तिरंगा यात्रा से पहले CJP संस्थापक अभिजीत दिपके हिरासत में, दिल्ली पुलिस ने जारी किए दो नोटिस
दिल्ली में प्रस्तावित तिरंगा यात्रा से पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। जानकारी के मुताबिक, दिपके कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में आयोजित होने वाली ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा में शामिल होने के लिए घर से निकले थे। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें रोककर अपनी गाड़ी में बैठा लिया। इस घटनाक्रम के बाद प्रस्तावित यात्रा और पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।
दिल्ली पुलिस ने इससे पहले अभिजीत दिपके को नोटिस जारी कर कनॉट प्लेस और सेंट्रल पार्क के आसपास यात्रा नहीं निकालने का निर्देश दिया था। पुलिस की ओर से कहा गया था कि संबंधित क्षेत्र में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रतिबंध लागू हैं और कार्यक्रम के लिए अनुमति भी नहीं ली गई थी। वहीं, सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को बंद रखने के फैसले के बीच इस कार्यक्रम के आयोजन पर भी सवाल उठे हैं।
तिरंगा यात्रा से पहले पुलिस ने अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया

कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से 16 अक्टूबर को कनॉट प्लेस स्थित सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा निकालने का ऐलान किया गया था। इस कार्यक्रम के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। पुलिस ने इसी आधार पर यात्रा आयोजित नहीं करने की चेतावनी दी थी।
जानकारी के अनुसार, अभिजीत दिपके झंडेवालान स्थित अपने घर से यात्रा में शामिल होने के लिए निकले थे। इसी दौरान दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और अपने साथ ले गई। बताया गया कि इस घटनाक्रम के दौरान CJP के कुछ समर्थकों ने पुलिस की गाड़ी को रोकने की कोशिश भी की।
दिपके घर से निकलते समय हाथ में तिरंगा लिए हुए थे और उन्होंने महात्मा गांधी की तस्वीर वाली टी-शर्ट पहन रखी थी। हालांकि, यात्रा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ सकी या नहीं, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
पुलिस ने पहले ही जारी किया था नोटिस
अभिजीत दिपके को हिरासत में लेने से पहले दिल्ली पुलिस उनके घर पहुंची थी और उन्हें नोटिस दिया था। पुलिस ने नोटिस में कनॉट प्लेस तथा सेंट्रल पार्क के आसपास तिरंगा यात्रा नहीं निकालने का निर्देश दिया था।
पुलिस के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में धारा 163 लागू होने के कारण सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित करने पर प्रतिबंध था। अधिकारियों का कहना था कि यात्रा के लिए न तो अनुमति मांगी गई थी और न ही आयोजन को मंजूरी दी गई थी। ऐसे में बिना अनुमति कार्यक्रम आयोजित करने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी।
इस कार्रवाई के बीच सेंट्रल पार्क को 16 और 17 अक्टूबर को बंद रखने का निर्णय भी चर्चा में रहा। हालांकि, पार्क बंद रखने के फैसले के पीछे के विस्तृत कारणों की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
अभिजीत दिपके को मिले दो नोटिस, दूसरे का संबंध पुरानी घटना से
दिल्ली पुलिस के सूत्रों के मुताबिक, अभिजीत दिपके को 16 अक्टूबर को दो अलग-अलग नोटिस जारी किए गए। पहला नोटिस दिल्ली पुलिस अधिनियम के तहत दिया गया था। इसमें भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू होने का हवाला देते हुए उन्हें सेंट्रल पार्क नहीं जाने का निर्देश दिया गया था।
वहीं, दूसरा नोटिस दक्षिण-पश्चिम दिल्ली पुलिस की ओर से जारी किया गया था। यह नोटिस 10 अक्टूबर को हुई एक घटना से संबंधित बताया गया, जब अभिजीत दिपके, आशुतोष और सौरव को एयरपोर्ट पर एहतियातन हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें अदालत के सामने पेश किया गया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दूसरे नोटिस में अदालत के उस समय दिए गए निर्देश का उल्लेख था, जिसमें संबंधित लोगों से एक साल तक सार्वजनिक व्यवस्था में किसी तरह का व्यवधान नहीं डालने को कहा गया था। इस पुराने मामले का संदर्भ देते हुए पुलिस ने प्रस्तावित तिरंगा यात्रा को लेकर अपनी कार्रवाई की।
कनॉट प्लेस में कार्यक्रम को लेकर क्यों उठे सवाल?
कनॉट प्लेस दिल्ली का प्रमुख व्यावसायिक और सार्वजनिक क्षेत्र है। यहां स्थित सेंट्रल पार्क में CJP ने तिरंगा यात्रा आयोजित करने की घोषणा की थी। लेकिन पुलिस की ओर से प्रतिबंधों और अनुमति नहीं मिलने का हवाला दिए जाने के बाद कार्यक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं रही।
इस मामले में एक ओर पार्टी की ओर से तिरंगा यात्रा निकालने की घोषणा की गई थी, तो दूसरी ओर पुलिस ने कानून-व्यवस्था से संबंधित प्रतिबंधों का उल्लेख करते हुए आयोजन रोकने के निर्देश दिए। अभिजीत दिपके को हिरासत में लिए जाने की घटना इसी घटनाक्रम का हिस्सा है।
निष्कर्ष
दिल्ली में ‘लहरा दो तिरंगा’ यात्रा से पहले CJP संस्थापक अभिजीत दिपके को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उन्हें दो नोटिस जारी किए थे, जिनमें एक का संबंध कनॉट प्लेस में प्रस्तावित कार्यक्रम और दूसरे का संबंध 10 अक्टूबर की घटना से था। फिलहाल, उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई और यात्रा के आयोजन की स्थिति पर नजर बनी हुई है।
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