छत्तीसगढ़ में 150 करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश, 3,500 से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार

16 Oct 2026 - 18:17
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छत्तीसगढ़ में 150 करोड़ रुपये का औद्योगिक निवेश, 3,500 से अधिक युवाओं को मिलेगा रोजगार

छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करने की दिशा में एक नई औद्योगिक इकाई स्थापित की जा रही है। नवा रायपुर में यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की प्रस्तावित इकाई में 150 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया जाएगा। इस परियोजना से 3,500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भूमिपूजन समारोह में शामिल होकर औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को राज्य के विकास से जोड़ने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता केवल प्रदेश में निवेश आकर्षित करना नहीं, बल्कि उसके माध्यम से युवाओं को रोजगार, स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती और लोगों को आर्थिक अवसर उपलब्ध कराना है। नई औद्योगिक विकास नीति में ऐसे उद्योगों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिनमें अपेक्षाकृत कम पूंजी निवेश के साथ बड़ी संख्या में रोजगार पैदा करने की क्षमता है।

इस परियोजना के तहत विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के लिए उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने नवचयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए। सरकार के अनुसार, स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने से युवाओं को अपने प्रदेश में काम करने का मौका मिलेगा और आसपास के क्षेत्रों की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।

150 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश, 3,500 से ज्यादा रोजगार

नवा रायपुर में प्रस्तावित यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की औद्योगिक इकाई को प्रदेश में रोजगार आधारित औद्योगिक निवेश की दिशा में महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। इस परियोजना में 150 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है और 3,500 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ऐसे उद्योगों की स्थापना जरूरी है, जो प्रदेश के युवाओं और महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान कर सकें। उनके मुताबिक, जब युवाओं को अपने कौशल और योग्यता के अनुरूप रोजगार मिलता है, तो परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और स्थानीय बाजार में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं।

मुख्यमंत्री ने रोजगार के नए अवसर तैयार करने की पहल के लिए यश ग्रुप की सराहना की। उन्होंने कंपनी प्रबंधन को आश्वस्त किया कि परियोजना के समयबद्ध क्रियान्वयन और उत्पादन शुरू करने के लिए संबंधित विभागों के माध्यम से आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

औद्योगिक नीति 2024-2030 में रोजगार देने वाले उद्योगों पर जोर

राज्य सरकार की नई औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 में रोजगार सृजन करने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि नीति तैयार करते समय इस बात पर ध्यान दिया गया है कि प्रदेश में आने वाले निवेश से स्थानीय युवाओं को अधिक से अधिक रोजगार मिल सके।

नीति के तहत टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा और अन्य श्रम आधारित क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य औद्योगिक विकास को केवल बड़े पूंजी निवेश तक सीमित रखने के बजाय रोजगार के अवसरों से जोड़ना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के लक्ष्य के अनुरूप छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास, कौशल विकास, रोजगार सृजन और आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार पर काम किया जा रहा है। प्रदेश के प्राकृतिक संसाधनों, ऊर्जा, कुशल मानव संसाधन और बेहतर कनेक्टिविटी का उपयोग कर राज्य को प्रमुख औद्योगिक एवं निवेश केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

निवेशकों के लिए प्रक्रियाएं आसान बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने के साथ उद्योग स्थापित करने और संचालित करने की प्रक्रियाओं को सरल बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जन विश्वास से जुड़े सुधारों के अंतर्गत 279 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने की पहल की गई है। इसके अलावा, विभिन्न अनुमतियों और स्वीकृतियों की प्रक्रिया को सरल तथा समयबद्ध बनाने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि निवेश प्रस्तावों को जमीन पर उतारने और उत्पादन शुरू करने में अनावश्यक देरी न हो।

मुख्यमंत्री के अनुसार, छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति को देश और विदेश के निवेशकों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। राज्य को 8.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। अब सरकार का जोर इन प्रस्तावों को वास्तविक औद्योगिक परियोजनाओं में बदलने पर है।

सरकार की प्राथमिकता औद्योगिकीकरण का विस्तार प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों तक पहुंचाना भी है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने और युवाओं के लिए रोजगार तथा स्वरोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

उद्योगों को प्रोत्साहन के लिए बढ़ाया गया बजट

कार्यक्रम में वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि राज्य की औद्योगिक नीति में निवेश के साथ रोजगार सृजन को भी महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वित्त एवं उद्योग विभाग ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर औद्योगिक विकास नीति 2024-2030 तैयार की है। इसमें रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने के साथ केंद्र सरकार की रोजगार प्रोत्साहन योजनाओं से भी समन्वय किया गया है।

वित्त मंत्री के मुताबिक, उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए सब्सिडी का बजटीय प्रावधान लगभग 200 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1,000 करोड़ रुपये से अधिक किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार के पहले बजट में ‘ज्ञान’ के माध्यम से गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी के कल्याण पर जोर दिया गया था, जबकि दूसरे बजट में ‘गति’ के जरिए सुशासन, अधोसंरचना, तकनीक और औद्योगिक विकास को गति देने का लक्ष्य रखा गया।

वहीं, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश में छोटे-बड़े मिलाकर 3,000 से अधिक उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनके माध्यम से 50 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिला है। उन्होंने यह भी कहा कि आगामी औद्योगिक परियोजनाओं से डेढ़ लाख से अधिक लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना है।

स्थानीय युवाओं को रोजगार देने पर रहेगा फोकस

यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड के सीईओ ए.एन. रविचंद्रन ने प्रस्तावित इकाई की गतिविधियों, उत्पादन योजनाओं और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी दी। उन्होंने प्रदेश में उद्योगों के लिए उपलब्ध वातावरण और राज्य सरकार से मिल रहे सहयोग की सराहना की।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, यश ग्रुप के चेयरमैन रितेश नरेडी, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार और नवा रायपुर विकास प्राधिकरण (एनआरडीए) के मुख्य कार्यपालन अधिकारी चंदन कुमार सहित उद्योग जगत के प्रतिनिधि और कंपनी प्रबंधन के अधिकारी मौजूद रहे।

निष्कर्ष:

 नवा रायपुर में यश फैन्स एंड एप्लायंसेस लिमिटेड की प्रस्तावित औद्योगिक इकाई से 150 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और 3,500 से ज्यादा प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलने की संभावना है। परियोजना का वास्तविक लाभ उत्पादन शुरू होने और रोजगार के अवसर उपलब्ध होने के साथ सामने आएगा। इसके साथ ही राज्य की औद्योगिक नीति के तहत रोजगार आधारित निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया जा रहा है।

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