राशन लेने में फिंगरप्रिंट नहीं हो रहा मैच? जानिए नॉमिनी और OTP से राशन पाने का विकल्प

26 Oct 2026 - 13:47
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राशन लेने में फिंगरप्रिंट नहीं हो रहा मैच? जानिए नॉमिनी और OTP से राशन पाने का विकल्प

छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के लिए खाद्य विभाग ने बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। विभाग के अनुसार, यदि राशन लेने के दौरान किसी हितग्राही का फिंगरप्रिंट बायोमेट्रिक मशीन से मैच नहीं होता है, तो केवल इस वजह से उसे राशन से वंचित नहीं माना जा सकता। पात्र हितग्राहियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक प्रमाणीकरण व्यवस्था का प्रावधान है।

यह व्यवस्था विशेष रूप से बुजुर्गों और उन लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें उंगलियों के निशान का मिलान कराने में परेशानी होती है। ऐसे मामलों में नियमानुसार नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) या ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण के माध्यम से राशन प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध हो सकती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में आने वाली कठिनाई के कारण पात्र व्यक्ति राशन से वंचित न रहें।

रायपुर जिले के खाद्य नियंत्रक ने इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली में हितग्राहियों की सुविधा के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं निर्धारित हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने को राशन नहीं मिलने का अंतिम कारण न मानें और उपलब्ध वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी प्राप्त करें।

फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने पर भी मिल सकता है राशन

सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत राशन वितरण के दौरान हितग्राहियों का बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण किया जाता है। हालांकि, कुछ परिस्थितियों में मशीन पर फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं हो पाता। ऐसी स्थिति में पात्र हितग्राही को राशन नहीं मिल सकेगा, ऐसा मान लेना सही नहीं है।

खाद्य विभाग के स्पष्टीकरण के मुताबिक, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में परेशानी आने पर नियमानुसार वैकल्पिक माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है। इसलिए राशन दुकान पर फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने की स्थिति में हितग्राही को उपलब्ध विकल्पों के बारे में जानकारी लेनी चाहिए। इससे प्रक्रिया को लेकर अनावश्यक भ्रम से बचा जा सकता है।

नॉमिनी के जरिए राशन लेने की सुविधा

जिन पात्र हितग्राहियों को स्वयं बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराने में कठिनाई होती है, उनके लिए नॉमिनी यानी नामांकित व्यक्ति के माध्यम से राशन प्राप्त करने का विकल्प उपलब्ध हो सकता है। यह सुविधा विशेष रूप से उन बुजुर्गों के लिए उपयोगी है, जिन्हें फिंगरप्रिंट मिलान में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी परिस्थितियों में निर्धारित नियमों के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था का लाभ लिया जा सकता है। हालांकि, नॉमिनी के माध्यम से राशन प्राप्त करने के लिए संबंधित नियमों और प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। हितग्राहियों को अपनी राशन दुकान या संबंधित खाद्य विभाग के कार्यालय से लागू प्रक्रिया की जानकारी लेनी चाहिए।

OTP आधारित प्रमाणीकरण भी एक विकल्प

फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने की स्थिति में OTP (वन टाइम पासवर्ड) आधारित प्रमाणीकरण के जरिए भी राशन प्राप्त करने की सुविधा हो सकती है। इस व्यवस्था में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ओटीपी के माध्यम से पहचान का प्रमाणीकरण किया जाता है।

खाद्य विभाग के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली में इस तरह के वैकल्पिक माध्यमों का प्रावधान इसलिए किया गया है, ताकि बायोमेट्रिक मशीन से जुड़ी तकनीकी या अन्य कठिनाइयों के कारण पात्र हितग्राहियों को परेशानी न हो। संबंधित हितग्राही अपनी स्थिति के अनुसार उपलब्ध विकल्प की जानकारी राशन दुकान संचालक या खाद्य विभाग से प्राप्त कर सकते हैं।

बुजुर्ग और जरूरतमंद हितग्राहियों के लिए अहम सूचना

बुजुर्गों सहित उन सभी पात्र लोगों के लिए यह जानकारी महत्वपूर्ण है, जिनके फिंगरप्रिंट का मिलान मशीन से नहीं हो पाता। खाद्य नियंत्रक ने फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने के कारण राशन नहीं मिलने संबंधी जानकारी को भ्रामक और अधूरा बताया है। विभाग का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों से निपटने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पहले से निर्धारित है।

हितग्राहियों को सलाह है कि प्रमाणीकरण में परेशानी आने पर तुरंत यह निष्कर्ष न निकालें कि उन्हें राशन नहीं मिलेगा। वे नॉमिनी या ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण की उपलब्धता और प्रक्रिया के बारे में संबंधित अधिकारियों से जानकारी लें। इससे पात्रता के अनुसार राशन प्राप्त करने के लिए उचित विकल्प अपनाने में मदद मिल सकती है।

खाद्य विभाग ने भ्रम से बचने की अपील की

रायपुर जिले के खाद्य नियंत्रक ने कहा है कि वैकल्पिक प्रमाणीकरण व्यवस्था की सही जानकारी आम लोगों तक पहुंचना जरूरी है, ताकि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा न हो। फिंगरप्रिंट का मिलान नहीं होना अपने आप में यह साबित नहीं करता कि संबंधित हितग्राही राशन प्राप्त नहीं कर सकता।

निष्कर्ष:

खाद्य विभाग के स्पष्टीकरण के अनुसार, बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण में परेशानी होने पर पात्र हितग्राहियों के लिए नॉमिनी और ओटीपी आधारित प्रमाणीकरण जैसे विकल्प उपलब्ध हो सकते हैं। इसलिए फिंगरप्रिंट मैच नहीं होने की स्थिति में हितग्राही संबंधित राशन दुकान या खाद्य विभाग से जानकारी लेकर नियमानुसार वैकल्पिक व्यवस्था का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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