दिल्ली में CJP का जंतर-मंतर पर फिर प्रदर्शन का ऐलान: ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे पर अड़ा संगठन, 30 रास्तों पर रूट डायवर्ट
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन एक बार फिर तेज होने जा रहा है। CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे के नेतृत्व में संगठन के कार्यकर्ता और समर्थक रविवार सुबह 10 बजे फिर से जंतर-मंतर पर जुटने जा रहे हैं। संगठन की स्पष्ट मांग है कि जब तक ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक यह आंदोलन देश भर में निरंतर जारी रहेगा। शनिवार को पुलिस प्रशासन द्वारा दर्जनों कार्यकर्ताओं और प्रमुख नेताओं को हिरासत में लिए जाने के बावजूद CJP अपने रुख पर कायम है।
इस बीच, सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की स्थिति को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस और ट्रैफिक प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। राजधानी में लगातार दूसरे दिन भी सुरक्षा प्रबंधों को कड़ा कर दिया गया है। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने नई दिल्ली और सेंट्रल दिल्ली के प्रमुख इलाकों में ट्रैफिक पाबंदियां और रूट डायवर्जन लागू करने की घोषणा की है, ताकि आम नागरिकों की आवाजाही पर कम से कम प्रभाव पड़े।
अजिंक्य शिंदे ने संभाला मोर्चा, कार्रवाई के बावजूद न झुकने का दावा
शनिवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा कई कार्यकर्ताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक नेताओं को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में CJP के राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अजिंक्य शिंदे ने संगठन का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि पुलिस और प्रशासन की ओर से की जा रही धरपकड़ से उनका संगठन डरने वाला नहीं है और न ही वे पीछे हटेंगे।
अपनी बात रखते हुए अजिंक्य शिंदे ने कहा, "सरकार ने शायद सोचा होगा कि आज हिरासत में लिए जाने के बाद हम चुपचाप घर चले जाएंगे। प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री शाह द्वारा दिखाया गया यह डर इस बात का प्रमाण है कि हमने अपनी आधी लड़ाई तो पहले ही जीत ली है।"
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे तक जारी रहेगा सविनय अवज्ञा आंदोलन
CJP के कई शीर्ष नेताओं के अभी भी पुलिस हिरासत में होने के बावजूद, प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे अजिंक्य शिंदे ने ऐलान किया कि प्रशासन चाहे जितने भी लोगों को हिरासत में ले ले, उनका विरोध प्रदर्शन तब तक समाप्त नहीं होगा जब तक कि मुख्य आरोपी ज्ञानेश कुमार अपना इस्तीफा नहीं सौंप देते। उन्होंने समर्थकों और आम जनता से रविवार सुबह 10 बजे बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पहुंचने की अपील की।
इसके साथ ही शिंदे ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा, "बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पर एकत्र हों, और यदि दिल्ली पुलिस आपको रास्ते में कहीं भी रोकती है, तो वहीं बैठकर अपना शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू कर दें।" CJP का आरोप है कि वोटर लिस्ट से लगभग 13 करोड़ मतदाताओं के नाम कथित रूप से हटाने और मतदाता सूची में हेरफेर करने के मामले में जब तक जवाबदेही तय नहीं होती, तब तक देश भर में सड़क पर विरोध प्रदर्शन और सविनय अवज्ञा आंदोलन जारी रहेगा।
"दिल्ली को छावनी में तब्दील किया गया": CJP ने लगाए गंभीर आरोप
शनिवार के प्रदर्शनों के दौरान हुई पुलिसिया कार्रवाई की तीखी आलोचना करते हुए CJP प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि राष्ट्रीय राजधानी में आम जनता को शांतिपूर्ण तरीके से एकत्र होने से रोकने के लिए एक प्रकार का "अघोषित आपातकाल" लागू कर दिया गया है। शिंदे ने कहा कि राजधानी के कई हिस्सों को "छावनी या किले" के रूप में बदल दिया गया है।
CJP के अनुसार, शनिवार को छात्र, सिविल सोसाइटी के सदस्य और राजनीतिक हस्तियों सहित लगभग 15,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया और उन्हें पुलिस कार्रवाई का सामना करना पड़ा। इसके अलावा, शिंदे ने CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके, को-कन्वीनर सौरव दास और आशुतोष रांका को हिरासत में लिए जाने की घटना पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि इन तीनों नेताओं को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए 12 घंटे से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक उनके स्थान या स्थिति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।
दिल्ली में 30 स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन, पुलिस की एडवाइजरी जारी
CJP के नए सिरे से प्रदर्शन के आह्वान को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने रविवार सुबह से ही कड़े इंतजाम किए हैं। दिल्ली पुलिस की ओर से देर रात जारी की गई एडवाइजरी के मुताबिक, सुरक्षा और सुचारू यातायात प्रबंधन के लिए रविवार सुबह 6 बजे से रूट डायवर्जन लागू कर दिया गया है।
राजधानी की 30 प्रमुख जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन की संभावना व्यक्त की गई है। सेंट्रल दिल्ली के मुख्य क्षेत्रों जैसे जंतर-मंतर, कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, पटेल चौक और आसपास के कई अन्य व्यस्त चौराहों पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। ट्रैफिक पुलिस ने रेलवे स्टेशनों, इंटर-स्टेट बस टर्मिनलों (ISBT) और एयरपोर्ट की ओर जाने वाले यात्रियों को पर्याप्त अतिरिक्त समय लेकर निकलने और गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी है।
निष्कर्ष
संक्षेप में कहें तो, voter list में 13 करोड़ नामों के कथित हेरफेर और ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) अपने आंदोलन को और तीव्र करने के मूड में है। एक तरफ जहां CJP कार्यकर्ता अजिंक्य शिंदे के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर दोबारा जुटने की रणनीति बना रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस और यातायात विभाग सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं। रविवार को दिल्ली में सुरक्षा घेरा सख्त रहने वाला है, जिससे मध्य दिल्ली के इलाकों में यातायात प्रभावित रहने के आसार हैं।
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