छत्तीसगढ़ के तीन सरकारी स्कूलों में शुरू हुआ साईंश्योर न्यूट्रिशन कार्यक्रम, करीब 500 बच्चों को मिलेगा निःशुल्क पोषण सहयोग
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और सीखने की क्षमता को बेहतर बनाने की दिशा में एक नई पहल शुरू की गई है। प्रदेश के शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने गुरुवार को श्री सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट के सहयोग से “साईंश्योर न्यूट्रिशन कार्यक्रम” के पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ किया। कार्यक्रम की शुरुआत रायपुर जिले के तीन शासकीय विद्यालयों से की गई है, जिसके पहले चरण में करीब 500 बच्चों को निःशुल्क पोषण सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों को नियमित पौष्टिक आहार सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि उनके स्वास्थ्य के साथ-साथ एकाग्रता, सीखने की क्षमता और समग्र विकास को भी बढ़ावा मिल सके। कार्यक्रम को फिलहाल पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है। इसके अनुभवों के आधार पर आगे इसे राज्य के अन्य क्षेत्रों और अधिक शासकीय विद्यालयों तक ले जाने की योजना पर काम किया जाएगा।
तीन शासकीय स्कूलों से पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत

साईंश्योर न्यूट्रिशन कार्यक्रम के पहले चरण में रायपुर जिले के तीन शासकीय विद्यालयों को शामिल किया गया है। इनमें नवीन प्राथमिक शाला नवागांव, प्राथमिक एवं मिडिल स्कूल परसदा तथा शासकीय विद्यालय छेरीखेड़ी शामिल हैं। इन तीनों विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को कार्यक्रम के तहत साईंश्योर न्यूट्रिशन उपलब्ध कराया जाएगा।
पहले चरण में लगभग 500 बच्चों को इसका लाभ मिलने की जानकारी दी गई है। कार्यक्रम के तहत बच्चों को पोषण सहयोग देने का उद्देश्य केवल उनके खान-पान से जुड़ी जरूरतों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके शैक्षणिक विकास से भी इसे जोड़ा गया है। पहल के माध्यम से बच्चों के स्वास्थ्य और पढ़ाई के बीच पोषण की भूमिका पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
पोषण के साथ सीखने की क्षमता पर जोर

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों को नियमित पौष्टिक आहार सहयोग देना है। आयोजकों के अनुसार, बेहतर पोषण बच्चों के स्वास्थ्य के साथ उनकी एकाग्रता और सीखने की क्षमता के लिए भी महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ साईंश्योर न्यूट्रिशन कार्यक्रम को शिक्षा से जोड़ते हुए शुरू किया गया है।
इस पहल के माध्यम से बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान देने की बात कही गई है। स्कूल जाने वाले बच्चों को पोषण सहयोग उपलब्ध कराने से उनके स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करने की दिशा में काम किया जाएगा। कार्यक्रम का पायलट चरण यह समझने में भी मदद करेगा कि इसे आगे बड़े स्तर पर किस तरह लागू किया जा सकता है।
शुभारंभ कार्यक्रम में अधिकारी और शिक्षक रहे मौजूद

कार्यक्रम के शुभारंभ अवसर पर श्री सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट के ट्रस्टी श्री आनंद कडली, शिक्षा विभाग के अधिकारी, संबंधित विद्यालयों के शिक्षक, श्री सत्य साईं संजीवनी अस्पताल की टीम और अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
अतिथियों ने बच्चों को साईंश्योर न्यूट्रिशन का वितरण कर कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान शिक्षा विभाग और ट्रस्ट से जुड़े प्रतिनिधियों की मौजूदगी में पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों को शिक्षा के व्यापक उद्देश्य के साथ जोड़ने पर जोर दिया गया।
25 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में पहुंच रही सेवा
श्री सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट के अनुसार, वर्तमान में देश के 25 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में एक करोड़ से अधिक स्कूली बच्चों तक प्रातःकालीन पोषण सेवा पहुंचाई जा रही है। ट्रस्ट के मुताबिक, इसी पहल के विस्तार के क्रम में छत्तीसगढ़ में साईंश्योर न्यूट्रिशन कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
छत्तीसगढ़ में इसे फिलहाल सीमित संख्या में सरकारी स्कूलों से शुरू किया गया है। पायलट प्रोजेक्ट के दौरान प्राप्त अनुभवों के आधार पर आगे कार्यक्रम के विस्तार को लेकर निर्णय लिया जाएगा। इस तरह शुरुआती चरण में बच्चों तक पोषण सहयोग पहुंचाने के साथ कार्यक्रम की प्रक्रिया और प्रभाव को समझने पर भी ध्यान रहेगा।
जुलाई में हुई थी पोषण और शिक्षा पर चर्चा
छत्तीसगढ़ में कार्यक्रम की शुरुआत की पृष्ठभूमि में जुलाई 2026 में हुई एक मुलाकात का भी उल्लेख किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जुलाई 2026 में सत्य साईं ग्राम, मुद्देनहल्ली का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने सद्गुरु श्री मधुसूदन साईं से भेंट की थी।
इस मुलाकात के दौरान पोषण, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई थी। इसी क्रम में छत्तीसगढ़ में साईंश्योर न्यूट्रिशन कार्यक्रम शुरू करने की दिशा में पहल आगे बढ़ी और अब रायपुर जिले के तीन शासकीय विद्यालयों से इसका पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
आगे अन्य सरकारी स्कूलों तक विस्तार की तैयारी
कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि पोषित बच्चा बेहतर तरीके से सीख सकता है। उन्होंने बताया कि रायपुर जिले में लगभग 500 बच्चों के साथ शुरू किए गए इस पायलट कार्यक्रम से मिलने वाले अनुभवों के आधार पर भविष्य में इसे राज्य के अन्य क्षेत्रों और अधिक शासकीय विद्यालयों तक विस्तारित किया जाएगा।
इससे फिलहाल कार्यक्रम का पहला चरण तीन विद्यालयों और करीब 500 बच्चों तक सीमित रहेगा। आगे इसका विस्तार किस स्तर और किन क्षेत्रों में किया जाएगा, यह पायलट प्रोजेक्ट के अनुभवों के आधार पर तय किया जाएगा। शिक्षा मंत्री के बयान के अनुसार, इस पहल में बच्चों के पोषण को उनकी शिक्षा और समग्र विकास के साथ जोड़कर देखा जा रहा है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में साईंश्योर न्यूट्रिशन कार्यक्रम की शुरुआत रायपुर जिले के तीन शासकीय विद्यालयों से हुई है। पहले चरण में करीब 500 बच्चों को निःशुल्क पोषण सहयोग दिया जाएगा। श्री सत्य साईं अन्नपूर्णा ट्रस्ट के सहयोग से शुरू किए गए इस पायलट प्रोजेक्ट में बच्चों के स्वास्थ्य, एकाग्रता, सीखने की क्षमता और समग्र विकास पर ध्यान दिया गया है। शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव के अनुसार, पायलट चरण के अनुभवों के आधार पर भविष्य में कार्यक्रम को राज्य के अन्य क्षेत्रों और अधिक सरकारी स्कूलों तक विस्तारित किया जा सकता है।
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