पेट की परेशानी का कनेक्शन सिर्फ खाने से नहीं, आपकी रोजमर्रा की आदतों से भी! जानें फोन और तनाव का असर
पेट फूलना, गैस, कब्ज, दस्त या पेट दर्द जैसी समस्याएं आजकल काफी आम हो गई हैं। इन परेशानियों के पीछे सिर्फ गलत खान-पान ही जिम्मेदार नहीं होता, बल्कि तनाव, नींद की कमी और खाने के दौरान अपनाई जाने वाली आदतें भी पाचन तंत्र को प्रभावित कर सकती हैं। खासतौर पर IBS यानी इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम में आंत और दिमाग के बीच का संबंध महत्वपूर्ण माना जाता है।
खाना खाते समय फोन को कहें 'बाय-बाय'
न्यूट्रिशनिस्ट ऋजुता दिवेकर ने अपनी फिटनेस गाइडलाइंस में भोजन के समय फोन, टीवी और दूसरे गैजेट्स से दूरी बनाने की सलाह दी है। स्क्रीन पर ध्यान रहने से व्यक्ति खाने की गति और मात्रा पर ठीक से ध्यान नहीं दे पाता। ऐसे में बिना ध्यान दिए ज्यादा या तेजी से खाना खाने की आदत बन सकती है।
इसलिए शुरुआत में कम से कम एक मील बिना फोन के खाने की आदत डालना बेहतर हो सकता है। भोजन को धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाने से भी खाने की प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है।
क्या फोन सीधे IBS की वजह बनता है?
सिर्फ फोन चलाना IBS का सीधा कारण नहीं माना जाता। IBS एक जटिल स्थिति है, जिसमें आंतों की संवेदनशीलता, गट माइक्रोबायोम, खान-पान, तनाव और नींद जैसे कई कारक भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, लंबे समय तक स्क्रीन इस्तेमाल करने से दिनचर्या, नींद और तनाव प्रभावित हो सकते हैं, जिसका अप्रत्यक्ष असर पाचन स्वास्थ्य पर पड़ सकता है।
ओरल हाइजीन भी है जरूरी
पाचन तंत्र की शुरुआत मुंह से होती है, इसलिए ओरल हेल्थ को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। दांतों और मसूड़ों की नियमित सफाई के साथ दिन में दो बार ब्रश करने की आदत बनाए रखना जरूरी है। मुंह में मौजूद माइक्रोब्स का संबंध शरीर के आगे के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम से भी होता है।
छोटी आदतों से रखें पेट का ख्याल
अगर बार-बार पेट फूलने, गैस, कब्ज, दस्त या पेट दर्द जैसी परेशानी होती है, तो खाने के दौरान फोन दूर रखने, भोजन धीरे खाने, पर्याप्त नींद लेने और तनाव कम करने जैसी स्वस्थ आदतों पर ध्यान दिया जा सकता है। लगातार या गंभीर लक्षण होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
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