Forex Trading Scam: छत्रपति संभाजीनगर में 17.34 लाख रुपये की साइबर ठगी, विदेशी मुद्रा में मुनाफे का लालच देकर उत्पादन अधिकारी को बनाया निशाना
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में विदेशी मुद्रा कारोबार (Forex Trading) में निवेश के नाम पर साइबर ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक निजी कंपनी में उत्पादन अधिकारी के पद पर कार्यरत 40 वर्षीय मोहम्मद रिजवान मोहम्मद हारुण शेख से कथित तौर पर 17,34,716 रुपये की ठगी की गई। आरोप है कि साइबर ठगों ने फेसबुक पर विदेशी मुद्रा कारोबार में भारी मुनाफे का विज्ञापन दिखाकर उन्हें निवेश के लिए आकर्षित किया। इसके बाद ऑनलाइन पोर्टफोलियो में हजारों डॉलर का मुनाफा दिखाकर उनसे अलग-अलग किस्तों में रकम जमा कराई गई।
इस मामले में ठगी का तरीका ऑनलाइन निवेश के नाम पर भरोसा जीतने से जुड़ा बताया गया है। पीड़ित को कथित तौर पर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के वीडियो का सहारा लेकर विदेशी मुद्रा कारोबार में लाभ मिलने का लालच दिया गया। निवेश के बाद पोर्टफोलियो में बढ़ती रकम देखकर उन्हें मुनाफे की उम्मीद हुई और उन्होंने अधिक पैसे लगाने शुरू कर दिए। आरोप है कि रकम जुटाने के लिए उन्हें अपने घर के गहने तक बेचने पड़े।
हालांकि, जब पीड़ित ने 22 सितंबर को अपना ऑनलाइन पोर्टफोलियो खोला, तो उसमें निवेश और मुनाफे से संबंधित कोई जानकारी दिखाई नहीं दी। इसके बाद उन्हें कथित साइबर ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने हर्सूल पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुआ निवेश का मामला
पुलिस के अनुसार, मोहम्मद रिजवान मोहम्मद हारुण शेख छत्रपति संभाजीनगर के हर्सूल क्षेत्र स्थित मलिक अंबर कॉलोनी के निवासी हैं। वह शेंद्रा स्थित हरमन कंपनी में उत्पादन अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। बताया गया है कि 28 जून को फेसबुक देखते समय उनकी नजर विदेशी मुद्रा कारोबार में निवेश से जुड़े एक विज्ञापन पर पड़ी।
विज्ञापन के माध्यम से निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलने का दावा किया गया था। इसके बाद शेख ने दिए गए लिंक पर क्लिक किया और Savexa (सेवेक्षा) नाम की वेबसाइट पर पंजीकरण कराया। इस तरह वह ऑनलाइन निवेश की प्रक्रिया से जुड़े।
आरोप है कि तीन जुलाई को किनजा सय्यद नाम की महिला ने उनसे फोन पर संपर्क किया। उसने शुरुआत में 200 डॉलर निवेश करने के लिए कहा। इसके बाद शेख ने अपने क्रेडिट कार्ड के माध्यम से 22,488 रुपये जमा किए। शुरुआती निवेश के बाद कथित तौर पर उनसे आगे भी रकम लगाने के लिए संपर्क किया जाता रहा।
खाता प्रबंधक बनकर किया अधिक निवेश के लिए प्रेरित
शिकायत के मुताबिक, शुरुआती रकम जमा करने के बाद मोहम्मद यासीन वोहरा नाम के व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया। उसने खुद को खाते का प्रबंधक बताया और अधिक निवेश करने के लिए कहा। इस दौरान ऑनलाइन पोर्टफोलियो में निवेश की रकम बढ़ती हुई दिखाई देने लगी।
पीड़ित को पोर्टफोलियो में दिखाई जा रही रकम और मुनाफे के आधार पर निवेश से लाभ होने का भरोसा हुआ। आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। बाद में पोर्टफोलियो में करीब 32 हजार डॉलर का मुनाफा दिखाया गया और उनसे और पैसे लगाने के लिए कहा गया।
इस तरह निवेश की प्रक्रिया आगे बढ़ती रही। पीड़ित को ऑनलाइन दिखाई देने वाले मुनाफे के कारण उम्मीद थी कि उन्हें निवेश की गई रकम के साथ लाभ भी मिलेगा। लेकिन बाद में पोर्टफोलियो से जानकारी गायब होने पर पूरा मामला संदिग्ध हो गया।
गहने बेचकर भी जमा किए लाखों रुपये
मामले में सामने आई जानकारी के अनुसार, मोहम्मद रिजवान शेख ने अलग-अलग तारीखों पर बड़ी रकम निवेश की। उन्होंने विभिन्न बैंक खातों में पैसे भेजे और कथित तौर पर अधिक निवेश के लिए अपने घर के गहने भी बेच दिए।
रकम जमा करने का विवरण इस प्रकार बताया गया है:
- 3 जुलाई: क्रेडिट कार्ड से 22,488 रुपये जमा किए गए।
- 14 जुलाई: सात लाख रुपये जमा किए गए।
- 22 अगस्त: गहने बेचकर प्राप्त 2.55 लाख रुपये निवेश किए गए।
- 1 सितंबर: 3.71 लाख रुपये जमा किए गए।
- 9 सितंबर: तीन लाख रुपये और जमा किए गए।
इन लेन-देन के अलावा मामले में अन्य रकम भी शामिल बताई गई है। शिकायत के अनुसार, कुल कथित ठगी की राशि 17,34,716 रुपये है। निवेश के लिए लगातार रकम जुटाने और उसे अलग-अलग खातों में भेजने के कारण पीड़ित को आर्थिक नुकसान हुआ।
32 हजार डॉलर के मुनाफे का दावा, फिर गायब हुआ पोर्टफोलियो
शिकायत के मुताबिक, ऑनलाइन पोर्टफोलियो में 32 हजार डॉलर का मुनाफा दिखाए जाने के बाद भी आरोपियों ने कथित तौर पर पीड़ित से अतिरिक्त रकम मांगी। शेख ने 17 सितंबर को लेन-देन करने की कोशिश की, लेकिन बैंक बंद होने के कारण वह उस दिन भुगतान नहीं कर सके।
इसके बाद 22 सितंबर को जब उन्होंने अपना पोर्टफोलियो खोला, तो उसमें कोई जानकारी उपलब्ध नहीं थी। निवेश की रकम और कथित मुनाफे का विवरण नहीं मिलने पर उन्हें ठगी की आशंका हुई। इसके बाद उन्होंने पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई।
यह घटनाक्रम इस मामले का अहम हिस्सा है, क्योंकि पीड़ित को पहले ऑनलाइन पोर्टफोलियो में मुनाफा दिखाई देने की बात कही गई है, जबकि बाद में उसी पोर्टफोलियो से जानकारी गायब हो गई। हालांकि, पोर्टफोलियो में दिखाई गई रकम और मुनाफे की स्वतंत्र पुष्टि जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगी।
हर्सूल पुलिस ने दर्ज किया मामला
घटना की शिकायत मिलने के बाद छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस निरीक्षक स्वाति केदार इस मामले की जांच कर रही हैं। जांच में कथित तौर पर संपर्क करने वाले लोगों, Savexa वेबसाइट और रकम भेजे गए बैंक खातों से संबंधित जानकारी महत्वपूर्ण हो सकती है।
पुलिस के सामने अब शिकायत में बताए गए लेन-देन और ऑनलाइन निवेश से जुड़े घटनाक्रम की जांच करना अहम है। मामले में जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनकी भूमिका और कथित ठगी से संबंध की पुष्टि जांच के आधार पर ही होगी।
निष्कर्ष
छत्रपति संभाजीनगर में विदेशी मुद्रा कारोबार में मुनाफे का लालच देकर एक उत्पादन अधिकारी से 17.34 लाख रुपये की कथित साइबर ठगी का मामला सामने आया है। फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुई निवेश प्रक्रिया में पीड़ित ने कई बार रकम जमा की और गहने बेचकर भी पैसे लगाए। बाद में ऑनलाइन पोर्टफोलियो से जानकारी गायब होने पर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। फिलहाल हर्सूल पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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