Noida International Airport का नाम PM नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने का प्रस्ताव मंजूर, योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला

09 Oct 2026 - 13:54
0 2
Noida International Airport का नाम PM नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने का प्रस्ताव मंजूर, योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने जेवर में निर्माणाधीन नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नाम को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के बाद देश के प्रमुख बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स में शामिल नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट एक बार फिर चर्चा में आ गया है। हालांकि, कैबिनेट से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और एयरपोर्ट का आधिकारिक नाम निर्धारित होने की प्रक्रिया के बीच के अंतर को ध्यान में रखना जरूरी है।

कैबिनेट के फैसले की जानकारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मीडिया के सामने आकर दी। इस दौरान उनके साथ प्रदेश के दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। इसके अलावा, सहयोगी दलों के नेताओं ने भी इस दौरान उपस्थिति दर्ज कराई। सरकार के इस फैसले के साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हुए बुनियादी ढांचे के विकास और परिवहन सुविधाओं के विस्तार का भी उल्लेख किया।

जेवर एयरपोर्ट के नामकरण पर योगी कैबिनेट की मुहर

उत्तर प्रदेश सरकार के इस फैसले का मुख्य केंद्र जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह परियोजना उत्तर प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी और परिवहन सुविधाओं के विस्तार से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल है।

कैबिनेट के इस निर्णय की घोषणा के लिए मुख्यमंत्री का स्वयं मीडिया के सामने आना भी इस घटनाक्रम का प्रमुख हिस्सा रहा। इस अवसर पर केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और सहयोगी दलों के नेता मौजूद थे। एयरपोर्ट के नामकरण से संबंधित यह प्रस्ताव राज्य सरकार के स्तर पर एक महत्वपूर्ण निर्णय है। हालांकि, नाम को लेकर अंतिम आधिकारिक स्थिति और आगे की प्रक्रिया से संबंधित जानकारी के लिए सरकार की ओर से जारी औपचारिक अधिसूचना को आधार माना जाना चाहिए।

पीएम मोदी के जनसेवा के 25 साल का किया उल्लेख

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा के 25 साल पूरे होने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर का दिन इस अवसर पर गौरवशाली इतिहास के रूप में दर्ज हुआ है। मुख्यमंत्री ने अपने बयान में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में हुए विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख किया।

योगी आदित्यनाथ के अनुसार, राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, रेल परिवहन और मेट्रो नेटवर्क के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 42 नए नेशनल हाईवे बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं को राज्य के परिवहन ढांचे में हुए बदलावों के संदर्भ में प्रस्तुत किया।

सरकार की ओर से सामने रखे गए आंकड़ों में सड़क निर्माण के साथ-साथ क्षेत्रीय और शहरी परिवहन सुविधाओं का भी उल्लेख किया गया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य अलग-अलग शहरों के बीच आवागमन को सुविधाजनक बनाने और परिवहन नेटवर्क का विस्तार करने से जुड़ा है।

60 हजार करोड़ रुपये के निवेश से बने 42 नेशनल हाईवे

मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश में कुल 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में लगभग 60,000 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। यह आंकड़ा राज्य में सड़क परिवहन के बुनियादी ढांचे पर किए गए निवेश को दर्शाता है। राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर बनाने और यात्रियों के साथ माल परिवहन की सुविधाओं को मजबूत करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जाता है।

योगी आदित्यनाथ ने अपने बयान में दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं का काम पूरा हो गया है। इन मार्गों के विकास से संबंधित शहरों और क्षेत्रों के बीच सड़क संपर्क को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने सड़क परियोजनाओं के आंकड़ों को राज्य में बुनियादी ढांचे के विस्तार के व्यापक संदर्भ में रखा। उनके संबोधन में राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा एक्सप्रेसवे और अन्य परिवहन परियोजनाओं को भी प्रमुखता दी गई।

नमो भारत ट्रेन और मेट्रो नेटवर्क का भी किया जिक्र

सड़क परिवहन के साथ मुख्यमंत्री ने रेल, मेट्रो और रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम के क्षेत्र में हुए विकास की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार देश की पहली हाई-स्पीड दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत ट्रेन यानी रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) का संचालन शुरू हो चुका है।

नमो भारत परियोजना दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रमुख क्षेत्रों के बीच क्षेत्रीय परिवहन संपर्क को बेहतर बनाने से जुड़ी है। इस परियोजना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य में परिवहन के विभिन्न माध्यमों के विस्तार की बात रखी।

इसके अलावा, उन्होंने लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल नेटवर्क के विस्तार का भी जिक्र किया। इन शहरों में मेट्रो सुविधाओं का विकास शहरी आवागमन के बुनियादी ढांचे का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री के बयान में सड़क, रेल और शहरी परिवहन परियोजनाओं को उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों के रूप में प्रस्तुत किया गया।

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई कनेक्टिविटी पर जोर

जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट भी मुख्यमंत्री के संबोधन का प्रमुख विषय रहा। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस परियोजना के साथ उत्तर प्रदेश हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। एयरपोर्ट का विकास राज्य के परिवहन नेटवर्क में हवाई यात्रा से जुड़ी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कैबिनेट द्वारा एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी देना इस पूरे घटनाक्रम का मुख्य निर्णय है। इसके साथ मुख्यमंत्री ने राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, नमो भारत ट्रेन और मेट्रो नेटवर्क से संबंधित परियोजनाओं का भी उल्लेख किया।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस फैसले की जानकारी देते हुए प्रदेश में सड़क, रेल, मेट्रो और हवाई कनेक्टिविटी से जुड़ी परियोजनाओं के आंकड़े भी साझा किए। अब नामकरण की अंतिम आधिकारिक स्थिति और उससे जुड़ी आगे की प्रक्रिया पर नजर रहेगी।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User