छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और पीएम सूर्यघर योजना से बदली बिजली व्यवस्था, 43 लाख परिसरों में लगे स्मार्ट मीटर

02 Oct 2026 - 13:25
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छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर और पीएम सूर्यघर योजना से बदली बिजली व्यवस्था, 43 लाख परिसरों में लगे स्मार्ट मीटर

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बिजली व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए स्मार्ट मीटर और प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के जरिए काम किया जा रहा है। स्मार्ट मीटर के माध्यम से बिजली खपत की निगरानी को अधिक पारदर्शी बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि पीएम सूर्यघर योजना के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को घरों में सोलर प्लांट लगाने पर सब्सिडी और बिजली बिल में कमी का लाभ मिल रहा है।

प्रदेश में कुल 52 लाख 28 हजार घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं। इनमें से 47 लाख से अधिक उपभोक्ता मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ ले रहे हैं। बिजली खपत से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025-26 की तुलना में वर्ष 2026-27 में उपभोक्ताओं की मासिक खपत में कोई अप्रत्याशित बढ़ोतरी नहीं हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर खपत में बदलाव सामान्य वार्षिक वृद्धि के अनुरूप बताया गया है। 

2025-26 और 2026-27 में खपत का क्या रहा आंकड़ा

वर्ष 2025-26 में 200 यूनिट से कम मासिक बिजली खपत करने वाले घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या 41.40 लाख थी। वहीं 200 से 400 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 6.85 लाख और 400 यूनिट से अधिक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 2.71 लाख थी।

वर्ष 2026-27 में 200 यूनिट से कम खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या बढ़कर 42.40 लाख हो गई। 200 से 400 यूनिट वाले उपभोक्ताओं की संख्या 7.34 लाख रही, जबकि 400 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या घटकर 2.56 लाख हो गई। उपलब्ध विश्लेषण में बताया गया है कि स्मार्ट और गैर-स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं में खपत की वृद्धि एक ही अनुपात में रही है।

स्मार्ट मीटर से खपत बढ़ने का दावा नहीं

मई 2025 से जुलाई 2026 तक के विभिन्न महीनों के आंकड़ों और विश्लेषण के आधार पर यह बताया गया है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के कारण बिजली खपत में कोई अवांछित वृद्धि नहीं हुई। यानी स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं की खपत में अलग से असामान्य बढ़ोतरी दर्ज नहीं की गई है।

यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिजली बिल अधिक आने की शिकायत होती है, तो उसके परिसर में चेक मीटर लगाने का प्रावधान भी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, लगभग 43 लाख उपभोक्ता परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। इनमें से 7,780 परिसरों में स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर भी लगाया गया है। इन परिसरों में दोनों मीटरों से दर्ज बिजली खपत के बीच का अंतर निर्धारित मानक सीमा के भीतर पाया गया है।

55 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का मिला था एलओए

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया के तहत 13 जुलाई 2022 को डीपीआर को मंजूरी दी गई थी। इसके बाद 11 अप्रैल 2023 को टेंडर प्रकाशित किया गया। मई 2023 में कंपनियों को प्रदेश में 55 लाख स्मार्ट मीटर लगाने के लिए एलओए जारी किया गया था।

इसके बाद स्मार्ट मीटर लगाने का काम आगे बढ़ाया गया और अब तक करीब 43 लाख उपभोक्ता परिसरों में मीटर लगाए जाने की जानकारी दी गई है। केंद्र स्तर पर स्मार्ट मीटरिंग को लेकर भी कार्यक्रम चल रहे हैं।

घरेलू उपभोक्ताओं को ऊर्जा राहत का लाभ

घरेलू क्षेत्र में 400 यूनिट तक मासिक खपत वाले उपभोक्ताओं के लिए मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना के तहत 200 यूनिट की खपत पर 50 प्रतिशत की छूट दिए जाने की जानकारी दी गई है। प्रदेश में करीब 15 लाख बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ता हैं, जिन्हें हर महीने 30 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है।

इसके अलावा 31 से 100 यूनिट तक बिजली इस्तेमाल करने वाले बीपीएल श्रेणी के उपभोक्ताओं को मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना के तहत अतिरिक्त छूट या सहायता भी मिल रही है। इस व्यवस्था का उद्देश्य अलग-अलग खपत श्रेणी में आने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को निर्धारित राहत उपलब्ध कराना है।

पीएम सूर्यघर योजना में मिल रही सब्सिडी

प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत घरों में सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को बिजली बिल में कमी के साथ केंद्र और राज्य सरकार की सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। योजना के तहत 3 किलोवाट क्षमता के सोलर प्लांट पर केंद्र सरकार से अधिकतम 78 हजार रुपये और राज्य सरकार से 30 हजार रुपये तक की सब्सिडी का प्रावधान बताया गया है।

सोलर प्लांट लगाने के लिए आवश्यक राशि की व्यवस्था के उद्देश्य से राष्ट्रीयकृत बैंकों द्वारा 6 प्रतिशत से कम ब्याज दर पर 2 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक प्रदेश के लाभार्थी उपभोक्ताओं को केंद्र सरकार की ओर से 661 करोड़ रुपये और राज्य सरकार की ओर से 225 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।

1.11 लाख से अधिक सोलर प्लांट स्थापित

प्रदेश में अब तक 1 लाख 11 हजार 713 सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें 35 हजार से अधिक सोलर उपभोक्ताओं के बिजली बिल जीरो आने की जानकारी दी गई है। पिछले वर्ष की तुलना में 60 हजार से अधिक अतिरिक्त लाभार्थी उपभोक्ता मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जनअभियान योजना का लाभ ले रहे हैं।

पीएम सूर्यघर योजना की बढ़ती मांग के बीच प्रदेश में अब प्रतिदिन 500 से अधिक सोलर प्लांट लगाए जाने की जानकारी दी गई है। 400 यूनिट से अधिक मासिक खपत के कारण ऊर्जा राहत योजना का लाभ नहीं ले पाने वाले कुछ उपभोक्ता भी सोलर प्लांट लगाकर अपनी खपत को निचले स्लैब में ला रहे हैं। इससे 400 यूनिट से अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं की संख्या में कमी और 200 से 400 तथा 200 यूनिट से कम वाले स्लैब में उपभोक्ताओं की संख्या में वृद्धि दर्ज हुई है।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटरिंग और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ बिजली उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग राहत योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं की खपत में कोई अलग अवांछित वृद्धि सामने नहीं आई है। वहीं पीएम सूर्यघर योजना के तहत सोलर प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी, ऋण सुविधा और कम बिजली बिल का लाभ मिल रहा है। सोलर प्लांट की संख्या बढ़ने से कुछ उपभोक्ताओं की बिजली खपत निचले स्लैब में आने की जानकारी भी दी गई है।

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