जशपुर में प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली हजारों परिवारों की जिंदगी, 97,165 पक्के मकान पूरे
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में काम जारी है। जिले में अब तक कुल 1 लाख 12 हजार 922 आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 97 हजार 165 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों के लिए पक्का घर मिलने से सुरक्षित आवास की सुविधा उपलब्ध हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित इस योजना और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में किए जा रहे प्रयासों के तहत जशपुर में आवास निर्माण को गति मिली है। जनजातीय बहुल इस जिले में प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के माध्यम से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों के परिवारों को भी आवास सुविधा उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, आवास प्लस 2.0 के तहत सर्वेक्षण के जरिए ऐसे परिवारों की पहचान की गई है, जो पहले योजना के दायरे में शामिल नहीं हो पाए थे।
जशपुर में 97 हजार से अधिक आवासों का निर्माण पूरा

जशपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत 1,12,922 आवासों में से 97,165 मकान पूरे हो चुके हैं। यह आंकड़ा जिले में आवास निर्माण की स्थिति को दर्शाता है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले जिन परिवारों के पास पक्का मकान बनाने के लिए पर्याप्त आर्थिक संसाधन नहीं थे, उनके लिए योजना के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने का रास्ता खुला है।
कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को बारिश में छत से पानी टपकने, दीवारों में सीलन और मौसम की कठिन परिस्थितियों जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। पक्का मकान मिलने से परिवारों को सुरक्षित आवास मिलता है। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी अधिक स्थिर आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सकता है।
पीएम-जनमन से पहाड़ी कोरवा परिवारों को आवास
जशपुर जिले में विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम-जनमन) के अंतर्गत भी आवास निर्माण किया जा रहा है। वर्ष 2023 से 2025 के दौरान इस योजना के तहत जिले में 2,113 आवास स्वीकृत किए गए, जिनमें से 1,626 से अधिक आवास पूरे हो चुके हैं।
इस पहल से विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा समुदाय के परिवार लाभान्वित हो रहे हैं। दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले इन परिवारों के लिए पक्का मकान सुरक्षित आवास की सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण है। पीएम-जनमन का दायरा केवल घर बनाने तक सीमित नहीं है। इसके तहत स्वच्छ पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, पोषण, सड़क, दूरसंचार कनेक्टिविटी और स्थायी आजीविका के अवसरों के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है।
पहारु राम को मिला पक्का आशियाना
जशपुर जिले के बगीचा विकासखंड की ग्राम पंचायत पंड्रापाठ निवासी पहारु राम का परिवार भी प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना से लाभान्वित हुआ है। पहले उनका परिवार कच्चे मकान में रहता था और मौसम बदलने के साथ कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। सीमित आर्थिक संसाधनों के कारण पक्का मकान बनाना उनके लिए आसान नहीं था।
वर्ष 2023-24 में प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना के तहत उनका आवास स्वीकृत हुआ। योजना के सहयोग से पक्का मकान बनकर तैयार हुआ और अब पहारु राम अपने परिवार के साथ उसमें रह रहे हैं। उनकी कहानी बताती है कि आवास योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को स्थायी घर उपलब्ध कराने का प्रयास किस तरह व्यक्तिगत परिवारों के जीवन से जुड़ता है।
आवास प्लस 2.0 के तहत 1.02 लाख परिवारों का सर्वे
प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित रह गए पात्र परिवारों की पहचान करने के लिए जशपुर जिले में आवास प्लस 2.0 के अंतर्गत व्यापक सर्वेक्षण किया गया है। जिले में अब तक 1 लाख 2 हजार 371 परिवारों का पुनः सर्वेक्षण किया जा चुका है।
सर्वेक्षण में शामिल परिवारों को निर्धारित पात्रता, प्राथमिकता और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार योजना का लाभ देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसका उद्देश्य ऐसे जरूरतमंद परिवारों की पहचान करना है, जो पहले किसी कारण से आवास योजना में शामिल नहीं हो पाए थे। सर्वेक्षण में नाम शामिल होना अपने आप आवास स्वीकृत होने की पुष्टि नहीं है; लाभ पात्रता और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दिया जाएगा।
पक्का मकान और बुनियादी सुविधाओं का महत्व
पक्का आवास परिवारों को मौसम की कठिन परिस्थितियों से सुरक्षा देने के साथ जीवन में स्थिरता भी प्रदान करता है। सुरक्षित घर में बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिल सकता है, जबकि महिलाओं और बुजुर्गों को अधिक सुविधाजनक आवासीय परिवेश मिलता है। योजना के साथ स्वच्छ पेयजल, बिजली, शौचालय और एलपीजी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होने पर ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में भी सुधार की संभावना रहती है।
आवास निर्माण से निर्माण सामग्री, परिवहन और श्रम से जुड़ी स्थानीय गतिविधियों को भी काम मिलता है। इस तरह आवास योजना का प्रभाव व्यक्तिगत परिवारों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से भी जुड़ता है।
निष्कर्ष
जशपुर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 97,165 आवास पूरे हो चुके हैं, जबकि पीएम-जनमन और आवास प्लस 2.0 के माध्यम से विशेष जनजातीय समूहों तथा अन्य पात्र परिवारों तक पहुंच बनाने के प्रयास जारी हैं। पक्के मकानों का निर्माण जिले में आवासीय सुरक्षा बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आने वाले समय में पात्रता के अनुसार अधिक परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य रहेगा।
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