PM Awas Yojana: कच्चे मकान में टपकती थी छत, अब पक्के घर में सुकून से रह रहा एतवार दास का परिवार

23 Sep 2026 - 14:33
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PM Awas Yojana: कच्चे मकान में टपकती थी छत, अब पक्के घर में सुकून से रह रहा एतवार दास का परिवार

अम्बिकापुर। सेवा संकल्प अभियान के तहत चल रही ‘सेवा की कहानी’ में जनकल्याणकारी योजनाओं से लोगों के जीवन में आए बदलाव की तस्वीर सामने आ रही है। सरगुजा जिले के जनपद पंचायत अम्बिकापुर अंतर्गत ग्राम रामपुर निवासी श्री एतवार दास के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ वर्षों पुरानी आवास संबंधी परेशानी से राहत लेकर आया। मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले एतवार दास लंबे समय तक अपने पिता के पुराने कच्चे मकान में परिवार के साथ रहते थे। बारिश के मौसम में जर्जर छत से पानी टपकने के कारण उन्हें घर और सामान को सुरक्षित रखने की चिंता बनी रहती थी। योजना के तहत पक्का आवास मिलने के बाद अब उनका परिवार सुरक्षित घर में रह रहा है।

बारिश आते ही बढ़ जाती थी परिवार की परेशानी

एतवार दास बताते हैं कि उनके पिता का पुराना मिट्टी का मकान समय के साथ जर्जर हो गया था। मकान की स्थिति ऐसी थी कि बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने लगता था। इससे परिवार के सामने घर के भीतर पानी आने और सामान खराब होने की चिंता बनी रहती थी।

दैनिक मजदूरी से होने वाली सीमित आमदनी में परिवार की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना ही प्राथमिकता थी। ऐसे में नया पक्का मकान बनाना उनके लिए आसान नहीं था। स्थायी आय का साधन नहीं होने के कारण वे पुराने मकान की मरम्मत कर किसी तरह परिवार के साथ जीवन गुजार रहे थे।

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से पूरा हुआ पक्के घर का सपना

प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण का लाभ मिलने के बाद एतवार दास के परिवार की वर्षों पुरानी आवास संबंधी समस्या दूर हुई। योजना के माध्यम से उन्हें पक्का आवास मिला, जिससे परिवार को सुरक्षित रहने के लिए बेहतर जगह उपलब्ध हुई।

अब बारिश के मौसम में छत से पानी टपकने की पुरानी परेशानी नहीं है। पक्के मकान ने परिवार को मौसम की मार से बचने के साथ रहने के लिए सुरक्षित स्थान भी दिया है।

एतवार दास अपने अनुभव को साझा करते हुए बताते हैं, “पहले मेरे पिताजी का कच्चा मकान था और उसी में हम रहते थे। बारिश में बहुत पानी चूता था, जिससे बहुत परेशानी होती थी। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से मुझे पक्का मकान मिल गया है। अब मुझे वह तकलीफ नहीं है और मेरा परिवार सुखी है।”

मजदूरी की सीमित आय में घर बनाना था मुश्किल

एतवार दास की आजीविका का मुख्य साधन दैनिक मजदूरी है। सीमित आमदनी के कारण परिवार की जरूरतों को पूरा करने के बाद पक्का मकान बनाना उनके लिए संभव नहीं था। पुराने कच्चे मकान में रहते हुए वे लंबे समय से आवास संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे थे।

योजना का लाभ मिलने से उनके परिवार की एक बड़ी जरूरत पूरी हुई। अब उन्हें अपने परिवार के साथ सुरक्षित और पक्के मकान में रहने का अवसर मिला है।

पक्का मकान बना सुरक्षा और स्थिरता का आधार

एतवार दास के लिए पक्का आवास केवल रहने की जगह नहीं है, बल्कि लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत का माध्यम भी बना है। अब वे अपनी पत्नी के साथ सुरक्षित घर में रह रहे हैं। बारिश के दौरान छत से पानी टपकने और घर के सामान को बचाने की चिंता भी पहले की तुलना में दूर हुई है।

पक्का घर मिलने से परिवार के दैनिक जीवन में स्थिरता आई है। सीमित आय वाले परिवार के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध होना उनके जीवन की महत्वपूर्ण जरूरतों में से एक था, जो योजना के माध्यम से पूरी हुई।

सेवा संकल्प अभियान में सामने आई बदलाव की कहानी

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘सेवा की कहानी’ के माध्यम से ऐसे लाभार्थियों के अनुभव सामने लाए जा रहे हैं, जिन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिला है। एतवार दास की कहानी भी इसी बदलाव को दर्शाती है, जहां कच्चे और जर्जर मकान से पक्के आवास तक का सफर उनके परिवार के लिए राहत लेकर आया।

एतवार दास ने पक्का आवास मिलने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका अनुभव बताता है कि सुरक्षित आवास मिलने से परिवार को केवल पक्की छत ही नहीं मिलती, बल्कि बारिश और मौसम से जुड़ी परेशानियों से राहत के साथ सुरक्षित वातावरण में जीवन बिताने का अवसर भी मिलता है।

निष्कर्ष

सरगुजा के ग्राम रामपुर निवासी एतवार दास के परिवार की कहानी प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत मिले आवास से हुए बदलाव को सामने रखती है। वर्षों तक कच्चे मकान में रहने और बारिश के दिनों में पानी टपकने की समस्या झेलने के बाद अब उनका परिवार पक्के मकान में रह रहा है। दैनिक मजदूरी पर निर्भर परिवार के लिए पक्का घर बनाना आसान नहीं था, लेकिन योजना का लाभ मिलने से उनकी आवास संबंधी जरूरत पूरी हुई।

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