रायपुर में करमा परब महोत्सव का भव्य आयोजन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कंवर समाज के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा की

10 Oct 2026 - 14:15
Updated: 17 days ago
0 1
रायपुर में करमा परब महोत्सव का भव्य आयोजन: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कंवर समाज के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा की

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में छत्तीसगढ़ प्रदेश कंवर समाज युवा प्रभाग महानगर इकाई द्वारा भव्य करमा परब महोत्सव का आयोजन किया गया। इस सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कंवर समाज के बहुआयामी योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने समाज की सांस्कृतिक गतिविधियों, सामाजिक भवनों और आधारभूत संरचनाओं के विकास के लिए कुल 1 करोड़ रुपये की राशि प्रदान करने की घोषणा की।

​करमा महोत्सव को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने जनजातीय संस्कृति के संरक्षण, पर्यावरण जागरूकता और सामाजिक सशक्तीकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में भी कंवर समाज ने अपनी प्राचीन परंपराओं, रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक पहचान को पूरी निष्ठा के साथ संजो कर रखा है, जो आज की नई पीढ़ी के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है।

​90 लाख रुपये सामाजिक भवनों के लिए और 10 लाख रुपये करमा तिहार आयोजन हेतु मंजूर

​करमा परब महोत्सव के मंच से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कंवर समाज के ढांचागत और सांस्कृतिक विकास के लिए महत्वपूर्ण वित्तीय सहायता का ऐलान किया। उन्होंने कंवर समाज के सामाजिक भवनों तथा सांस्कृतिक मंच निर्माण के उद्देश्य से 90 लाख रुपये की राशि स्वीकृत करने की घोषणा की।

​इसके साथ ही, राजधानी रायपुर में प्रतिवर्ष करमा महोत्सव का भव्य आयोजन निर्बाध रूप से आयोजित किया जा सके, इसके लिए हर साल 10 लाख रुपये देने का प्रावधान किया गया है। इन घोषणाओं का उपस्थित समाजजनों ने करतल ध्वनि से स्वागत किया।

​करमा तिहार: प्रकृति, आस्था और सामाजिक सामूहिकता का प्रतीक

​अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने करमा पर्व के आध्यात्मिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि करमा तिहार हमारी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, परंपरा और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का अनुपम माध्यम है। यह त्योहार मनुष्य को अपनी जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ प्रकृति के संरक्षण, सामाजिक एकता और आपसी भाईचारे का संदेश देता है।

​मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी समाज की वास्तविक शक्ति उसकी जड़ों और सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़े रहने में निहित होती है। राज्य सरकार जनजातीय समाज के समग्र उत्थान के लिए प्रतिबद्ध है और शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा आर्थिक सशक्तीकरण के क्षेत्रों में निरंतर कार्य कर रही है।

​युवाओं से नशामुक्ति, शिक्षा और उद्यमिता का आह्वान

​मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम में उपस्थित युवा वर्ग को राज्य के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक पहचान पर गर्व करने के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा और व्यावसायिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने की अपील की।

​मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को शिक्षा, नशामुक्ति, सामाजिक सुधार, पर्यावरण संरक्षण, रोजगार और उद्यमिता के क्षेत्रों में नई पहल करनी चाहिए। युवा अपनी परंपराओं का आदर करते हुए आधुनिक अवसरों का लाभ उठाएं और 'विकसित छत्तीसगढ़' के निर्माण में भागीदार बनें।

​पर्यावरण संतुलन और सामूहिक जिम्मेदारी पर राष्ट्रीय अध्यक्ष का वक्तव्य

​अखिल भारतीय कंवर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती कौशल्या साय ने भी इस अवसर पर सभा को संबोधित किया। उन्होंने समाज की जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अपनी संस्कृति और प्रकृति के प्रति दायित्वों का निर्वहन करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

​श्रीमती कौशल्या साय ने चेतावनी दी कि प्रकृति के साथ अनावश्यक खिलवाड़ प्राकृतिक असंतुलन का मुख्य कारण बन रहा है। उन्होंने संपूर्ण मानव समाज से आग्रह किया कि प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा को सामूहिक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार किया जाए।

​कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख जनप्रतिनिधि एवं समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी

​राजधानी के बलवीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस भव्य करमा महोत्सव में जनजातीय समाज के अनेक प्रमुख नेता, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

  • ​डॉ. नंद कुमार साय (पूर्व अध्यक्ष, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग)
  • ​श्री रूप सिंह मंडावी (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ अनुसूचित जनजाति आयोग)
  • ​श्री रामसेवक पैकरा (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम)
  • ​श्री अनुज शर्मा (विधायक)
  • ​श्री अनुराग सिंह देव (अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड)
  • ​श्री ननकी राम कंवर (पूर्व कैबिनेट मंत्री)
  • ​श्री हरवंश सिंह मिरी (अध्यक्ष, प्रदेश कंवर समाज)
  • ​श्री मनोहर सिंह पैकरा (अध्यक्ष, कंवर समाज रायपुर महानगर)

​इनके अलावा बड़ी संख्या में कंवर समाज के पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता और दूर-दराज से आए समाजजन इस सांस्कृतिक उत्सव के साक्षी बने।

​निष्कर्ष

​रायपुर में आयोजित करमा परब महोत्सव न केवल कंवर समाज की सांस्कृतिक जीवंतता का प्रतीक बना, बल्कि जनजातीय समाज के विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। 1 करोड़ रुपये की सहयोग राशि की घोषणा और नशामुक्ति तथा शिक्षा पर मुख्यमंत्री का जोर यह स्पष्ट करता है कि राज्य में सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने के साथ-साथ सामाजिक व आर्थिक प्रगति को भी समान प्राथमिकता दी जा रही है।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User