सूरजपुर में PMGSY की खराब सड़कों पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सख्त, कलेक्टर को दिए सुधार के निर्देश

13 Oct 2026 - 14:15
Updated: 14 days ago
0 6
सूरजपुर में PMGSY की खराब सड़कों पर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सख्त, कलेक्टर को दिए सुधार के निर्देश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत निर्मित सड़कों की खराब स्थिति का मामला सामने आने के बाद मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने इस पर गंभीर रुख अपनाया है। क्षेत्र में सड़कों की बदहाली के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मिली जानकारी के बाद मंत्री ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर के कलेक्टर को पत्र लिखकर  प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनाई गई संबंधित सड़कों की वास्तविक स्थिति की जांच कराने और उनकी हालत सुधारने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा है। उन्होंने विभाग की ओर से प्रस्तुत सूची में शामिल सड़कों का निरीक्षण कर मौके पर उनकी स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए हैं।

इस मामले में विशेष रूप से उन सड़कों पर ध्यान देने को कहा गया है, जिनका निर्माण हाल ही में हुआ है, लेकिन उनकी स्थिति खराब बताई जा रही है। साथ ही, जिन सड़कों की गारंटी अवधि अभी समाप्त नहीं हुई है, उनकी मरम्मत संबंधित ठेकेदारों से अनुबंध की शर्तों के अनुसार कराने के निर्देश दिए गए हैं।

ग्रामीणों की शिकायतों के बाद सामने आया सड़क का मुद्दा

भटगांव विधानसभा क्षेत्र में सड़कों की खराब स्थिति  को लेकर ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने अपनी परेशानी सामने रखी थी। क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े को बताया गया कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित कुछ सड़कों की हालत ठीक नहीं है। इसके कारण लोगों को रोजमर्रा के आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें लोगों के दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं। इनका उपयोग ग्रामीणों के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर आने-जाने वाले अन्य लोगों द्वारा भी किया जाता है। ऐसे में सड़कों की खराब स्थिति से आवागमन प्रभावित होने की समस्या सामने आती है।

मंत्री के संज्ञान में मामला आने के बाद संबंधित सड़कों की स्थिति की जांच और आवश्यक सुधार के लिए प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करने की पहल की गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में खराब सड़कों की कुल संख्या, उनकी लंबाई और प्रभावित गांवों का विस्तृत विवरण नहीं दिया गया है।

कलेक्टर को पत्र लिखकर तत्काल कार्रवाई के निर्देश

सड़कों की स्थिति को लेकर मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर कलेक्टर को पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से संबंधित सड़कों की हालत में सुधार लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया है। इस निर्देश का प्रमुख उद्देश्य विभागीय सूची में दर्ज सड़कों की वास्तविक स्थिति का पता लगाना और जरूरत के अनुसार मरम्मत की कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

मंत्री ने केवल सूची के आधार पर कार्रवाई करने के बजाय सड़कों का निरीक्षण कर उनकी मौजूदा स्थिति का आकलन करने पर जोर दिया है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किन सड़कों पर मरम्मत की आवश्यकता है और किन मामलों में संबंधित निर्माण एजेंसियों या ठेकेदारों की जिम्मेदारी बनती है।

कलेक्टर को दिए गए निर्देशों के अनुसार, संबंधित विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई सूची में शामिल सड़कों की जांच की जानी है। इसके बाद उनकी स्थिति के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की दिशा तय की जा सकती है।

नई बनी सड़कों की गुणवत्ता की होगी जांच

मंत्री द्वारा उठाए गए इस मुद्दे में नई निर्मित सड़कों की खराब हालत  प्रमुख चिंता का विषय है। सड़क निर्माण के बाद उसका उपयोग निर्धारित मानकों और अनुबंध की शर्तों के अनुरूप हो सके, यह सुनिश्चित करना संबंधित विभागों की जिम्मेदारी से जुड़ा विषय है।

यदि किसी नई बनी सड़क की स्थिति खराब पाई जाती है, तो उसकी वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करना जरूरी होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंत्री ने विभागीय सूची में शामिल सड़कों की मौके पर जांच करने के निर्देश दिए हैं।

निरीक्षण के दौरान सड़कों की मौजूदा स्थिति सामने आने के बाद आवश्यक सुधार के कदम उठाए जा सकते हैं। इससे यह भी स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि संबंधित सड़क की मरम्मत किस प्रक्रिया के तहत कराई जानी चाहिए।

हालांकि, अभी उपलब्ध जानकारी में सड़क निर्माण की गुणवत्ता से संबंधित किसी जांच रिपोर्ट, तकनीकी निष्कर्ष या जिम्मेदार पक्ष के विरुद्ध की गई कार्रवाई का विवरण सामने नहीं आया है। इसलिए आगे की कार्रवाई संबंधित सड़कों के निरीक्षण और प्रशासनिक प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

गारंटी अवधि वाली सड़कों की मरम्मत पर जोर

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने गारंटी अवधि के अंतर्गत आने वाली सड़कों की मरम्मत संबंधित ठेकेदारों से कराने के निर्देश भी दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसी सड़कों की मरम्मत अनुबंध में निर्धारित शर्तों के अनुसार कराई जानी चाहिए।

सड़क निर्माण से जुड़े अनुबंधों में गारंटी अवधि का महत्वपूर्ण स्थान होता है। इस अवधि के दौरान सड़क में निर्धारित शर्तों के दायरे में आने वाली खराबी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार की जिम्मेदारी के अनुसार सुधार कराया जा सकता है। इससे सड़क की मरम्मत के लिए तय प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

इस मामले में मंत्री ने स्पष्ट रूप से गारंटी अवधि वाली सड़कों पर ध्यान देने को कहा है। इससे संबंधित अधिकारियों के सामने यह जांचने का आधार होगा कि कौन-सी सड़कें अभी गारंटी अवधि में हैं और किन सड़कों की मरम्मत अनुबंध के प्रावधानों के तहत कराई जा सकती है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी में संबंधित सड़कों की गारंटी अवधि, ठेकेदारों के नाम और मरम्मत कार्य पूरा  करने की समयसीमा का उल्लेख नहीं किया गया है। #

 ग्रामीण आवागमन में सुधार पर प्रशासन का ध्यान

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने से जुड़ा है। ऐसे में योजना के तहत निर्मित सड़कों की स्थिति ठीक बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। भटगांव विधानसभा क्षेत्र में सामने आई शिकायतों के बाद सड़कों का निरीक्षण कराने और आवश्यक मरम्मत के निर्देश इसी संदर्भ में महत्वपूर्ण हैं।

अब संबंधित अधिकारियों को विभागीय सूची में दर्ज सड़कों की वास्तविक स्थिति का आकलन करना होगा। इसके साथ ही गारंटी अवधि में आने वाली सड़कों की पहचान कर अनुबंध की शर्तों के अनुसार मरम्मत की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

ग्रामीणों की ओर से उठाई गई समस्या के समाधान के लिए निरीक्षण और मरम्मत से जुड़ी कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। सड़कों की स्थिति में सुधार होने से क्षेत्र में आवागमन से संबंधित परेशानियों को दूर करने में मदद मिल सकती है।

निष्कर्ष

सूरजपुर जिले के भटगांव विधानसभा क्षेत्र में PMGSY की खराब सड़कों  को लेकर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कलेक्टर को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसमें सड़कों का निरीक्षण, उनकी वास्तविक स्थिति का आकलन और गारंटी अवधि के भीतर आने वाली सड़कों की ठेकेदारों से मरम्मत कराने पर जोर दिया गया है। अब संबंधित सड़कों की जांच और उसके आधार पर की जाने वाली कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि ग्रामीणों को हो रही आवागमन की परेशानी दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User