अभिजीत दिपके की आज मजिस्ट्रेट के सामने पेशी, दिल्ली पुलिस ने ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा से पहले लिया था हिरासत में

17 Oct 2026 - 12:20
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अभिजीत दिपके की आज मजिस्ट्रेट के सामने पेशी, दिल्ली पुलिस ने ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा से पहले लिया था हिरासत में

दिल्ली में प्रस्तावित ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा से पहले हिरासत में लिए गए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को शनिवार, 17 अक्टूबर को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्हें दोपहर करीब 12 बजे दिल्ली के मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाना है। दिपके की पेशी से पहले पुलिस स्टेशन में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।

अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को उनके नई दिल्ली स्थित आवास से एहतियाती हिरासत में लिया था। यह कार्रवाई उस समय हुई, जब राजधानी में चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों और तिरंगा यात्रा को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज थीं। पुलिस ने हिरासत के पीछे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का हवाला दिया था।

दिपके की पेशी की जानकारी उनकी वकील रत्ना सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। इस घटनाक्रम के बीच दिल्ली में प्रदर्शनकारियों की हिरासत, निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर मामला चर्चा में है।

अभिजीत दिपके की पेशी से पहले मंदिर मार्ग थाने में बढ़ाई गई सुरक्षा

अभिजीत दिपके को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किए जाने की सूचना के बाद मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। पुलिस की ओर से यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब राजधानी में तिरंगा यात्रा और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन को लेकर पहले से ही सतर्कता बरती जा रही है।

वकील रत्ना सिंह ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि दिपके को शनिवार दोपहर करीब 12 बजे मंदिर मार्ग पुलिस स्टेशन में स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया जाएगा। इस पेशी पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं और प्रदर्शन से जुड़े लोगों की नजर बनी हुई है।

CJP नेताओं ने आरोप लगाया है कि हिरासत में लिए जाने के बाद दिपके को किसी अज्ञात स्थान पर ले जाया गया था। उनका यह भी आरोप है कि शुरुआत में उन्हें अपने वकीलों से मिलने की तत्काल अनुमति नहीं दी गई। हालांकि, इन आरोपों के संबंध में पुलिस का पक्ष और मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली कार्यवाही की विस्तृत जानकारी अलग से सामने आना बाकी है।

‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा से पहले क्यों हुई कार्रवाई?

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 16 अक्टूबर को दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च निकालने का आह्वान किया था। इस कार्यक्रम के मद्देनजर राजधानी के कुछ प्रमुख इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई थी। दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को अभिजीत दिपके को उनके आवास से हिरासत में लिया।

पुलिस की कार्रवाई के पीछे BNSS की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा को वजह बताया गया। इस धारा के अंतर्गत प्रशासन किसी क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोगों के जमावड़े और कुछ गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा सकता है। हालांकि, किसी विशेष मामले में प्रतिबंधों का दायरा संबंधित आदेश पर निर्भर करता है।

दिपके की प्रस्तावित यात्रा को लेकर नई दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क के आसपास भी सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। कार्यक्रम की घोषणा के बाद सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को दो दिनों के लिए बंद रखा गया। इलाके में भारी बैरिकेडिंग की गई और अर्धसैनिक बलों को भी तैनात किया गया था।

निषेधाज्ञा के उल्लंघन पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की FIR

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार, शुक्रवार को कनॉट प्लेस और नई दिल्ली के अन्य हिस्सों में विरोध प्रदर्शनों के दौरान निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन को लेकर कई प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई हैं। पुलिस का कहना है कि लोगों से बार-बार एकत्र नहीं होने की अपील की गई थी, इसके बावजूद कनॉट प्लेस के आसपास भीड़ जमा हुई।

अधिकारियों ने बताया कि BNSS की धारा 163 के तहत जारी आदेशों का उल्लंघन किए जाने के मामलों में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क के बाहर तिरंगा रैली निकाली गई थी। इस दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और समर्थक भी एकत्र हुए। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध जताया।

इन घटनाओं के बाद दिल्ली में प्रदर्शन की अनुमति, निषेधाज्ञा के पालन और पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, पुलिस की ओर से दर्ज मामलों और हिरासत में लिए गए लोगों के संबंध में सभी विस्तृत जानकारियां एक साथ उपलब्ध नहीं कराई गई हैं।

नेहा बोरा समेत 150 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने का दावा

शुक्रवार को हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा को भी हिरासत में लिया गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्हें मंडी हाउस के पास से हिरासत में लिया गया था। इसके अलावा, प्रदर्शनों के दौरान 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इनमें छात्र और राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल बताए गए हैं।

प्रदर्शनकारियों की हिरासत ऐसे समय हुई, जब दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई हुई थी। पुलिस ने लोगों से निषेधाज्ञा का पालन करने और प्रतिबंधित स्थानों पर भीड़ एकत्र नहीं करने की अपील की थी।

इस मामले में यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अभिजीत दिपके के खिलाफ दर्ज ताजा मामला उनके पहले के एहतियाती मामले से अलग बताया गया है। इससे पहले 10 अक्टूबर को विमान से यात्रा करते समय भी उन्हें हिरासत में लिया गया था। उस मामले में उन्हें एक साल तक शांति बनाए रखने के लिए बॉन्ड भरना पड़ा था।

राजनीतिक विरोध और पुलिस कार्रवाई पर टिकी नजरें

दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा को लेकर हुए घटनाक्रम में एक ओर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन हुआ, वहीं दूसरी ओर पुलिस ने निषेधाज्ञा के कथित उल्लंघन पर कार्रवाई की। अभिजीत दिपके की मजिस्ट्रेट के सामने पेशी इस मामले का महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।

निष्कर्ष: 

अभिजीत दिपके की पेशी, CJP नेताओं के आरोप और दिल्ली पुलिस की ओर से दर्ज FIR के बीच अब आगे की कानूनी कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी। मामले में पुलिस का पक्ष, मजिस्ट्रेट के समक्ष होने वाली सुनवाई और हिरासत में लिए गए लोगों की स्थिति से जुड़ी जानकारी आगे के घटनाक्रम को स्पष्ट करेगी।

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