धमतरी में वीबी-जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास को गति, जल संरक्षण और रोजगार के अवसरों पर जोर
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में वीबी-जी राम जी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विकास और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्य किए जा रहे हैं। योजना के अंतर्गत जल संरक्षण, स्वच्छता और सामुदायिक सुविधाओं से जुड़े निर्माण कार्यों के साथ ग्रामीण श्रमिकों को उनके गांवों में ही रोजगार उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी परिसंपत्तियों के निर्माण और स्थानीय रोजगार को एक साथ बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
धमतरी जिले के धमतरी, कुरुद, मगरलोड और नगरी विकासखंडों में योजना के तहत निर्माण एवं जीर्णोद्धार के कार्य संचालित हैं। इनमें आजीविका डबरी, निजी और सामुदायिक तालाब, सैंड फिल्टर, बालिका शौचालय, नालियों की सफाई एवं गहरीकरण तथा मुक्तिधाम शेड का निर्माण शामिल है। इन कार्यों का उद्देश्य गांवों में जरूरी सुविधाओं का विस्तार करना और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को बढ़ावा देना है।
योजना के माध्यम से स्थानीय श्रमिकों को निर्माण कार्यों में रोजगार मिल रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, श्रमिकों को प्रतिदिन 300 रुपये की निर्धारित मजदूरी दी जा रही है। समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के साथ विकास कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखने पर भी प्रशासन का जोर है।
चारों विकासखंडों में हो रहे निर्माण और जीर्णोद्धार के कार्य
धमतरी जिले के चारों विकासखंडों में ग्रामीण जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग प्रकार के विकास कार्य कराए जा रहे हैं। धमतरी, कुरुद, मगरलोड और नगरी में योजना के अंतर्गत जल प्रबंधन, स्वच्छता और सामुदायिक सुविधाओं से संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। इन कार्यों का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को स्थानीय स्तर पर जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इसके अंतर्गत आजीविका डबरी के साथ निजी और सामुदायिक तालाबों का निर्माण किया जा रहा है। वहीं, गांवों में सैंड फिल्टर बनाए जा रहे हैं, ताकि जल प्रबंधन से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके। इसके अतिरिक्त छात्राओं की सुविधा के लिए बालिका शौचालयों का निर्माण और जल निकासी व्यवस्था सुधारने के लिए नालियों की सफाई एवं गहरीकरण का कार्य भी जारी है।
वर्षा जल संचयन और भू-जल पुनर्भरण पर ध्यान
ग्रामीण क्षेत्रों में जल संसाधनों का संरक्षण योजना के प्रमुख कार्यों में शामिल है। आजीविका डबरी और तालाबों के निर्माण के माध्यम से वर्षा जल के संचयन तथा भू-जल पुनर्भरण को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जल संरक्षण से संबंधित ये परिसंपत्तियां ग्रामीण क्षेत्रों में प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
इसके साथ ही सैंड फिल्टर के निर्माण के जरिए जल प्रबंधन की सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों में गांवों की जरूरतों के अनुसार संसाधनों का उपयोग और टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण प्रमुख है। इन सुविधाओं का दीर्घकालिक लाभ सुनिश्चित करने के लिए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखना भी आवश्यक है।
स्वच्छता और सामुदायिक सुविधाओं का हो रहा विस्तार
योजना के तहत केवल जल संरक्षण ही नहीं, बल्कि ग्रामीण स्वच्छता और सामुदायिक जरूरतों से जुड़े कार्य भी किए जा रहे हैं। छात्राओं की सुविधा के लिए बालिका शौचालयों का निर्माण कराया गया है। इसके अलावा गांवों में जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नालियों की सफाई और गहरीकरण का काम लगातार किया जा रहा है।
ग्रामीण परिवारों को आवश्यक सामुदायिक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न गांवों में मुक्तिधाम शेड भी बनाए जा रहे हैं। इन कार्यों से गांवों में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। योजना के तहत निर्मित परिसंपत्तियों का लाभ लंबे समय तक ग्रामीणों तक पहुंचे, इसके लिए कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करना महत्वपूर्ण है।
स्थानीय श्रमिकों को मिल रहा रोजगार, पलायन पर अंकुश का प्रयास

वीबी-जी राम जी योजना के अंतर्गत स्थानीय श्रमिकों को गांवों में ही विभिन्न निर्माण कार्यों से जोड़ा जा रहा है। इससे उन्हें काम की तलाश में दूसरे शहरों या राज्यों की ओर जाने की जरूरत कम करने में मदद मिल सकती है। योजना के तहत प्रतिदिन 300 रुपये की निर्धारित मजदूरी का प्रावधान बताया गया है। नियमानुसार समय पर भुगतान होने से श्रमिक परिवारों को अपने दैनिक खर्चों और बच्चों की आवश्यकताओं को पूरा करने में आर्थिक सहायता मिलती है।
इस तरह योजना ग्रामीण रोजगार और आधारभूत संरचना के विकास को एक साथ जोड़ती है। एक ओर श्रमिकों को काम मिलता है, वहीं दूसरी ओर गांवों में ऐसी परिसंपत्तियां तैयार होती हैं, जिनका उपयोग स्थानीय समुदाय लंबे समय तक कर सकता है।
जिला पंचायत की निगरानी में गुणवत्ता और पारदर्शिता पर जोर
जिला पंचायत धमतरी के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में उपयोगी परिसंपत्तियों का निर्माण करना और स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने ग्रामीण विकास कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्मित परिसंपत्तियों से ग्रामीणों को दीर्घकालिक लाभ मिलना चाहिए। इसके लिए जिले में संचालित विकास कार्यों की प्रगति पर प्रशासनिक निगरानी रखी जा रही है। साथ ही यह सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जा रहा है कि स्वीकृत कार्य निर्धारित मानकों के अनुसार पूरे हों और श्रमिकों को उनकी मजदूरी का भुगतान समय पर किया जाए।
निष्कर्ष
धमतरी जिले में वीबी-जी राम जी योजना के तहत जल संरक्षण, स्वच्छता, सामुदायिक सुविधाओं और स्थानीय रोजगार से जुड़े कार्य संचालित किए जा रहे हैं। चारों विकासखंडों में इन गतिविधियों के माध्यम से ग्रामीण आधारभूत संरचना को मजबूत करने और श्रमिक परिवारों को आर्थिक सहारा देने का प्रयास किया जा रहा है। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता और समय पर मजदूरी भुगतान योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के महत्वपूर्ण पहलू हैं।
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