Ankit Sharma Age Fraud Case: रियो ओलंपिक तक पहुंचने वाले आगरा के एथलीट पर उम्र में हेरफेर के आरोप, गिरफ्तारी पर 5 हजार का इनाम
आगरा के पिनाहट क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय खेल मंच तक पहुंचने वाले लंबी कूद के एथलीट अंकित शर्मा इन दिनों अपनी खेल उपलब्धियों के बजाय जन्मतिथि और शैक्षिक दस्तावेजों से जुड़े विवाद को लेकर चर्चा में हैं। वर्ष 2016 में रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अंकित ने दक्षिण एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर पहचान बनाई थी। हालांकि, अब उनके खिलाफ मध्य प्रदेश के मुरैना में दर्ज धोखाधड़ी के मामले ने उनके खेल करियर और सरकारी नौकरी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अंकित शर्मा ने जन्म प्रमाणपत्र और स्कूल के दस्तावेजों में कथित हेरफेर कर अपनी उम्र लगभग पांच वर्ष कम दर्शाई। आरोपों के मुताबिक, इस बदलाव के आधार पर उन्होंने कम उम्र के खिलाड़ियों के साथ प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और खेल उपलब्धियों के जरिए सरकारी नौकरी प्राप्त की। मामले में मुरैना पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही हो सकेगी।
8.17 मीटर की छलांग से बनाई अंतरराष्ट्रीय पहचान
अंकित शर्मा का खेल सफर आगरा जिले के पिनाहट क्षेत्र से शुरू हुआ। लंबी कूद में बेहतर प्रदर्शन के दम पर उन्होंने राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक अपनी जगह बनाई। वर्ष 2015 में केरल के तिरुवनंतपुरम में आयोजित राष्ट्रीय खेलों में उन्होंने 8.04 मीटर की छलांग लगाई थी। इस प्रदर्शन ने उन्हें देश के प्रमुख लंबी कूद खिलाड़ियों में पहचान दिलाई।
फरवरी 2016 में आयोजित दक्षिण एशियाई खेलों में अंकित ने 7.89 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता। इस दौरान उन्होंने प्रतियोगिता का 27 वर्ष पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ा। इसके बाद जून 2016 में कजाखस्तान के अलमाटी में आयोजित जी. कोसानोव मेमोरियल मीट में उन्होंने 8.17 मीटर की छलांग लगाई। उस समय पुरुषों की लंबी कूद के लिए ओलंपिक क्वालीफाइंग मानक 8.15 मीटर था। इस प्रदर्शन के आधार पर उन्होंने रियो ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया।
रियो ओलंपिक में भारत का किया प्रतिनिधित्व
वर्ष 2016 अंकित शर्मा के खेल करियर का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा, जब उन्होंने ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में आयोजित ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। पिनाहट जैसे क्षेत्र से निकलकर ओलंपिक तक पहुंचना उनके खेल सफर की बड़ी उपलब्धि थी। हालांकि, वह ओलंपिक में पदक हासिल नहीं कर सके, लेकिन दक्षिण एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक और 8.17 मीटर का प्रदर्शन उनके करियर की प्रमुख उपलब्धियों में शामिल रहे।
ओलंपिक में भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन के कारण अंकित ने खेल जगत में अपनी पहचान बनाई थी। अब जन्मतिथि को लेकर सामने आए आरोपों के कारण उनका नाम एक अलग विवाद से जुड़ गया है।
जन्मतिथि और स्कूल रिकॉर्ड पर क्या हैं आरोप?
मामले की शिकायत ग्वालियर निवासी डॉ. आनंद तिवारी ने दर्ज कराई है, जो अंकित शर्मा के ससुर बताए जाते हैं। शिकायत के अनुसार, करीब दो महीने पहले उन्होंने मुरैना के कोतवाली थाने में इस संबंध में शिकायत दी थी। आरोप है कि मुरैना के शासकीय ज्योति विद्यालय में दाखिले के लिए इस्तेमाल किए गए कथित जन्म प्रमाणपत्र में अंकित की जन्मतिथि 20 जुलाई 1992 दर्ज थी।
शिकायतकर्ता का दावा है कि अंकित की वास्तविक जन्मतिथि एक अगस्त 1987 है। इस प्रकार दोनों तारीखों के बीच लगभग पांच वर्ष का अंतर बताया गया है। आरोप यह भी है कि आगरा के पिनाहट क्षेत्र में उनकी पढ़ाई से जुड़े पुराने शैक्षिक रिकॉर्ड और मुरैना के विद्यालय में दाखिले के दस्तावेजों में अंतर था।
शिकायतकर्ता ने इसी कथित अंतर को उम्र संबंधी धोखाधड़ी का आधार बनाया है। हालांकि, जन्म प्रमाणपत्र और शैक्षिक रिकॉर्ड की वास्तविकता, उनकी वैधता तथा कथित गड़बड़ी में संबंधित लोगों की भूमिका जांच का विषय है। इन तथ्यों पर अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।
खेल कोटे से नौकरी मिलने पर भी उठे सवाल
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि कथित रूप से कम उम्र दर्शाने के कारण अंकित शर्मा को कम आयु वर्ग के खिलाड़ियों के साथ प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिला। शिकायतकर्ता का दावा है कि इन प्रतियोगिताओं में हासिल पदकों और खेल उपलब्धियों के आधार पर उन्होंने सरकारी नौकरी प्राप्त की।
अंकित शर्मा के चेन्नई में आयकर निरीक्षक के पद पर तैनात होने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में उनकी नियुक्ति के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों और खेल उपलब्धियों को लेकर उठाए गए सवाल भी मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हालांकि, अभी यह साबित नहीं हुआ है कि उनकी सभी खेल उपलब्धियां या सरकारी नियुक्ति अवैध हैं। इस संबंध में संबंधित विभागों के रिकॉर्ड और जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
मुरैना पुलिस ने घोषित किया पांच हजार रुपये का इनाम
मुरैना में दर्ज धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने अंकित शर्मा की गिरफ्तारी के लिए पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। मुरैना के पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना की ओर से यह घोषणा किए जाने के बाद मामला फिर चर्चा में आ गया है। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
दूसरी ओर, अंकित शर्मा के भाई नीरज शर्मा ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद वारंट जारी करने की प्रक्रिया को लेकर सवाल हैं और उससे पहले इनाम घोषित किए जाने पर उन्हें आपत्ति है। उन्होंने आरोपों को गलत बताते हुए पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं।
निष्कर्ष:
जांच के बाद स्पष्ट होगी आरोपों की सच्चाई
अंकित शर्मा का खेल सफर राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन, दक्षिण एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक और रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने जैसी उपलब्धियों से जुड़ा रहा है। अब जन्मतिथि और शैक्षिक दस्तावेजों को लेकर दर्ज मामले ने उनके करियर और सरकारी नौकरी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल मुरैना पुलिस की ओर से गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया है। दस्तावेजों के सत्यापन और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा कि शिकायत में लगाए गए आरोप कितने सही हैं।
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