छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग को मिलेगी नई सुविधा, 6 परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवन निर्माण को मंजूरी

24 Oct 2026 - 15:47
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छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग को मिलेगी नई सुविधा, 6 परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवन निर्माण को मंजूरी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग की सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए छह परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के नए भवन बनाए जाएंगे। राज्य शासन ने इन भवनों के निर्माण के लिए कुल 2 करोड़ 70 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में निर्माण कार्य शुरू करने के लिए पहली किस्त के रूप में 67 लाख 72 हजार 500 रुपये  जारी करने की सहमति भी दी गई है। इन भवनों का निर्माण सूरजपुर, रायगढ़ और बीजापुर जिले में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन महिलाओं और बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। इसी क्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से छह केंद्रों के भवन निर्माण को स्वीकृति मिली है। इन केंद्रों के माध्यम से विभागीय गतिविधियों के संचालन, योजनाओं के क्रियान्वयन और संबंधित सेवाओं की निगरानी में सहयोग मिलने की उम्मीद है।

महिला एवं बाल विकास विभाग महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण, विकास तथा उनके अधिकारों और हितों के संरक्षण से जुड़ी विभिन्न योजनाओं और सेवाओं का संचालन करता है। ऐसे में विभागीय कार्यों के लिए व्यवस्थित भवन उपलब्ध होने से मैदानी स्तर पर काम करने वाले अमले को जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी।

छह केंद्रों के भवन निर्माण के लिए राशि स्वीकृत

राज्य शासन ने प्रदेश के छह परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवन निर्माण के लिए कुल 2 करोड़ 70 लाख 90 हजार रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी है। स्वीकृत योजना के अंतर्गत प्रत्येक भवन के निर्माण पर 45 लाख 15 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इस तरह सभी छह केंद्रों के लिए समान राशि निर्धारित की गई है।

भवन निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में पहली किस्त के रूप में 67 लाख 72 हजार 500 रुपये जारी करने की सहमति प्रदान की गई है। यह राशि निर्धारित प्रक्रिया और शासन के वित्तीय नियमों के अनुसार उपयोग की जाएगी। निर्माण कार्य की प्रगति और स्वीकृत राशि के इस्तेमाल से संबंधित जानकारी आगे की किस्त जारी करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण होगी।

सूरजपुर, रायगढ़ और बीजापुर में बनेंगे नए भवन

स्वीकृत भवनों का निर्माण राज्य के तीन जिलों में किया जाएगा। सूरजपुर जिले के भैयाथान और ओड़गी, रायगढ़ जिले के तमनार तथा बीजापुर जिले के बीजापुर, उसूर और भोपालपटनम में नए भवन बनाए जाएंगे। इस प्रकार कुल छह स्थानों पर विभागीय केंद्रों के लिए भवन निर्माण की स्वीकृति मिली है।

इन स्थानों पर भवन बनने से संबंधित परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों को विभागीय कार्यों के संचालन के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध होगा। इन केंद्रों की भूमिका योजनाओं के मैदानी क्रियान्वयन, विभागीय कर्मचारियों के बीच समन्वय और विभिन्न सेवाओं की निगरानी से जुड़ी है। नए भवनों के निर्माण से इन कार्यों को व्यवस्थित तरीके से संचालित करने में सहायता मिल सकती है।

महिलाओं और बच्चों से जुड़ी सेवाओं को मिलेगा आधार

महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत महिलाओं और बच्चों के विकास, स्वास्थ्य, पोषण और अधिकारों के संरक्षण से संबंधित अनेक योजनाएं संचालित होती हैं। इन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभागीय अमले को प्रशासनिक और कार्य संचालन से जुड़ी सुविधाओं की जरूरत होती है। परियोजना-सह-संसाधन केंद्र इस व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप भवन उपलब्ध होने से विभागीय गतिविधियों के संचालन के लिए अधिक व्यवस्थित स्थान मिलेगा। इससे कर्मचारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन, संबंधित अभिलेखों के प्रबंधन और हितग्राहियों से जुड़े कार्यों में सुविधा मिल सकती है। हालांकि, भवन निर्माण की स्वीकृति का मुख्य उद्देश्य विभागीय कामकाज के लिए आधारभूत सुविधा उपलब्ध कराना है।

ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में विभागीय कामकाज को मिलेगी सुविधा

स्वीकृत केंद्र सूरजपुर, रायगढ़ और बीजापुर जिलों के अलग-अलग क्षेत्रों में स्थित हैं। इन केंद्रों के भवनों का निर्माण विभागीय गतिविधियों को बेहतर ढंग से संचालित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है। खासकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में महिलाओं तथा बच्चों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी, क्रियान्वयन और निगरानी के लिए विभागीय समन्वय की भूमिका अहम रहती है।

बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होने से विभागीय अमले को अपने निर्धारित कार्यों को व्यवस्थित करने में सहूलियत मिल सकती है। इसके साथ ही शासन की कल्याणकारी योजनाओं और सेवाओं को पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने से जुड़े प्रयासों को भी समर्थन मिल सकता है। इन भवनों के माध्यम से विभागीय कार्यों को वर्तमान जरूरतों के अनुरूप संचालित करने की व्यवस्था विकसित की जाएगी।

अगली किस्त के लिए देना होगा प्रगति विवरण

शासन के आदेश में निर्माण राशि के उपयोग और आगे की किस्त जारी करने के लिए आवश्यक शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। अगली किस्त का प्रस्ताव प्रस्तुत करते समय पहली किस्त के उपयोग का प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य होगा। इसके साथ निर्माण कार्य की भौतिक और वित्तीय प्रगति का विवरण भी प्रस्तुत करना होगा।

इस प्रक्रिया के जरिए स्वीकृत राशि के उपयोग और निर्माण कार्य की स्थिति का विवरण शासन के समक्ष रखा जाएगा। राशि का व्यय निर्धारित सीमा और शासन के नियमों के अनुरूप करना होगा। इससे निर्माण कार्यों की प्रगति तथा वित्तीय उपयोग से संबंधित जानकारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपलब्ध कराई जा सकेगी।

निष्कर्ष

छत्तीसगढ़ में छह परियोजना-सह-संसाधन केंद्रों के भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ 70 लाख 90 हजार रुपये की स्वीकृति महिला एवं बाल विकास विभाग की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने से जुड़ी है। सूरजपुर, रायगढ़ और बीजापुर जिले में बनने वाले इन भवनों से विभागीय कामकाज को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। निर्माण के दौरान राशि के उपयोग और भौतिक प्रगति का विवरण निर्धारित नियमों के अनुसार प्रस्तुत करना होगा।

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