UNGA 81: ऑनलाइन स्कैम, आतंकवाद और मानव तस्करी पर वैश्विक सहयोग की अपील

27 Sep 2026 - 14:27
Updated: 30 days ago
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UNGA 81: ऑनलाइन स्कैम, आतंकवाद और मानव तस्करी पर वैश्विक सहयोग की अपील

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में ऑनलाइन स्कैम, आतंकवाद, मानव तस्करी और सीमा पार संगठित अपराध जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग मजबूत करने पर जोर दिया गया। भारत, कंबोडिया समेत कई देशों के प्रतिनिधियों ने कहा कि अपराधी अब डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क का इस्तेमाल कर सीमाओं के पार अपनी गतिविधियां चला रहे हैं।

वक्ताओं के अनुसार, इन अपराधों का स्वरूप अब केवल किसी एक देश तक सीमित नहीं रहा है। ऐसे नेटवर्क कई देशों में फैले हो सकते हैं, इसलिए कानून लागू करने वाली एजेंसियों के बीच सूचना साझा करने और संयुक्त कार्रवाई की जरूरत बढ़ गई है। कंबोडिया के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री प्राक सोखोन ने भी ऑनलाइन स्कैम के खिलाफ वैश्विक स्तर पर समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता बताई।

AI और डिजिटल तकनीक के दुरुपयोग पर चिंता

UNGA में चर्चा के दौरान यह मुद्दा भी सामने आया कि आधुनिक तकनीक जहां विकास और संपर्क के नए अवसर उपलब्ध करा रही है, वहीं इसके गलत इस्तेमाल से नए प्रकार के अपराधों को बढ़ावा मिल सकता है। प्राक सोखोन ने कहा कि AI और डिजिटल तकनीक विकास की गति बढ़ाने में मदद कर सकती हैं, लेकिन इनके दुरुपयोग से असुरक्षा, असमानता और सीमा पार अपराधों की चुनौतियां बढ़ सकती हैं।

उन्होंने बताया कि कंबोडिया ने ऑनलाइन धोखाधड़ी के खिलाफ कार्रवाई को अपनी प्रमुख राष्ट्रीय प्राथमिकताओं में शामिल किया है। देश में कानून और संस्थागत व्यवस्था मजबूत करने के साथ-साथ स्कैम सेंटरों और उनसे जुड़े आपराधिक नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई पर भी जोर दिया जा रहा है। कंबोडियाई अधिकारियों ने ऑनलाइन स्कैम को व्यापक सीमा पार संगठित अपराध से जुड़ी समस्या बताया है।

ऑनलाइन स्कैम के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की मांग

कंबोडिया की ओर से यह बात रखी गई कि ऑनलाइन स्कैम नेटवर्क कई देशों में सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए केवल राष्ट्रीय स्तर की कार्रवाई पर्याप्त नहीं होगी। प्राक सोखोन ने स्पष्ट किया कि किसी एक देश के लिए अकेले इन नेटवर्क से प्रभावी ढंग से निपटना संभव नहीं है।

कंबोडिया ने हाल ही में ऑनलाइन स्कैम के खिलाफ एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन भी आयोजित किया, जिसमें संयुक्त राष्ट्र ड्रग्स एवं अपराध कार्यालय (UNODC), इंटरपोल और अन्य संगठनों का सहयोग रहा। सम्मेलन में विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन स्कैम को सीमा पार संगठित अपराध से जोड़ते हुए सूचना साझा करने, कानून प्रवर्तन और अंतरराष्ट्रीय समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया।

जयशंकर ने आतंकवाद पर दोहराई जीरो टॉलरेंस नीति

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने UNGA में आतंकवाद को अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए लगातार बनी हुई चुनौती बताया। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस नीति दोहराते हुए कहा कि सीमा पार आतंकवाद को सामान्य स्थिति के रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

जयशंकर ने अपने संबोधन में कहा कि भारत आतंकवाद के खिलाफ अपनी रक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा और आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने AI के गलत इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, तकनीक का दुरुपयोग पहले से मौजूद पक्षपात को बढ़ा सकता है और लोगों तथा देशों के बीच आपसी सम्मान को प्रभावित कर सकता है।

आतंकवाद की फंडिंग और मानव तस्करी पर सहयोग

कोलंबिया ने आतंकवाद की एक साझा कानूनी परिभाषा तय करने की दिशा में देशों के बीच सहमति की जरूरत बताई। इसके साथ ही उसने खुफिया जानकारी साझा करने, कानूनी एवं न्यायिक सहयोग बढ़ाने और आतंकवाद की फंडिंग के खिलाफ कार्रवाई मजबूत करने की अपील की।

दूसरी ओर, डोमिनिकन रिपब्लिक ने पड़ोसी देश हैती में सक्रिय आपराधिक संगठनों से जुड़ी चिंताओं को उठाया। राष्ट्रपति लुइस अबिनाडर ने बताया कि ऐसे संगठन इलाकों पर नियंत्रण, हथियारों और लोगों की तस्करी तथा बच्चों की भर्ती जैसी गतिविधियों में शामिल हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत सुरक्षा बल की पूरी तैनाती की मांग की।

समुद्री सुरक्षा और प्रवासी कामगारों के अधिकार

सेशेल्स ने सीमा पार संगठित अपराध, ड्रग्स की तस्करी और अवैध मछली पकड़ने जैसी गतिविधियों से जुड़ी चुनौतियों को सामने रखा। राष्ट्रपति मैथ्यू हर्मिनी ने देशों के बीच खुफिया जानकारी साझा करने, समुद्री निगरानी बढ़ाने और कानून लागू करने वाली एजेंसियों को जरूरी सहायता देने की मांग की। उन्होंने कहा कि छोटे देशों से बड़े समुद्री क्षेत्रों की निगरानी की अपेक्षा करते समय उन्हें आवश्यक उपकरण और संसाधन भी उपलब्ध कराए जाने चाहिए।

फिलीपींस ने मानव तस्करी और प्रवासी कामगारों के शोषण का मुद्दा उठाया। विदेश मंत्री थेरेसा लाजारो ने कहा कि प्रवासी का कानूनी दर्जा चाहे कुछ भी हो, उसके मानवाधिकारों की सुरक्षा जरूरी है। उन्होंने जोखिम भरे प्रवासी मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए बेहतर सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत बताई।

निष्कर्ष

UNGA के 81वें सत्र में हुई चर्चा से सीमा पार अपराधों की बदलती प्रकृति पर अंतरराष्ट्रीय चिंता सामने आई। ऑनलाइन स्कैम और AI के दुरुपयोग से लेकर आतंकवाद, मानव तस्करी, समुद्री अपराध और आतंकवाद की फंडिंग तक, विभिन्न देशों ने सूचना साझा करने, कानून प्रवर्तन सहयोग और संयुक्त कार्रवाई को महत्वपूर्ण बताया।

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