धमतरी में ‘निदान-03’ विशेष शिविर: तीन दिनों में सैकड़ों दिव्यांगजनों को मिले कृत्रिम अंग और शासकीय सुविधाएं
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित तीन दिवसीय 'निदान-03' विशेष शिविर दिव्यांगजनों के जीवन में एक सुगम और सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन रहा है। इस विशेष पहल का प्राथमिक उद्देश्य दिव्यांगजनों को सशक्त, स्वावलंबी और समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है, जिससे उनकी दैनिक गतिविधियों में आने वाली बाधाएं दूर हो सकें।

जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग तथा भगवान महावीर दिव्यांग सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का लाभ उठाने के लिए बड़ी संख्या में हितग्राही पहुंचे। नगरी और धमतरी में आयोजित शिविरों के शुरुआती दो दिनों में ही कुल 632 दिव्यांगजनों ने हिस्सा लिया, जिन्हें एक ही स्थल पर कृत्रिम अंग, आधुनिक सहायक उपकरण और विभिन्न शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया गया।
एक ही छत के नीचे तमाम शासकीय सुविधाएं
शिविर का मुख्य आकर्षण एक ही स्थान पर सभी शासकीय एवं सामाजिक सेवाओं की उपलब्धता रही। अमूमन विभिन्न प्रमाण पत्रों, पास और सहायक उपकरणों के लिए दिव्यांगजनों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे। हालांकि, इस तीन दिवसीय आयोजन ने सभी आवश्यक सेवाओं को एक ही छत के नीचे लाकर प्रक्रिया को अत्यंत सरल और पारदर्शी बना दिया।
नगरी में शिविर के पहले दिन 172 हितग्राही हुए लाभान्वित
अभियान के प्रथम दिन 8 अक्टूबर को नगरी विकासखंड स्थित श्रृंगी ऋषि हायर सेकेंडरी स्कूल में जिला स्तरीय शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 172 दिव्यांगजन पहुंचे। पात्र हितग्राहियों को उनकी आवश्यकता के अनुसार ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, श्रवण यंत्र, बैसाखी, वॉकिंग स्टिक और वॉकर बांटे गए। इसके अलावा, 9 दिव्यांगजनों के कृत्रिम हाथ-पैर तैयार करने हेतु आवश्यक नाप और प्राथमिक प्रक्रिया पूर्ण की गई। मौके पर ही 18 दिव्यांगता प्रमाण पत्र और 44 यूडीआईडी (UDID) कार्ड भी जारी किए गए।
धमतरी के इंडोर स्टेडियम में 460 दिव्यांगजनों की सहभागिता
कार्यक्रम की श्रृंखला के दूसरे दिन 10 अक्टूबर को धमतरी के इंडोर स्टेडियम में एक विशाल शिविर का आयोजन हुआ, जिसमें 460 दिव्यांगजन सम्मिलित हुए। इनमें से 359 हितग्राहियों को विभिन्न प्रकार के आधुनिक उपकरणों व अन्य शासकीय सुविधाओं से सीधे लाभान्वित किया गया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष लोकेश कावडि़या तथा महापौर रामू रोहरा की गरिमामय उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान हितग्राहियों को कृत्रिम पैर, कृत्रिम हाथ, कैलिपर्स, श्रवण यंत्र, ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, बैसाखी, स्मार्ट केन और वॉकर जैसी सामग्रियां प्रदान की गईं। साथ ही, मौके पर बस पास, दिव्यांगता प्रमाण पत्र तथा आवश्यक पहचान संबंधी दस्तावेज भी तुरंत तैयार कर वितरित किए गए।
जनसंपर्क प्रदर्शनी और 'छत्तीसगढ़ जनमन' का निःशुल्क वितरण
शिविर स्थल पर विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा सूचनात्मक स्टॉल भी स्थापित किए गए थे, जहाँ आमजन को जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। जनसंपर्क विभाग की ओर से लगाई गई विशेष छायाचित्र प्रदर्शनी और मासिक पत्रिका 'छत्तीसगढ़ जनमन' के निःशुल्क वितरण को उपस्थित जनसमूह ने काफी सराहा।
आयोजन के दौरान धमतरी कलेक्टर ने सभी विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को आवश्यक सहायक उपकरण तथा शासकीय योजनाओं का लाभ देकर उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पंजीयन, परीक्षण और नाप की प्रक्रिया रही जारी
तीन दिवसीय इस विशेष अभियान के अंतिम दिन भी पंजीयन, स्वास्थ्य परीक्षण और कृत्रिम अंगों हेतु नाप लेने की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रखी गई, ताकि जिले का कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति इस कल्याणकारी पहल के लाभ से वंचित न रह जाए।
निष्कर्ष
धमतरी जिले में 'निदान-03' विशेष शिविर के माध्यम से समाज कल्याण विभाग और स्थानीय प्रशासन ने दिव्यांगजनों के जीवन को सुगम बनाने की दिशा में एक प्रभावी कदम उठाया है। एक ही स्थान पर प्रमाण पत्र वितरण, उपकरणों का आवंटन और पहचान पत्र सुविधाएं मिलने से हितग्राहियों को प्रशासनिक जटिलताओं से राहत मिली है। यह पहल न केवल उन्हें शारीरिक रूप से संबल प्रदान करती है, बल्कि उन्हें समाज में आत्मनिर्भर होकर जीने का अवसर भी देती है।
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