छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील के निर्देश: CM हेल्पलाइन की 2 लाख शिकायतों का होगा गंभीरता से निराकरण, धान खरीदी और जल जीवन मिशन की भी समीक्षा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में नागरिकों की शिकायतों के समाधान, आगामी धान खरीदी की तैयारियों और विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति को लेकर राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर समीक्षा की। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य स्तरीय उच्चाधिकारियों की बैठक में विभिन्न विभागों के कामकाज और योजनाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज लगभग दो लाख शिकायतों के समाधान को प्राथमिकता दी गई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि शिकायतों का निपटारा केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि संबंधित नागरिकों की समस्याओं का वास्तविक समाधान होना चाहिए। इसके अलावा धान खरीदी नीति, जल जीवन मिशन, डिजिटल क्रॉप सर्वे, आधारभूत परियोजनाओं, भर्ती प्रस्तावों और नवा रायपुर में प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन के विकास जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया।
सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण पर विशेष जोर
मुख्य सचिव श्री विकासशील ने बताया कि राज्य में सीएम हेल्पलाइन के माध्यम से अब तक लगभग 2 लाख शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं। उन्होंने सभी विभागों को इन शिकायतों की गंभीरता से समीक्षा करने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। जिन मामलों में शिकायत की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं हो, वहां आवश्यकतानुसार भौतिक सत्यापन कराने पर जोर दिया गया।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों का निपटारा करते समय समस्या के मूल कारण को समझना जरूरी है। केवल औपचारिक प्रक्रिया पूरी कर शिकायत बंद करने के बजाय यह सुनिश्चित किया जाए कि संबंधित नागरिक को वास्तविक राहत मिली है। साथ ही, शिकायतों के समाधान की गुणवत्ता में सुधार लाने और विभागीय स्तर पर जवाबदेही के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
धान खरीदी नीति और जल जीवन मिशन की तैयारियों की समीक्षा
बैठक में आगामी धान खरीदी के लिए नीति तैयार करने से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को आवश्यक बिंदुओं की समीक्षा कर कमियों को दूर करने और कार्ययोजना को व्यवस्थित रूप से अंतिम रूप देने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही जल जीवन मिशन से संबंधित नीति के शेष बिंदुओं को समय पर पूरा करने पर भी ध्यान दिया गया। अधिकारियों को लंबित विषयों की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया। बैठक में जल उपयोगिता से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई, ताकि संबंधित विषयों पर जरूरी निर्णय और कार्ययोजना समय पर तैयार की जा सके।
डिजिटल क्रॉप सर्वे, पारस पोर्टल और विकास परियोजनाओं पर चर्चा
बैठक के दौरान डिजिटल क्रॉप सर्वे की प्रगति की समीक्षा करने और इससे संबंधित आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके अलावा प्लानिंग एरिया में अनुमति, टीएसपी एक्ट तथा संबंधित प्रावधानों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
अधिकारियों ने पारस पोर्टल के अंतर्गत शामिल एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा की। मुख्य सचिव ने आधारभूत संरचना से जुड़ी परियोजनाओं को अनावश्यक देरी के बिना आगे बढ़ाने पर जोर दिया। बैठक में जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। इसके अतिरिक्त पेंशन और प्रशिक्षण से जुड़े विषयों पर चर्चा कर संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
कर्मचारी चयन मंडल को समय पर भेजने होंगे भर्ती प्रस्ताव
सरकारी विभागों में भर्ती प्रक्रिया से जुड़े विषयों पर भी बैठक में चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने संबंधित विभागों को कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम से भर्ती के लिए अपनी आवश्यकताएं और प्रस्ताव समय पर भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागों से कहा कि प्रस्ताव भेजने से पहले संबंधित विषयों और आवश्यकताओं का सावधानीपूर्वक परीक्षण किया जाए।
इसके साथ ही सेवा सेतु, नियामकीय प्रावधानों और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के दायरे से बाहर रह गई प्रेडिसेसर सर्विसेज को इसके अंतर्गत शामिल करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इन विषयों पर संबंधित विभागों को नियमों और प्रावधानों के अनुसार आगे की प्रक्रिया पर विचार करना होगा।
नवा रायपुर के बॉटनिकल गार्डन और जंगल सफारी के प्रबंधन पर जोर
बैठक में नवा रायपुर में प्रस्तावित बॉटनिकल गार्डन के विकास और प्रबंधन को लेकर भी चर्चा की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को इसके सुनियोजित विकास के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसमें आधुनिक तकनीकों, लैंडस्केपिंग, हरित क्षेत्रों के बेहतर प्रबंधन और पर्यटकों के लिए सुविधाओं से जुड़े उपयोगी पहलुओं का अध्ययन करने पर जोर दिया गया।
उन्होंने बॉटनिकल गार्डन की योजना बनाते समय आकर्षक स्वरूप के साथ पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखने की बात कही। इसके अलावा जंगल सफारी के संचालन, प्रबंधन और पर्यटकों को उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं को बेहतर बनाने पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
बैठक में कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनीष कुमार ठाकुर, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा और खनिज साधन विभाग एवं मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की सचिव सुश्री रीना बाबा साहेब कंगाले और वित्त एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव भी उपस्थित रहे।
इसके अलावा आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, कौशल विकास विभाग के सचिव बसवराजु एस., कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने बैठक में भाग लिया
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ की इस समीक्षा बैठक में नागरिक शिकायतों के समाधान से लेकर विकास योजनाओं, भर्ती प्रस्तावों और पर्यटन सुविधाओं तक कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। मुख्य सचिव विकासशील ने सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का वास्तविक और गुणवत्तापूर्ण निराकरण, धान खरीदी की तैयारियों, जल जीवन मिशन तथा आधारभूत परियोजनाओं को समय पर आगे बढ़ाने पर जोर दिया। अब संबंधित विभागों को दिए गए निर्देशों के अनुरूप अपने-अपने विषयों पर आवश्यक कार्रवाई करनी होगी।
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