छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रॉप सर्वेयरों के मानदेय भुगतान पर कार्रवाई के निर्देश, ₹23.33 करोड़ से अधिक की राशि आवंटित
छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रॉप सर्वे का काम करने वाले सर्वेयरों के मानदेय भुगतान से जुड़ी शिकायत पर संबंधित विभाग को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर प्राप्त शिकायत को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण का परीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है। यह मामला डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत किए गए कार्यों के भुगतान से संबंधित है।
कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, एग्रीस्टैक परियोजना के अंतर्गत डिजिटल क्रॉप सर्वे में संलग्न सर्वेयरों के मानदेय भुगतान के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में कुल 2,333.33 लाख रुपये, यानी लगभग 23.33 करोड़ रुपये, का आवंटन किया गया है। यह राशि दो किस्तों में उपलब्ध कराई गई है। विभागीय पत्र में इस आवंटन में से 1,109.16 लाख रुपये व्यय किया जाना प्रतिवेदित है।
यह मामला जिला बालोद के डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम रेंगाडबरी निवासी सत्यानंद नायक की शिकायत से जुड़ा है। आवेदक ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य करने के बावजूद मानदेय नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई थी। अब संबंधित विभाग को शिकायत में दिए गए तथ्यों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए दो किस्तों में बजट आवंटित
छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रॉप सर्वे का संचालन एग्रीस्टैक परियोजना के अंतर्गत किया जा रहा है। इस कार्य में संलग्न सर्वेयरों के मानदेय भुगतान के लिए कृषि विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में दो किस्तों में बजट का प्रावधान किया है। विभागीय जानकारी के अनुसार, पहली किस्त में 1,399.99 लाख रुपये और दूसरी किस्त में 933.33 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं।
दोनों किस्तों को मिलाकर कुल आवंटन 2,333.33 लाख रुपये है। यह राशि सर्वेयरों के मानदेय भुगतान से संबंधित प्रावधान के तहत उपलब्ध कराई गई है। हालांकि, बजट आवंटित होने और वास्तविक भुगतान होने की स्थिति अलग-अलग हो सकती है। इसलिए विभागीय अभिलेखों के आधार पर खर्च और लंबित भुगतान की स्थिति का परीक्षण किया जाना आवश्यक है।
आवंटित राशि में से 47.54 प्रतिशत व्यय दर्ज
कृषि विभाग के पत्र में उपलब्ध विवरण के अनुसार, डिजिटल क्रॉप सर्वे के मानदेय भुगतान के लिए आवंटित कुल राशि में से 1,109.16 लाख रुपये व्यय किया जाना प्रतिवेदित है। यह कुल आवंटन का 47.54 प्रतिशत है।
आंकड़ों के अनुसार, कुल 2,333.33 लाख रुपये के आवंटन की तुलना में प्रतिवेदित व्यय की स्थिति का आकलन किया गया है। शेष राशि के उपयोग और सर्वेयरों को भुगतान की वास्तविक स्थिति का नियमानुसार परीक्षण किया जाना है। केवल आवंटन और व्यय के आंकड़ों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि सभी सर्वेयरों का भुगतान पूरा हो गया है या सभी के भुगतान लंबित हैं।
इसी वजह से संबंधित विभाग को उपलब्ध अभिलेखों, आवंटित बजट और शिकायत में बताए गए तथ्यों के आधार पर प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सत्यानंद नायक ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर की शिकायत

यह प्रकरण बालोद जिले के डौंडीलोहारा विकासखंड के ग्राम रेंगाडबरी निवासी सत्यानंद नायक की शिकायत के बाद सामने आया। उन्होंने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य करने के बावजूद उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं मिला है।
शिकायत में भुगतान नहीं होने का मुद्दा उठाए जाने के बाद कृषि विभाग ने उपलब्ध अभिलेखों और आवंटित राशि से संबंधित विवरण के आधार पर मामले का परीक्षण किया। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को शिकायत में उल्लेखित तथ्यों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इस मामले में भुगतान की वास्तविक स्थिति का पता विभागीय जांच और संबंधित रिकॉर्ड के परीक्षण से ही चलेगा। फिलहाल उपलब्ध जानकारी में शिकायत के निराकरण के लिए कार्रवाई करने के निर्देश दिए जाने का उल्लेख है।
शिकायत के निराकरण के लिए विभागीय जांच जरूरी
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों को संबंधित विभागों तक भेजकर उनके परीक्षण और निराकरण की प्रक्रिया अपनाई जाती है। डिजिटल क्रॉप सर्वेयरों के मानदेय से जुड़े इस मामले में भी संबंधित विभाग को उपलब्ध जानकारी के आधार पर जांच करने और नियमानुसार कदम उठाने के लिए कहा गया है।
प्रकरण में शिकायतकर्ता द्वारा उठाए गए भुगतान संबंधी मुद्दे और विभागीय आवंटन के आंकड़ों का मिलान महत्वपूर्ण होगा। इससे यह स्पष्ट करने में मदद मिलेगी कि संबंधित कार्य के लिए कितना भुगतान किया गया है और किसी राशि का भुगतान लंबित है या नहीं। विभाग को शिकायत के तथ्यों का परीक्षण करने के साथ ही प्रकरण के निराकरण की स्थिति सुनिश्चित करनी है।
इस तरह, मामला केवल बजट आवंटन तक सीमित नहीं है, बल्कि सर्वेयरों के मानदेय भुगतान की वास्तविक स्थिति की जांच से भी जुड़ा है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में डिजिटल क्रॉप सर्वेयरों के मानदेय भुगतान से संबंधित शिकायत पर विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस मद के लिए 2,333.33 लाख रुपये का आवंटन किया गया है, जिसमें से 1,109.16 लाख रुपये व्यय किया जाना प्रतिवेदित है। अब संबंधित विभाग को शिकायत में दिए गए तथ्यों और उपलब्ध अभिलेखों की जांच कर प्रकरण के निराकरण की स्थिति सुनिश्चित करनी है।
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