छत्तीसगढ़ में 2 अक्टूबर से ‘रिफॉर्म उत्सव’, ग्राम सभाओं से तैयार होगा विकसित ग्राम पंचायत प्लान

30 Sep 2026 - 18:12
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छत्तीसगढ़ में 2 अक्टूबर से ‘रिफॉर्म उत्सव’, ग्राम सभाओं से तैयार होगा विकसित ग्राम पंचायत प्लान

छत्तीसगढ़ में 2 अक्टूबर 2026 से ‘रिफॉर्म उत्सव’ की शुरुआत होने जा रही है। इसके साथ ही पूरे प्रदेश में विकसित ग्राम पंचायत प्लान (वीजीपीपी) तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। यह अभियान जन योजना अभियान (पीपीसी) के साथ एकीकृत रूप से संचालित किया जाएगा। इसका प्रमुख हिस्सा ग्राम सभाएं होंगी, जहां ग्रामीण अपने गांव की जरूरतों, विकास की कमियों, उपलब्ध संसाधनों और जरूरी कार्यों को लेकर सुझाव दे सकेंगे।

इस प्रक्रिया में ग्राम सभा को केवल योजनाओं की जानकारी देने के मंच के तौर पर नहीं, बल्कि गांव के विकास की प्राथमिकताएं तय करने और आगामी कार्ययोजना तैयार करने के लिए सहभागी मंच के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। ग्रामीणों से मिले सुझावों और स्थानीय जरूरतों के आधार पर इन्हें ग्राम पंचायत की आगामी विकास योजना में शामिल किया जाएगा।

रिफॉर्म उत्सव के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों के साथ स्व-सहायता समूहों की महिलाएं, युवा और अन्य ग्रामीण भी बड़ी संख्या में भाग लेंगे। ग्राम सभाओं में रोजगार, आजीविका, ग्रामीण अधोसंरचना और विभिन्न योजनाओं के आपसी समन्वय जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी।

रोजगार से आजीविका तक इन विषयों पर होगा संवाद

रिफॉर्म उत्सव के तहत ग्राम सभाओं में वीबी-जीरामजी से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर ग्रामीणों के साथ संवाद किया जाएगा। इनमें 125 दिवस रोजगार की वैधानिक गारंटी, 15 दिन में रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था और समय पर मजदूरी भुगतान जैसे विषय शामिल हैं।

इसके अलावा गांव की स्थानीय जरूरतों के अनुसार 375 अनुमेय कार्यों में से जरूरी कार्यों का चयन करने पर भी चर्चा होगी। आजीविका संवर्धन, ग्रामीण अधोसंरचना और विभिन्न योजनाओं के अभिसरण को भी योजना प्रक्रिया का हिस्सा बनाया जाएगा।

ग्राम सभाओं में लखपति दीदी योजना और आजीविका गतिविधियों से संबंधित विषयों पर भी ग्रामीणों के सुझाव लिए जाएंगे। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जरूरतों और संसाधनों को ध्यान में रखते हुए ग्राम पंचायत की विकास योजना के लिए प्राथमिकताएं तय करना है।

2 अक्टूबर की ग्राम सभा से शुरू होगी योजना की प्रक्रिया

2 अक्टूबर की ग्राम सभा में ग्रामीणों को वीजीपीपी तैयार करने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी जाएगी। इस दौरान ग्राम पंचायत से जुड़े आधारभूत आंकड़ों, आधार मानचित्र और उपलब्ध अनुमेय कार्यों के बारे में बताया जाएगा।

इस चरण में गांव में मौजूद ऐसी परिसंपत्तियों की पहचान भी की जाएगी, जो जमीन पर तो उपलब्ध हैं, लेकिन अभी तक डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हैं। इसके बाद अक्टूबर और नवंबर के दौरान बस्ती तथा वार्ड स्तर पर सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन, स्थल सत्यापन और सामुदायिक परामर्श के जरिए स्थानीय समस्याओं और विकास संबंधी कमियों को चिन्हित किया जाएगा।

इस प्रक्रिया में ग्रामीणों की भागीदारी को महत्वपूर्ण रखा जाएगा, ताकि गांव की जरूरतों की पहचान केवल प्रशासनिक स्तर पर नहीं बल्कि स्थानीय लोगों के अनुभव और सुझावों के आधार पर भी की जा सके।

दिसंबर में ग्राम सभा के सामने रखा जाएगा वीजीपीपी का प्रारूप

अक्टूबर-नवंबर में स्थानीय जरूरतों और विकास संबंधी कमियों की पहचान पूरी होने के बाद दिसंबर में वीजीपीपी का प्रारूप तैयार किया जाएगा। इस प्रारूप को ग्राम सभा के सामने रखा जाएगा, जहां ग्रामीण इसके विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा और सुझाव दे सकेंगे।

विचार-विमर्श के बाद ग्राम सभा योजना को अनुमोदित करेगी। इसके पश्चात अलग-अलग ग्राम पंचायतों की योजनाओं का विकासखंड और जिला स्तर पर समेकन किया जाएगा। यह पूरी समेकन प्रक्रिया 15 जनवरी तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस तरह 2 अक्टूबर से शुरू होने वाली प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाते हुए गांव की स्थानीय जरूरतों को विकास योजना में शामिल किया जाएगा।

जल, आजीविका और ग्रामीण अधोसंरचना को प्राथमिकता

वीजीपीपी में गांव की जरूरतों के आधार पर कुछ प्रमुख क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इनमें जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका से जुड़ी परिसंपत्तियां और प्रतिकूल मौसमीय घटनाओं के प्रभाव को कम करने वाले कार्य शामिल हैं।

वीबी-जीरामजी के तहत अनुमेय 375 प्रकार के कार्यों में से स्थानीय परिस्थितियों और जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन किया जा सकेगा। इससे ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध विकल्पों में से उन कार्यों को प्राथमिकता देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जिन्हें ग्रामीण अपने क्षेत्र के लिए जरूरी मानते हैं।

QR कोड से मिलेंगे रिफॉर्म उत्सव के 8 प्रमुख वार्ता बिंदु

रिफॉर्म उत्सव के लिए पंचायत सचिवों को वीबी-जीरामजी से जुड़े 8 प्रमुख वार्ता बिंदु उपलब्ध कराए गए हैं। इन विषयों की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए ग्राम पंचायतों में क्यूआर कोड भी लगाए गए हैं।

ग्रामीण इन क्यूआर कोड के माध्यम से संबंधित जानकारी तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इस पहल के जरिए रिफॉर्म उत्सव और वीजीपीपी की प्रक्रिया को ग्राम सभा की चर्चा से जोड़ने का प्रयास किया गया है।

निष्कर्ष

रिफॉर्म उत्सव और वीजीपीपी की संयुक्त प्रक्रिया में ग्राम सभा को गांव की वास्तविक जरूरतों की पहचान, विकास कार्यों के चयन और भविष्य की योजना तैयार करने के सहभागी मंच के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। 2 अक्टूबर से शुरू होकर अक्टूबर-नवंबर में मूल्यांकन और परामर्श, दिसंबर में प्रारूप की प्रस्तुति तथा 15 जनवरी तक विकासखंड और जिला स्तर पर समेकन की प्रक्रिया पूरी करने का कार्यक्रम रखा गया है।

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