छत्तीसगढ़ में बिना RERA रजिस्ट्रेशन प्लॉट बेचना पड़ा महंगा, सालासार विहार के प्रमोटर पर 25 लाख रुपये का जुर्माना
छत्तीसगढ़ में रियल एस्टेट क्षेत्र में नियमों के उल्लंघन को लेकर छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (CG-RERA) ने सख्त कार्रवाई की है। रायपुर जिले के आरंग स्थित सालासार विहार परियोजना में बिना रेरा पंजीयन के भूखंडों की बिक्री किए जाने के मामले में प्राधिकरण ने प्रमोटर राजीव सोनी, पिता के.एल. सोनी, पर 25 लाख रुपये की शास्ति (अर्थदंड) अधिरोपित की है। यह कार्रवाई रियल एस्टेट परियोजनाओं के पंजीयन से जुड़े कानूनी प्रावधानों के उल्लंघन के मामले में की गई है।
प्राधिकरण के अनुसार, मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों और उपलब्ध तथ्यों की जांच के दौरान पाया गया कि सालासार विहार परियोजना के अंतर्गत भूमि को अलग-अलग भूखंडों में विभाजित करके उनका विक्रय किया गया, जबकि परियोजना का आवश्यक रेरा पंजीयन प्राप्त नहीं किया गया था। निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना भूखंडों की बिक्री को गंभीरता से लेते हुए प्राधिकरण ने संबंधित प्रमोटर के खिलाफ आर्थिक दंड लगाने का निर्णय लिया।
यह मामला उन संपत्ति खरीदारों के लिए भी महत्वपूर्ण है, जो आवासीय प्लॉट या अन्य रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश करने की योजना बना रहे हैं। रेरा पंजीयन की जांच करना और परियोजना की वैधानिक स्थिति की जानकारी प्राप्त करना संपत्ति खरीदने से पहले जरूरी कदम हैं। इससे खरीदारों को परियोजना से संबंधित आवश्यक जानकारियां जुटाने और संभावित विवादों से बचने में मदद मिल सकती है।
सालासार विहार परियोजना में क्या मिला उल्लंघन?
छत्तीसगढ़ रेरा के समक्ष प्रस्तुत मामले की जांच में सामने आया कि रायपुर जिले के आरंग स्थित सालासार विहार परियोजना में भूमि का भूखंडों के रूप में विभाजन कर उनकी बिक्री की गई थी। हालांकि, इसके लिए आवश्यक रेरा पंजीयन प्राप्त नहीं किया गया था। प्राधिकरण ने दस्तावेजों और उपलब्ध तथ्यों का परीक्षण करने के बाद इस गतिविधि को संबंधित कानून के प्रावधानों के विपरीत पाया।
मामले में प्रमोटर राजीव सोनी के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि निर्धारित श्रेणी की रियल एस्टेट परियोजनाओं के लिए पंजीयन अनिवार्य है। ऐसे में पंजीयन के बिना परियोजना के भूखंडों का विक्रय करना नियमों का उल्लंघन है। इस प्रकरण में कानून के तहत निर्धारित कार्रवाई करते हुए प्रमोटर पर 25 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।
RERA अधिनियम की धारा 3 का उल्लंघन
इस मामले में भू-संपदा (विनियमन और विकास) अधिनियम, 2016 की धारा 3 के प्रावधानों का उल्लंघन पाया गया। यह अधिनियम निर्धारित श्रेणी की रियल एस्टेट परियोजनाओं के पंजीयन और उनके नियमन से संबंधित है। इसका उद्देश्य रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता बनाए रखना और संपत्ति खरीदारों को परियोजनाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
अधिनियम के तहत संबंधित श्रेणी में आने वाली परियोजनाओं का रेरा में पंजीयन कराना आवश्यक होता है। पंजीयन के बिना ऐसी परियोजनाओं का विज्ञापन करना, विपणन करना या भूखंडों एवं अन्य संपत्तियों का विक्रय करना कानूनी प्रावधानों के विरुद्ध हो सकता है।
धारा 3 के उल्लंघन के मामले में प्राधिकरण ने अधिनियम की धारा 59 के अंतर्गत कार्रवाई की। परियोजना की अनुमानित लागत के आधार पर प्रमोटर पर 25 लाख रुपये की शास्ति अधिरोपित की गई। इस कार्रवाई से स्पष्ट होता है कि निर्धारित कानूनी शर्तों का पालन किए बिना रियल एस्टेट परियोजनाओं का संचालन करने पर संबंधित प्रमोटर के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
संपत्ति खरीदारों के हितों की सुरक्षा पर जोर
रियल एस्टेट परियोजनाओं में निवेश करते समय खरीदारों के लिए केवल प्लॉट की लोकेशन, कीमत या उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेना पर्याप्त नहीं है। परियोजना का कानूनी पंजीयन और प्रमोटर से संबंधित विवरण भी महत्वपूर्ण होते हैं। रेरा पंजीयन के माध्यम से खरीदारों को परियोजना की वैधानिक स्थिति और उपलब्ध आधिकारिक जानकारियों की जांच करने का अवसर मिलता है।
छत्तीसगढ़ रेरा की कार्रवाई का उद्देश्य निर्धारित नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करना और संपत्ति खरीदारों के हितों की रक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों को प्रभावी बनाना है। परियोजना के पंजीयन संबंधी नियम खरीदारों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने और रियल एस्टेट क्षेत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
खरीदारों को किसी भी परियोजना में पैसा लगाने से पहले संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन करना चाहिए। यदि किसी परियोजना के पंजीयन या कानूनी स्थिति को लेकर संदेह हो, तो निवेश से पहले आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करना उपयोगी हो सकता है।
प्लॉट खरीदने से पहले ऐसे जांचें रेरा पंजीयन
छत्तीसगढ़ भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण ने आम नागरिकों और संपत्ति खरीदारों से अपील की है कि वे किसी भी आवासीय या भूखंड परियोजना में निवेश करने से पहले उसकी रेरा पंजीयन स्थिति की जांच अवश्य करें। खरीदारों को परियोजना का पंजीयन क्रमांक, प्रमोटर का विवरण और अन्य आवश्यक जानकारियों का सत्यापन करना चाहिए।
इसके लिए छत्तीसगढ़ रेरा की आधिकारिक वेबसाइट https://rera.cgstate.gov.in पर जाकर परियोजनाओं के पंजीयन से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर परियोजना का विवरण जांचने से खरीदार को निवेश से पहले जरूरी जानकारी जुटाने में मदद मिलती है।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकताओं में शामिल है। साथ ही भूखंड एवं आवास खरीदारों के अधिकारों की रक्षा करना और सुरक्षित एवं विश्वसनीय संपत्ति लेन-देन को बढ़ावा देना भी उसके उद्देश्यों में शामिल है।
निष्कर्ष
आरंग की सालासार विहार परियोजना में बिना रेरा पंजीयन भूखंडों की बिक्री के मामले में प्रमोटर पर लगाया गया 25 लाख रुपये का अर्थदंड रियल एस्टेट नियमों के अनुपालन से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला है। संपत्ति खरीदारों के लिए इस प्रकरण से यह सीख मिलती है कि किसी भी प्लॉट या आवासीय परियोजना में निवेश करने से पहले उसके पंजीयन और संबंधित दस्तावेजों की जांच करना जरूरी है। वहीं, प्रमोटरों को भी परियोजनाओं के विकास और बिक्री के दौरान लागू कानूनी प्रावधानों का पालन करना आवश्यक है।
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