9/11 की 25वीं बरसी: एक हमले ने बदली दुनिया की तस्वीर, अमेरिका के युद्ध में उलझने से चीन को मिला बड़ा रणनीतिक फायदा
11 सितंबर 2001 की सुबह अमेरिका में शुरू हुआ घटनाक्रम कुछ ही घंटों में पूरी दुनिया के लिए इतिहास का एक भयावह अध्याय बन गया। अल-कायदा के आतंकियों ने चार यात्री विमानों का अपहरण कर अमेरिका के प्रमुख ठिकानों को निशाना बनाया। इस हमले में 2,977 लोगों की मौत हुई और वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के ट्विन टावर्स पूरी तरह ढह गए। 25 साल बाद भी 9/11 को दुनिया के सबसे प्रभावशाली आतंकी हमलों में गिना जाता है।
चार विमानों ने मचाई तबाही
11 सितंबर की सुबह अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 11 न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के नॉर्थ टावर से टकराई। इसके करीब 17 मिनट बाद यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट 175 साउथ टावर से जा टकराई। कुछ ही देर बाद अमेरिकन एयरलाइंस की फ्लाइट 77 ने वॉशिंगटन स्थित पेंटागन को निशाना बनाया।
चौथा विमान यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट 93 था। यात्रियों ने हाईजैकर्स का विरोध किया, जिसके बाद विमान पेंसिल्वेनिया के शैंक्सविले के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। माना जाता है कि इसका संभावित निशाना अमेरिकी कैपिटल या व्हाइट हाउस हो सकता था।
अमेरिका ने शुरू किया 'वार ऑन टेरर'
हमले के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू. बुश ने आतंकवाद के खिलाफ व्यापक अभियान शुरू किया। अक्टूबर 2001 में अमेरिका ने अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई शुरू की, जहां अल-कायदा और तालिबान के खिलाफ अभियान चलाया गया। यह युद्ध अमेरिका के लिए बेहद लंबा और महंगा साबित हुआ।
करीब एक दशक बाद मई 2011 में अमेरिकी सैन्य अभियान में पाकिस्तान के एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन मारा गया। इसके बाद भी आतंकवाद के खिलाफ अमेरिकी अभियान जारी रहा और 2022 में अल-कायदा प्रमुख अयमान अल-जवाहिरी भी अमेरिकी ड्रोन हमले में मारा गया।
9/11 के बाद बदली वैश्विक ताकतों की तस्वीर
9/11 का असर केवल अमेरिका की सुरक्षा नीति तक सीमित नहीं रहा। अफगानिस्तान और बाद में अन्य क्षेत्रों में लंबे समय तक सैन्य अभियानों में उलझे रहने के दौरान अमेरिका का बड़ा हिस्सा सैन्य और आर्थिक संसाधनों में लगा रहा।
इसी अवधि में चीन ने अपनी अर्थव्यवस्था, उद्योग, तकनीक और सैन्य क्षमता को तेजी से मजबूत किया। बीजिंग ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र के साथ-साथ अफ्रीका, यूरोप और अन्य विकासशील देशों में व्यापार, निवेश और बुनियादी ढांचे के जरिए अपना प्रभाव बढ़ाया।
क्या 9/11 ने चीन के लिए खोला रणनीतिक रास्ता?
विशेषज्ञों के एक नजरिए के मुताबिक, 9/11 के बाद अमेरिका का लंबे समय तक आतंकवाद और मध्य-पूर्व-अफगानिस्तान की चुनौतियों पर केंद्रित रहना चीन के लिए रणनीतिक अवसर साबित हुआ। इस दौरान चीन ने वैश्विक आर्थिक और सामरिक प्रभाव बढ़ाने पर लगातार काम किया।
हालांकि, चीन के वैश्विक शक्ति के रूप में उभरने को केवल 9/11 का परिणाम मानना सही नहीं होगा। चीन की तेज आर्थिक वृद्धि, औद्योगिक विस्तार, व्यापार नीति और दीर्घकालिक रणनीतिक योजनाओं ने भी इसमें बड़ी भूमिका निभाई।
25 साल बाद भी कायम है 9/11 की छाप
9/11 ने अमेरिका की विदेश नीति, वैश्विक सुरक्षा व्यवस्था और आतंकवाद के खिलाफ रणनीति को लंबे समय के लिए बदल दिया। इस हमले के बाद शुरू हुए युद्धों और भू-राजनीतिक बदलावों का असर आज भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति में दिखाई देता है। यही वजह है कि 11 सितंबर 2001 की घटना को केवल अमेरिका पर हुआ हमला नहीं, बल्कि 21वीं सदी की वैश्विक राजनीति के निर्णायक मोड़ों में से एक माना जाता है।
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