मीरा-भायंदर में सरकारी नौकरी के नाम पर 21.46 लाख की ठगी, खुद को अजित पवार का PA बताने वाला आरोपी गिरफ्तार
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा-भायंदर में सरकारी स्कूलों में शिक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर दो युवतियों से 21.46 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने इस मामले में 40 वर्षीय तुलसीदास जाधव को सोलापुर से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने खुद को महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निजी सहायक (PA) बताकर पीड़ित परिवार का भरोसा जीता और दोनों युवतियों को सरकारी शिक्षक की नौकरी दिलाने का वादा किया।
पुलिस के अनुसार, यह मामला वर्ष 2025 का है। आरोपी ने राजनीतिक संपर्कों और सरकारी विभागों में अपनी पहुंच होने का दावा किया था। नौकरी के लिए रकम देने के बावजूद जब युवतियों को नियुक्ति नहीं मिली, तो उन्होंने पैसे वापस मांगे। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने अपना मोबाइल फोन बंद कर लिया और संपर्क से बाहर हो गया। पीड़ितों की शिकायत के बाद भायंदर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
अजित पवार का PA बताकर जीता भरोसा
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, तुलसीदास जाधव ने शिकायतकर्ता युवती के पिता से संपर्क किया था। उसने खुद को पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार का निजी सहायक बताया और दावा किया कि सरकारी विभागों के साथ-साथ शिक्षकों के एक बड़े संगठन में भी उसकी पहुंच है। इसी आधार पर उसने शिकायतकर्ता की बेटी और उसकी सहेली को सरकारी स्कूलों में शिक्षक पद पर नौकरी दिलाने का भरोसा दिया।
आरोप है कि राजनीतिक संपर्कों का हवाला देकर आरोपी ने परिवार को विश्वास में लिया। सरकारी नौकरी मिलने की उम्मीद में दोनों युवतियों ने उसकी बातों पर भरोसा किया। बाद में नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे अलग-अलग किस्तों में रकम ली गई। हालांकि, नौकरी नहीं मिलने पर पूरा मामला सामने आया।
नौकरी के नाम पर 21.46 लाख रुपये वसूले
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने दोनों युवतियों से कुल 21.46 लाख रुपये लिए थे। काफी समय बीतने के बाद भी जब नौकरी से संबंधित कोई परिणाम सामने नहीं आया, तो पीड़ितों को ठगी का संदेह हुआ। उन्होंने आरोपी से अपनी रकम वापस मांगी, लेकिन आरोप है कि उसने मोबाइल फोन बंद कर दिया और उनसे संपर्क करना बंद कर दिया।
इसके बाद पीड़ित परिवार ने भायंदर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम बनाई। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी की मदद से तुलसीदास जाधव का पता लगाया और उसे सोलापुर से गिरफ्तार कर लिया।
मोबाइल में मिले राजनीतिक नेताओं के साथ फोटो
मीरा-भायंदर के पुलिस उपायुक्त (DCP जोन-1) राहुल चव्हाण ने मीडिया को बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन की जांच के दौरान राज्य स्तर के कई बड़े राजनीतिक नेताओं के साथ उसकी तस्वीरें मिलीं। पुलिस के मुताबिक, आरोपी इन तस्वीरों का इस्तेमाल लोगों के सामने अपना प्रभाव दिखाने और भरोसा हासिल करने के लिए करता था।
हालांकि, किसी नेता के साथ तस्वीर होना अपने आप में किसी व्यक्ति के साथ गलत गतिविधि में शामिल होने का प्रमाण नहीं है। पुलिस इस मामले में आरोपी की कथित कार्यप्रणाली और उसके संपर्कों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
आरोपी पर पहले से धोखाधड़ी के 11 मामले
पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार, तुलसीदास जाधव के खिलाफ महाराष्ट्र में धोखाधड़ी के 11 अन्य मामले पहले से दर्ज हैं। इस जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपी की पिछली गतिविधियों और अन्य संभावित शिकायतों की भी पड़ताल कर रही है।
फिलहाल, पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। पुलिस प्रशासन ने संभावित अन्य पीड़ितों से भायंदर पुलिस स्टेशन में संपर्क कर अपना बयान दर्ज कराने की अपील की है, ताकि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा सके।
निष्कर्ष
मीरा-भायंदर में सरकारी शिक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर 21.46 लाख रुपये की कथित ठगी के मामले में तुलसीदास जाधव की गिरफ्तारी हुई है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने खुद को अजित पवार का PA बताकर पीड़ितों का भरोसा जीता था। जांच एजेंसी अब इस मामले में अन्य संभावित पीड़ितों और आरोपी के संपर्कों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।
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