पर भी जोर दिया गया, जिससे फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन किया जा सके।
बैठक में जिलाधिकारी ने गौशालाओं के लिए भूसे की उपलब्धता बनाए रखने पर भी चर्चा की। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को किसानों से भूसा दान कराने और जरूरत के अनुसार भूसा खरीदने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य गौशालाओं में गोवंश के लिए पर्याप्त चारे की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
रोजगार और प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा
समीक्षा बैठक में विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत संचालित कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका से जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने तथा पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने को कहा।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत स्वीकृत आवासों के निर्माण की स्थिति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित आवासों को निर्धारित समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए, ताकि पात्र लाभार्थियों के आवास निर्माण का काम समय पर पूरा हो सके।
इसके अलावा, स्वयं सहायता समूहों से संबंधित कार्यों की समीक्षा करते हुए महिलाओं को समूहों से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाने को कहा गया। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और पात्र लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाने पर ध्यान देने के निर्देश दिए।
40 नई राशन दुकानों में से 22 का निर्माण पूरा
बैठक में नई राशन दुकानों के निर्माण की स्थिति की जानकारी भी ली गई। इस दौरान जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार ने बताया कि जिले में कुल 40 नई राशन दुकानों का निर्माण कराया जाना है। इनमें से 22 दुकानों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि शेष दुकानों का निर्माण कार्य पूरा कराया जाना बाकी है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाकी दुकानों का निर्माण निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जाए। उन्होंने निर्माण कार्यों में तय मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण कार्यों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि इन केंद्रों का निर्माण निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा कराया जाए, ताकि बच्चों और महिलाओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिल सके।
IGRS शिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता पर जोर
बैठक में आईजीआरएस (जनशिकायत निस्तारण प्रणाली) के तहत प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक और संतोषजनक समाधान होना जरूरी है।
उन्होंने अधिकारियों को शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई करने, आवश्यकतानुसार मौके पर भौतिक सत्यापन कराने और निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से फीडबैक लेने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिकायतों का समाधान प्रभावी ढंग से हुआ है और संबंधित व्यक्ति को राहत मिली है।
फैमिली आईडी से जुड़े कार्यों में तेजी लाने के साथ पंचायती राज विभाग के सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन और अन्य लंबित देयकों का नियमानुसार जल्द निस्तारण करने को भी कहा गया।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. पूजा गुप्ता, जिला विकास अधिकारी गरिमा खरे, परियोजना निदेशक डीआरडीए अरुण कुमार उपाध्याय, उपायुक्त मनरेगा विजय कुमार पांडेय, जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल, जिला पूर्ति अधिकारी संजीव कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और सभी खंड विकास अधिकारी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
मथुरा जिला प्रशासन ने पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए जागरूकता अभियान और नियमानुसार कार्रवाई, दोनों पर जोर दिया है। गांवों में मुनादी और चौपाल के माध्यम से किसानों को जागरूक करने के साथ दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ग्रामीण रोजगार, आवास, राशन दुकानों के निर्माण और जनशिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की समीक्षा से स्पष्ट है कि प्रशासन ने विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने पर भी ध्यान केंद्रित किया है।
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