रूस में प्लेग की आशंका से बढ़ी चिंता, लैब कर्मचारी की मौत के बाद करीब 200 लोग निगरानी में

05 Oct 2026 - 12:09
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रूस में प्लेग की आशंका से बढ़ी चिंता, लैब कर्मचारी की मौत के बाद करीब 200 लोग निगरानी में

रूस के साइबेरिया क्षेत्र के इरकुत्स्क के पास शेलेखोव स्थित एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट में एक लैब कर्मचारी की मौत के बाद संभावित प्लेग संक्रमण को लेकर चिंता बढ़ गई है। कर्मचारी की तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हुई थी और उसे अज्ञात कारण वाला निमोनिया बताया गया। घटना के बाद उसके संपर्क में आए करीब 200 लोगों को चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। हालांकि, रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों ने अभी तक प्लेग संक्रमण की पुष्टि नहीं की है।

रूसी सरकारी न्यूज एजेंसी TASS के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, मामला शेलेखोव में स्थित एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट से जुड़ा है। यह संस्थान खतरनाक और संक्रामक बीमारियों से संबंधित शोध कार्य करता है। कर्मचारी की मौत के बाद संभावित बेहद खतरनाक संक्रमण को लेकर स्थानीय स्तर पर एहतियाती कदम उठाए गए हैं।

रूस की संघीय स्वास्थ्य निगरानी एजेंसी रोस्पोट्रेबनादजोर का कहना है कि इरकुत्स्क क्षेत्र, इरकुत्स्क शहर और शेलेखोव में फिलहाल महामारी संबंधी स्थिति स्थिर है। एजेंसी के मुताबिक मृतक के जैविक नमूनों में उसकी पेशेवर गतिविधियों से जुड़े सूक्ष्मजीव नहीं पाए गए हैं।

 एंटी-प्लेग इंस्टीट्यूट में कर्मचारी की मौत से बढ़ी चिंता

रिपोर्टों के अनुसार, रिसर्च इंस्टीट्यूट में काम करने वाले कर्मचारी को निमोनिया की शिकायत हुई थी। समय के साथ उसकी हालत गंभीर होती गई और बाद में उसकी मौत हो गई। चूंकि कर्मचारी एक ऐसे संस्थान में काम करता था जहां बेहद खतरनाक संक्रामक बीमारियों पर शोध किया जाता है, इसलिए संभावित संक्रमण को लेकर अधिकारियों ने सावधानी बरतते हुए संपर्क में आए लोगों की निगरानी शुरू की।

हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट रूप से सामने नहीं आया है कि कर्मचारी की बीमारी का कारण प्लेग था। रोस्पोट्रेबनादजोर ने इसे अज्ञात कारण वाला निमोनिया बताया है। इसलिए मौजूदा स्थिति में प्लेग की आशंका को पुष्टि किए गए संक्रमण के तौर पर पेश करना सही नहीं होगा। रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से भी क्षेत्र में स्थिति सामान्य और स्थिर होने की बात कही गई है।

करीब 200 लोग मेडिकल निगरानी में

कर्मचारी के संपर्क में आए लोगों को एहतियात के तौर पर मेडिकल निगरानी में रखा गया है। रिपोर्टों में ऐसे लोगों की संख्या करीब 200 बताई गई है। अधिकारियों के अनुसार, निगरानी में रखे गए लोगों में अभी तक बीमारी के लक्षण सामने नहीं आए हैं और उनके किए गए लैब टेस्ट भी निगेटिव आए हैं।

स्वास्थ्य अधिकारियों की ओर से संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। इस तरह की निगरानी का उद्देश्य संभावित संक्रमण के किसी भी संकेत को समय रहते पहचानना और स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाना है। फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक जानकारी में व्यापक संक्रमण की पुष्टि नहीं की गई है।

रोस्पोट्रेबनादजोर से जुड़े अधिकारियों ने भी आशंका जताई है कि जिस संक्रमण को लेकर चर्चा हो रही है, वह प्लेग नहीं भी हो सकता है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच में अगर प्लेग की पुष्टि होती भी है, तो मौजूदा निगरानी और एहतियाती उपायों के कारण स्थिति पर नियंत्रण रखने की कोशिश की जा रही है।

गवर्नर इगोर कोबजेव ने की शांति की अपील

घटना सामने आने के बाद स्थानीय एंटी-एपिडेमिक परिषद की आपात बैठक आयोजित की गई। इरकुत्स्क के गवर्नर इगोर कोबजेव ने लोगों से घबराने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के एक निवासी में बेहद खतरनाक संक्रमण का संदिग्ध मामला सामने आने के बाद आपात बैठक बुलाई गई थी।

रूसी अधिकारियों के मुताबिक, इरकुत्स्क क्षेत्र और शेलेखोव में स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर है। इसके बावजूद संभावित प्लेग को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चर्चाएं बढ़ने से लोगों में चिंता देखी गई है। अधिकारियों ने स्थिति पर नजर बनाए रखने और आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी कदम उठाने की बात कही है। 

शेलेखोव में मास्क इस्तेमाल करने की सलाह

शेलेखोव में एहतियाती कदमों का असर स्थानीय संस्थानों में भी दिखाई दे रहा है। रिसर्च सेंटर के नजदीक स्थित इरकुत्स्क एल्युमिनियम प्लांट ने अपने कर्मचारियों को फेस कवरिंग इस्तेमाल करने का निर्देश दिया है। प्लांट के प्रमुख आर्टेम फोमिनिख ने भी लोगों से अफवाहों के बीच शांत रहने की अपील की।

फोमिनिख ने कहा कि मामले को लेकर अलग-अलग तरह की अफवाहें और रिपोर्ट सामने आ रही हैं। ऐसे में कर्मचारियों और स्थानीय लोगों से सावधानी बरतने के साथ-साथ घबराहट से बचने को कहा गया है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, मास्क संबंधी कदम को एहतियाती उपाय के तौर पर लागू किया गया है।

इस बीच स्थानीय लोगों के बीच संभावित लॉकडाउन को लेकर भी आशंकाएं सामने आईं। हालांकि, रूसी अधिकारी लगातार यह कहते रहे हैं कि क्षेत्र की सार्वजनिक स्वास्थ्य स्थिति फिलहाल स्थिर है और प्लेग के व्यापक प्रसार की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

प्लेग की पुष्टि नहीं, जांच और निगरानी जारी

इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कर्मचारी की मौत के बाद प्लेग को लेकर आशंका जरूर पैदा हुई है, लेकिन रूसी स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसे अभी तक प्लेग संक्रमण के रूप में पुष्टि नहीं किया है। रोस्पोट्रेबनादजोर के मुताबिक मृतक को अज्ञात कारण वाला निमोनिया था और उसके नमूनों में पेशेवर गतिविधियों से जुड़े सूक्ष्मजीव नहीं मिले।

अधिकारियों के मुताबिक संपर्क में आए लोगों की मेडिकल निगरानी जारी है और फिलहाल उनमें बीमारी के लक्षण नहीं पाए गए हैं। ऐसे में स्थिति को लेकर आधिकारिक जांच और स्वास्थ्य विभाग की निगरानी महत्वपूर्ण बनी हुई है। स्थानीय प्रशासन भी लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और आधिकारिक सूचनाओं को प्राथमिकता देने की अपील कर रहा है।

निष्कर्ष

रूस के साइबेरिया क्षेत्र में एंटी-प्लेग रिसर्च इंस्टीट्यूट के कर्मचारी की मौत के बाद प्लेग की आशंका को लेकर चिंता जरूर बढ़ी है, लेकिन फिलहाल प्लेग संक्रमण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। करीब 200 संपर्कों को मेडिकल निगरानी में रखा गया है और अधिकारियों के अनुसार उनमें अभी बीमारी के लक्षण या पॉजिटिव टेस्ट सामने नहीं आए हैं। इरकुत्स्क प्रशासन और रोस्पोट्रेबनादजोर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों से घबराने के बजाय आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की गई है।

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