छत्तीसगढ़ में वित्तीय समावेशन अभियान शुरू, 31 दिसंबर तक गांवों और शहरों में लगेंगे बैंकिंग शिविर

24 Oct 2026 - 15:30
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छत्तीसगढ़ में वित्तीय समावेशन अभियान शुरू, 31 दिसंबर तक गांवों और शहरों में लगेंगे बैंकिंग शिविर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बैंकिंग सुविधाओं और केंद्र सरकार की विभिन्न वित्तीय योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए वित्तीय समावेशन संतृप्ति अभियान चलाया जा रहा है। भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के निर्देशानुसार यह अभियान 21 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक संचालित होगा। इसके तहत प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य पात्र नागरिकों को बैंकिंग सेवाओं, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और वित्तीय जागरूकता से जोड़ना है।

अभियान के दौरान नागरिकों को बैंक खाते खुलवाने, बीमा योजनाओं में पंजीकरण कराने, निष्क्रिय खातों को दोबारा चालू करने और खातों से संबंधित जरूरी प्रक्रियाएं पूरी करने की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही लोगों को डिजिटल बैंकिंग के सुरक्षित इस्तेमाल और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के तरीकों की जानकारी भी दी जाएगी।

राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति, छत्तीसगढ़ के संयोजक एवं भारतीय स्टेट बैंक के उप महाप्रबंधक दीपक कुमार अभिषेक  ने बताया कि सभी बैंकों की शाखाएं अपने नजदीकी ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में शिविर आयोजित कर रही हैं। बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में पात्र हितग्राहियों का पंजीकरण किया जा रहा है और आवश्यक दस्तावेज भी लिए जा रहे हैं।

सभी जिलों में लगाए जा रहे विशेष शिविर

यह अभियान छत्तीसगढ़ के सभी 33 जिलों के 146 विकासखंडों में संचालित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत प्रदेश की 11,689 ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों को शामिल किया गया है। शिविरों के माध्यम से उन पात्र नागरिकों तक पहुंचने पर ध्यान दिया जा रहा है, जो अब तक बैंकिंग सुविधाओं या विभिन्न वित्तीय योजनाओं से नहीं जुड़ पाए हैं।

इन शिविरों में वित्तीय साक्षरता, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और डिजिटल बैंकिंग से संबंधित जानकारी दी जा रही है। नागरिक अपनी पात्रता के अनुसार योजनाओं में पंजीकरण कराने के साथ बैंक खातों से जुड़ी जरूरी प्रक्रियाएं भी पूरी कर सकते हैं।

 बीमा और पेंशन योजनाओं में पंजीकरण पर जोर

अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और अटल पेंशन योजना में पात्र व्यक्तियों का पंजीकरण कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के तहत 18 से 70 वर्ष की आयु के पात्र व्यक्तियों को 20 रुपये के वार्षिक प्रीमियम पर दुर्घटना से मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में दो लाख रुपये तक का बीमा संरक्षण मिलता है।

वहीं, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना में 18 से 50 वर्ष की आयु के पात्र व्यक्ति 436 रुपये के वार्षिक प्रीमियम पर किसी भी कारण से मृत्यु होने की स्थिति में दो लाख रुपये का बीमा संरक्षण प्राप्त कर सकते हैं। अटल पेंशन योजना के अंतर्गत निर्धारित अंशदान और पात्रता शर्तों के अनुसार 60 वर्ष की आयु के बाद मासिक पेंशन पाने का प्रावधान है।

जनधन खाते, आधार सीडिंग और री-केवाईसी की सुविधा

शिविरों में प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत नए बैंक खाते खोलने और निष्क्रिय खातों को दोबारा सक्रिय करने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है। जन सुरक्षा बीमा योजनाओं के लिए आधार सीडिंग कराने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके साथ ही जनधन और अन्य बचत खातों के निर्बाध संचालन के लिए री-केवाईसी यानी अपने ग्राहक को जानें प्रक्रिया पूरी कराने पर जोर दिया जा रहा है।

विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के परिवारों के बैंक खाते खोलने के साथ बचत खातों और बैंक लॉकरों में नामांकन दर्ज कराने या पहले से दर्ज नामांकन को अपडेट करने की सुविधा भी इन शिविरों में दी जा रही है।

किसानों को केसीसी और फसल बीमा की जानकारी

वित्तीय समावेशन अभियान में किसानों से जुड़ी योजनाओं को भी शामिल किया गया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण के आवेदन प्राप्त करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे पात्र किसान अपनी जरूरत के अनुसार केसीसी से संबंधित प्रक्रिया पूरी करने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

इसके अलावा आगामी रबी फसल के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी भी दी जा रही है। शिविरों में नागरिकों को ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ अभियान के माध्यम से दावा रहित वित्तीय परिसंपत्तियों के संबंध में जागरूक किया जा रहा है, ताकि लोग इस विषय से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकें।

 डिजिटल लेनदेन और वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव

बैंकिंग सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने के साथ लोगों को सुरक्षित वित्तीय व्यवहार के प्रति जागरूक करना भी अभियान का अहम हिस्सा है। शिविरों में सुरक्षित डिजिटल लेनदेन, ऑनलाइन बैंकिंग के इस्तेमाल और वित्तीय धोखाधड़ी से बचने के उपायों की जानकारी दी जा रही है। बैंक अधिकारियों के माध्यम से नागरिकों को बैंकिंग प्रक्रियाओं और योजनाओं के बारे में समझाया जा रहा है।

 निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में 31 दिसंबर 2026 तक चलने वाले इस अभियान के जरिए बैंकिंग सेवाओं, बीमा, पेंशन और किसान योजनाओं से पात्र लोगों को जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने नजदीकी बैंक शिविर में पहुंचकर पात्रता के अनुसार योजनाओं का लाभ लें और बैंक खातों से संबंधित जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कराएं। अभियान की सफलता के लिए राज्य सरकार, ग्राम पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों से भी सक्रिय सहयोग की अपेक्षा की गई है।

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