गंगरेल बांध के 10 गेट खुले, महानदी में छोड़ा गया 1.22 लाख क्यूसेक पानी; नदी किनारे अलर्ट
धमतरी जिले में लगातार हो रही बारिश के बीच गंगरेल बांध में पानी की आवक बढ़ गई है। जलाशय का जलभराव 99.01 प्रतिशत तक पहुंचने के बाद जल संसाधन विभाग ने पानी की निकासी बढ़ा दी है। गंगरेल बांध के 10 गेट खोले गए हैं और इससे करीब 1 लाख 22 हजार क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है।
गंगरेल से पानी छोड़े जाने के बाद महानदी के साथ-साथ आसपास के नदी-नालों में भी जलस्तर बढ़ने की संभावना है। लगातार बारिश के कारण गंगरेल के कैचमेंट क्षेत्र से बड़ी मात्रा में पानी जलाशय में पहुंच रहा है। ऐसे में जलस्तर के प्रबंधन और बांध की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है।
इधर, जिले में जलाशयों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों और आम नागरिकों से जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है।
लगातार बारिश से बढ़ी गंगरेल में पानी की आवक
धमतरी जिले में लगातार बारिश होने के कारण गंगरेल बांध के कैचमेंट एरिया से बड़ी मात्रा में पानी जलाशय तक पहुंच रहा है। पानी की लगातार बढ़ती आवक के चलते गंगरेल का जलभराव 99.01 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
जलाशय में पानी का स्तर बढ़ने के बाद अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू की गई। इसके तहत गंगरेल बांध के 10 गेट खोले गए हैं। गेट खुलने के बाद बांध से पानी का बहाव तेज हुआ है और बड़ी मात्रा में पानी महानदी की ओर छोड़ा जा रहा है।
महानदी में 1.22 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया
गंगरेल बांध से वर्तमान में करीब 1 लाख 22 हजार क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। पानी की इस निकासी के कारण महानदी और आसपास के नदी-नालों के जलस्तर पर असर पड़ने की संभावना है।
जल संसाधन विभाग द्वारा जलाशय के जलस्तर और पानी की आवक पर नजर रखी जा रही है। लगातार बारिश और कैचमेंट क्षेत्र से आने वाले पानी को देखते हुए जलाशय से अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है।
दूसरे जलाशयों से भी बढ़ रहा डिस्चार्ज
गंगरेल के अलावा जिले के अन्य जलाशयों में भी पानी का स्तर बढ़ा है। उपलब्ध अपडेट के अनुसार, मुरुमसिल्ली जलाशय से 7,558 क्यूसेक पानी गंगरेल की ओर छोड़ा जा रहा है। वहीं दुधावा जलाशय से 16,762 क्यूसेक पानी गंगरेल की दिशा में छोड़ा जा रहा है।
दूसरी ओर, सोदूर जलाशय का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है और यह 89.42 प्रतिशत तक भर चुका है। सोदूर जलाशय से 42,570 क्यूसेक पानी पैरी/महानदी नदी की ओर छोड़ा जा रहा है। जलाशयों में लगातार हो रही पानी की आवक को देखते हुए संबंधित विभाग स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।
⚠️ नदी किनारे रहने वालों से सावधानी की अपील

गंगरेल बांध से बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने को कहा है। जिला प्रशासन ने नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों और आम नागरिकों से नदी तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।
प्रशासन की ओर से लोगों से कहा गया है कि वे अनावश्यक रूप से नदी के आसपास न जाएं। विशेष रूप से ऐसे स्थानों पर जाने से बचना जरूरी है, जहां पानी का बहाव बढ़ रहा हो या जलभराव की स्थिति बनी हो।
प्रशासन और जल संसाधन विभाग की निगरानी
लगातार बारिश, जलाशयों में बढ़ती आवक और पानी की निकासी को देखते हुए प्रशासन तथा जल संसाधन विभाग स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। गंगरेल के जलस्तर के साथ-साथ अन्य जलाशयों से छोड़े जा रहे पानी की स्थिति पर भी निगरानी रखी जा रही है।
गंगरेल का जलभराव 99.01 प्रतिशत पहुंचने और 10 गेट खोले जाने के बाद महानदी में पानी का बहाव बढ़ा है। ऐसे में नदी किनारे रहने वाले लोगों के लिए प्रशासन की अपील का पालन करना महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष
धमतरी जिले में लगातार बारिश के कारण गंगरेल बांध में पानी की आवक बढ़ने से 10 गेट खोले गए हैं। गंगरेल से करीब 1.22 लाख क्यूसेक पानी महानदी में छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा मुरुमसिल्ली, दुधावा और सोदूर जलाशयों से भी पानी छोड़ा जा रहा है। जलस्तर बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग निगरानी कर रहे हैं तथा लोगों से नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की गई है।
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