UP चुनाव से पहले BSP में बड़ा उलटफेर, मायावती की सलाह के बाद अशोक सिद्धार्थ ने लिया संन्यास का फैसला
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले बहुजन समाज पार्टी (BSP) में सियासी हलचल तेज हो गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने का ऐलान किया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मायावती को संबोधित करते हुए अपने फैसले की जानकारी दी।
अशोक सिद्धार्थ ने अपने पत्र में मायावती को अपना राजनीतिक गुरु और बड़ी बहन बताते हुए कहा कि वह पिछले करीब 35 वर्षों से BSP, कांशीराम और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के मिशन से जुड़े रहे हैं। उन्होंने मायावती के प्रति आभार जताते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन के कारण ही उन्हें विधान परिषद और राज्यसभा तक पहुंचने का अवसर मिला।
पार्टी के भीतर अशोक सिद्धार्थ पर राजनीतिक महत्वाकांक्षा रखने और आकाश आनंद को प्रभावित करने जैसे आरोप भी सामने आए थे। हालांकि, उन्होंने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने कभी BSP के हितों के खिलाफ काम नहीं किया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके संन्यास के फैसले को आकाश आनंद की पार्टी में वापसी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
इससे पहले मायावती ने भी सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अशोक सिद्धार्थ को राजनीति से पूरी तरह संन्यास लेने की सलाह दी थी। मायावती ने कहा था कि अगर वह राजनीतिक महत्वाकांक्षा और निजी स्वार्थ से ऊपर उठकर संन्यास लेते हैं, तो आकाश आनंद के लिए पार्टी में स्वतंत्र रूप से काम करने का रास्ता साफ हो सकता है।
अशोक सिद्धार्थ के इस फैसले को BSP के अंदर चल रहे मौजूदा घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में हुए इस घटनाक्रम ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।
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