छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, बिलासपुर के सरसेनी में खुलेगा नया केंद्र; 784 किसानों को मिलेगा लाभ
छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की तैयारी के बीच बिलासपुर जिले के किसानों के लिए राहत की खबर है। मस्तूरी विकासखंड के सरसेनी गांव में इस खरीफ सीजन से नया धान खरीदी केंद्र शुरू किया जा रहा है। इससे सरसेनी, बकरकुदा और मटिया गांव के कुल 784 किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिलेगी। अब तक इन गांवों के किसानों को धान बेचने के लिए जैतपुर जाना पड़ता था, जिससे परिवहन का खर्च और समय दोनों बढ़ जाते थे।
नया केंद्र शुरू होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय करने और वाहन किराए पर लेने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। खासकर कम मात्रा में धान उत्पादन करने वाले छोटे किसानों को इसका लाभ मिल सकता है, जिन्हें उपज मंडी तक पहुंचाने के लिए अलग से परिवहन की व्यवस्था करनी पड़ती थी।
राज्य में इस खरीफ सीजन के लिए 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, धान खरीदी लगभग 15 नवंबर से शुरू होने की संभावना है। बिलासपुर जिले में नए केंद्र खोलकर खरीदी व्यवस्था का विस्तार किया गया है, ताकि किसानों को अपने नजदीक ही उपज बेचने की सुविधा मिल सके।
सरसेनी में खुलेगा नया धान खरीदी केंद्र
मस्तूरी विकासखंड के सरसेनी गांव में शुरू होने वाला नया धान खरीदी केंद्र आसपास के किसानों के लिए महत्वपूर्ण सुविधा साबित हो सकता है। इस केंद्र से सरसेनी के अलावा बकरकुदा और मटिया गांव के किसान भी लाभान्वित होंगे। इन तीनों गांवों के कुल 784 किसानों को यहां धान बेचने की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पहले किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए जैतपुर जाना पड़ता था। नया केंद्र खुलने के बाद स्थानीय किसानों को धान बेचने के लिए दूर जाने की जरूरत कम होगी। इससे परिवहन की व्यवस्था करने में लगने वाला समय और खर्च भी बच सकता है।
बिलासपुर में 14 नए केंद्र, संख्या बढ़कर 154 हुई
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बिलासपुर जिले में 14 नए धान खरीदी केंद्र बनाए गए हैं। इनके शुरू होने से जिले में खरीदी केंद्रों की कुल संख्या 140 से बढ़कर 154 हो गई है। केंद्रों की संख्या बढ़ने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए पहले की तुलना में कम दूरी तय करनी पड़ सकती है।
नए केंद्रों का उद्देश्य धान खरीदी व्यवस्था को किसानों के लिए अधिक सुलभ बनाना है। इससे परिवहन पर होने वाला खर्च घटाने के साथ समय की बचत में भी मदद मिल सकती है। राज्य सरकार के मुताबिक, किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य दिलाने की प्रतिबद्धता के साथ खरीदी व्यवस्था का विस्तार किया जा रहा है।
छोटे किसानों को परिवहन खर्च से मिलेगी राहत
सरसेनी की सरपंच आंचल नारायण सोल्डे के मुताबिक, पहले सरसेनी गांव के किसानों को धान बेचने के लिए करीब आठ किलोमीटर दूर जैतपुर जाना पड़ता था। वहीं, मटिया गांव के किसानों को लगभग 12 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी।
दूरी अधिक होने के कारण किसानों को अपनी उपज खरीदी केंद्र तक पहुंचाने के लिए वाहन किराए पर लेना पड़ सकता था। सीमित मात्रा में धान उत्पादन करने वाले छोटे किसानों के लिए यह अतिरिक्त खर्च बन जाता था। नया केंद्र शुरू होने से उन्हें उपज बेचने के लिए वाहन की व्यवस्था करने और लंबी दूरी तय करने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। किसानों के अनुसार, समय बचने से वे खेती-किसानी के अन्य कामों पर भी ध्यान दे सकेंगे।
784 किसानों में पुराने और नए पंजीकृत किसान शामिल
सरसेनी में खुलने वाले केंद्र से कुल 784 किसानों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। इनमें 766 पुराने पंजीकृत किसान और लगभग 18 नए पंजीकृत किसान शामिल हैं। इस तरह नए केंद्र से क्षेत्र के पहले से पंजीकृत किसानों के साथ नए पंजीकृत किसानों को भी धान बेचने का अवसर मिलेगा।
सरसेनी के किसान मालिक राम कैवर्त और मटिया के किसान राधेश्याम चंदेल ने भी गांव के नजदीक धान खरीदी केंद्र खुलने पर खुशी जताई है। किसानों के लिए केंद्र की दूरी कम होना इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे उपज को खरीदी केंद्र तक पहुंचाने की व्यवस्था आसान हो सकती है।
सेवा सहकारी समिति के अधीन होगा संचालन
सरसेनी का नया धान खरीदी केंद्र सरसेनी सेवा सहकारी समिति मर्यादित के अधीन संचालित होगा। समिति का पंजीयन क्रमांक 805 है और यह मल्हार सहकारी बैंक शाखा से संबद्ध है। इस खरीफ सीजन में धान खरीदी लगभग 15 नवंबर से शुरू होने की संभावना जताई गई है।
राज्य स्तर पर 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ऐसे में जिले में केंद्रों की संख्या बढ़ाना किसानों को उपज बेचने के लिए नजदीकी सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक कदम है।
निष्कर्ष
सरसेनी में नया धान खरीदी केंद्र शुरू होने से सरसेनी, बकरकुदा और मटिया के 784 किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। बिलासपुर जिले में 14 नए केंद्र खुलने से कुल केंद्रों की संख्या 154 हो गई है। यदि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 15 नवंबर से खरीदी शुरू होती है, तो किसानों को धान बेचने के लिए दूरी, समय और परिवहन खर्च से जुड़ी परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है।
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