विश्वकर्मा पूजा पर मशीनों से लेकर लैपटॉप तक की होगी पूजा, जानें क्या करें और किन बातों से बचें

17 Sep 2026 - 09:35
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विश्वकर्मा पूजा पर मशीनों से लेकर लैपटॉप तक की होगी पूजा, जानें क्या करें और किन बातों से बचें

हर साल कन्या संक्रांति के दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा श्रद्धा के साथ की जाती है। हिंदू मान्यताओं में भगवान विश्वकर्मा को शिल्प, वास्तुकला और निर्माण का देवता माना गया है। यही कारण है कि इस अवसर पर लोग अपने काम से जुड़े औजार, मशीन और उपकरणों की पूजा कर उन्हें सम्मान देते हैं।

समय के साथ काम करने का तरीका भी बदल गया है। आज फैक्ट्रियों और वर्कशॉप की मशीनों के साथ कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर, कैमरा और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक गैजेट भी काम का अहम हिस्सा हैं। ऐसे में विश्वकर्मा पूजा के दिन इन उपकरणों को भी साफ कर पूजा में शामिल किया जाता है।

इन चीजों की भी कर सकते हैं पूजा

विश्वकर्मा पूजा के दिन फैक्ट्री और वर्कशॉप की मशीनों के अलावा हथौड़ा, पेचकस, ड्रिल, सिलाई मशीन, निर्माण उपकरण, वाहन और कारोबार में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की पूजा की जाती है। ऑफिस या घर से काम करने वाले लोग कंप्यूटर, लैपटॉप, प्रिंटर और कैमरा जैसे उपकरणों को भी पूजा स्थल के पास रख सकते हैं।

इलेक्ट्रॉनिक सामान की पूजा में रखें सावधानी

लैपटॉप और कंप्यूटर की पूजा करते समय उन पर पानी, गंगाजल या तेल सीधे नहीं डालना चाहिए। उपकरणों को नुकसान से बचाने के लिए रोली, चंदन, अक्षत और फूल अर्पित करना पर्याप्त है। पूजा से पहले मशीनों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सफाई करें और बिजली से चलने वाले उपकरणों को साफ करते समय उनकी पावर सप्लाई बंद रखें।

धूप, कपूर और दीपक को तारों, इलेक्ट्रॉनिक सामान और ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखना जरूरी है। बड़ी मशीनों की पूजा करते समय आसपास पर्याप्त जगह रखें और पूजा के दौरान मशीन को चालू न करें।

ऐसे करें विश्वकर्मा पूजा की तैयारी

पूजा के लिए सबसे पहले स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहनें और कार्यस्थल की अच्छी तरह सफाई करें। इसके बाद चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर भगवान विश्वकर्मा की तस्वीर या प्रतिमा स्थापित करें। दीपक जलाकर रोली, चंदन, अक्षत, फूल, फल और मिठाई अर्पित करें।

इसके बाद काम में इस्तेमाल होने वाले औजारों और मशीनों पर रोली, चंदन और फूल चढ़ाकर भगवान विश्वकर्मा का ध्यान करें। पूजा पूरी होने के बाद आरती करें और प्रसाद वितरित करें। इस दिन पूजा का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि काम और उससे जुड़े साधनों के प्रति सम्मान व्यक्त करना भी माना जाता है।

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