खैरागढ़ में ‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ का भव्य नाट्य मंचन, 500 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिला मुख्यालय स्थित इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय परिसर-2 में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ का जिला स्तरीय नाट्य मंचन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 500 से अधिक विद्यार्थियों ने सहभागिता की। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने संगीत, अभिनय और भावपूर्ण संवादों के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, सार्वजनिक सेवा से जुड़े अनुभवों और राष्ट्र के प्रति समर्पण पर आधारित संगीतमय नाटक प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में भारतीय कला, संगीत और नाट्य परंपराओं के माध्यम से सेवा भाव, जनभागीदारी, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को प्रस्तुत किया गया। नाटक के विभिन्न प्रसंगों में विद्यार्थियों ने समाज के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी और अपने कर्तव्यों के निर्वहन का संदेश दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के क्रम में ‘भारत के रंग’ की भावभूमि पर वंदे मातरम की गौरव गाथा को भी भरतनाट्यम और कथक की सामूहिक नृत्य प्रस्तुति के जरिए अभिव्यक्त किया गया।
जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। संगीत और अभिनय के समन्वय से तैयार प्रस्तुतियों के जरिए सांस्कृतिक गतिविधियों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का प्रयास किया गया।
‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ में सेवा और समर्पण का संदेश
‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ नाट्य मंचन का मुख्य विषय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीवन, सार्वजनिक सेवा के अनुभवों और राष्ट्र के प्रति समर्पण से जुड़े प्रसंग रहे। विद्यार्थियों ने संवाद, संगीत और अभिनय के माध्यम से इन विषयों को मंच पर प्रस्तुत किया। नाटक के विभिन्न दृश्यों में कर्तव्यनिष्ठा, सेवा भावना और समाज के प्रति जिम्मेदारी को रेखांकित किया गया।
प्रस्तुति के माध्यम से यह विचार सामने रखा गया कि जनसेवा केवल किसी व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक अपने स्तर पर सकारात्मक योगदान देकर समाज और राष्ट्र के विकास में भूमिका निभा सकता है। विद्यार्थियों ने नाट्य कला के जरिए सामूहिक प्रयासों और नागरिक कर्तव्यों के महत्व को अभिव्यक्त किया।
इस आयोजन में सांस्कृतिक प्रस्तुति को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखते हुए उसके माध्यम से सामाजिक संदेश देने पर जोर रहा। नाटक ने विद्यार्थियों को अभिनय और संगीत के जरिए सार्वजनिक जीवन तथा सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़े विचारों को अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान किया।
भरतनाट्यम और कथक से प्रस्तुत हुई वंदे मातरम की गौरव गाथा

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण ‘भारत के रंग’ की सांस्कृतिक भावभूमि पर आधारित वंदे मातरम की गौरव गाथा रही। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भरतनाट्यम और कथक की सामूहिक नृत्य प्रस्तुति दी। भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैलियों के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत और राष्ट्रीय भावना से जुड़े विषयों को मंच पर प्रदर्शित किया गया।
भरतनाट्यम और कथक भारतीय नृत्य परंपरा की महत्वपूर्ण शैलियां हैं, जिनमें भाव-भंगिमाओं, लय, ताल और शारीरिक मुद्राओं के जरिए विषयों को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त किया जाता है। कार्यक्रम में इन नृत्य शैलियों के सामूहिक प्रदर्शन ने आयोजन के सांस्कृतिक पक्ष को विशेष स्थान दिया।
विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों की इन प्रस्तुतियों ने कला, संगीत और नृत्य के माध्यम से विचारों की अभिव्यक्ति को सामने रखा। कार्यक्रम में नाट्य मंचन और शास्त्रीय नृत्य का समावेश भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं को विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा के साथ जोड़ने का माध्यम बना।
500 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता
खैरागढ़ में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में 500 से अधिक विद्यार्थियों की भागीदारी रही। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक क्षमता का प्रदर्शन करते हुए नाटक और नृत्य प्रस्तुतियों में हिस्सा लिया। संगीत, अभिनय और संवादों के तालमेल से तैयार कार्यक्रम में सेवा, कर्तव्य और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे विषयों को प्रमुखता दी गई।
ऐसे आयोजनों में विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ सामूहिक रूप से कार्य करने का अवसर भी मिलता है। नाट्य मंचन की तैयारी और प्रस्तुति के दौरान कला के विभिन्न पक्षों का समन्वय महत्वपूर्ण होता है। इस कार्यक्रम में भी विद्यार्थियों ने संगीत और अभिनय के माध्यम से विषयवस्तु को दर्शकों तक पहुंचाया।
कार्यक्रम का आयोजन विश्वविद्यालय परिसर-2 में किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों ने उपस्थिति दर्ज कराई। विद्यार्थियों की सहभागिता ने आयोजन को जिला स्तर पर व्यापक स्वरूप प्रदान किया।
सेवा संकल्प अभियान के तहत सामाजिक जागरूकता की पहल
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित इस नाट्य मंचन का उद्देश्य सेवा और समर्पण के विचारों को जनसामान्य तक पहुंचाना तथा सामाजिक योगदान की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में जनभागीदारी, सामूहिक प्रयास और सामाजिक उत्तरदायित्व जैसे विषयों को केंद्र में रखा गया।
नाटक के जरिए यह संदेश प्रस्तुत किया गया कि समाज के विकास में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारी से निर्वहन करना और सामूहिक हित के लिए योगदान देना सामाजिक जीवन के महत्वपूर्ण पहलू हैं। सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से इन विचारों को सरल और प्रभावी रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया।
इस तरह के आयोजनों से विद्यार्थियों को सार्वजनिक जीवन, सामाजिक दायित्वों और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों को समझने का अवसर मिलता है। साथ ही, संगीत, नृत्य और नाटक जैसे माध्यमों से सामाजिक विषयों पर संवाद स्थापित करने की संभावनाएं भी बढ़ती हैं।
जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें श्री बिसेसर साहू, श्री घम्मन साहू, श्री शशांक ताम्रकार, श्री जैनेन्द्र जंघेल, श्रीमती नीलिमा गोस्वामी, श्रीमती गिरिजा चंद्राकर, श्री विकेश गुप्ता, श्री रामाधार रजक, श्री भावेश कोचर, श्री गोरेलाल वर्मा, श्रीमती वंदना टांडेकर, श्री आयूब सोलंकी, श्री रूपेंद्र रजक और श्री लखन साहू सहित अन्य लोग शामिल रहे।
जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी में विद्यार्थियों ने नाटक तथा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने विचार और कलात्मक कौशल प्रदर्शित किए। आयोजन में भारतीय सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक संदेशों को एक मंच पर प्रस्तुत किया गया।
निष्कर्ष
खैरागढ़ के इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय परिसर-2 में आयोजित ‘नमो सेवा–अनकही कहानियां’ का जिला स्तरीय मंचन सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। इसमें 500 से अधिक विद्यार्थियों की सहभागिता, संगीतमय नाटक और भरतनाट्यम-कथक की सामूहिक प्रस्तुतियां प्रमुख आकर्षण रहीं। कार्यक्रम के माध्यम से सेवा भावना, नागरिक कर्तव्य, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों को कला एवं संस्कृति के जरिए प्रस्तुत किया गया।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)