सेवा संकल्प अभियान की समीक्षा बैठक में कलेक्टर रेना जमील के निर्देश, सेवा सेतु शिविरों में पात्र नागरिकों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर

05 Oct 2026 - 16:51
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सेवा संकल्प अभियान की समीक्षा बैठक में कलेक्टर रेना जमील के निर्देश, सेवा सेतु शिविरों में पात्र नागरिकों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर

सूरजपुर जिले में शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं, विभागीय कार्यों और जनसमस्याओं के समयबद्ध निराकरण को लेकर कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभिन्न विभागों के कामकाज की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को पात्र नागरिकों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने और लंबित प्रकरणों का निर्धारित समय में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि प्रशासनिक कार्यों में संवेदनशीलता और जवाबदेही बनाए रखते हुए नियमित रूप से क्षेत्रीय भ्रमण किया जाए। इससे योजनाओं और शासकीय कार्यक्रमों के मैदानी स्तर पर हो रहे क्रियान्वयन की निगरानी की जा सकेगी तथा आम नागरिकों को आने वाली समस्याओं का समय पर समाधान किया जा सकेगा। बैठक में सेवा संकल्प अभियान, धान खरीदी की तैयारियों, स्वास्थ्य कार्यक्रमों, शिक्षा व्यवस्था, आवारा पशुओं के प्रबंधन और विभिन्न पोर्टलों पर लंबित मामलों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों की समीक्षा की गई।

सेवा सेतु शिविरों में अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित किए जाने वाले सेवा सेतु शिविरों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती जमील ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को संबंधित विभागीय टीम के साथ शिविरों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविरों का उद्देश्य पात्र नागरिकों को केंद्र और राज्य शासन की योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ना है। इसके लिए विभागों को पहले से आवश्यक तैयारियां पूरी करनी होंगी और शिविर स्थल पर संबंधित सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी।

कलेक्टर ने आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई करने तथा पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सेवा सेतु शिविरों में आने वाले प्रत्येक पात्र नागरिक को शासकीय योजनाओं से शत-प्रतिशत संतृप्त करने का लक्ष्य रखा गया है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 06 अक्टूबर को भैयाथान विकासखंड के ग्राम करकोटी तथा ओड़गी के ग्राम दवनसरा में सेवा सेतु शिविर आयोजित किया जाएगा। वहीं 07 अक्टूबर को प्रतापपुर के डांडकरवा में शिविर लगाया जाएगा। कलेक्टर ने सभी संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों को इन शिविरों में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा।

धान खरीदी और कृषक पंजीयन की तैयारियों की समीक्षा

बैठक में धान खरीदी वर्ष 2026-27 की तैयारियों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। कलेक्टर ने संबंधित विभागों से कृषक पंजीयन की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी से जुड़े कार्यों में संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवश्यक तैयारियां पूरी की जा सकें।

इसके साथ ही एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे के शेष कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को दोनों कार्यों को तय समय-सीमा के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय स्तर पर लंबित कार्यों की लगातार निगरानी करने और आवश्यक समन्वय के साथ उन्हें पूरा करने को कहा।

स्वास्थ्य योजनाओं और टीबी अभियान पर फोकस

स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम के तहत अधिक से अधिक नागरिकों की जांच और स्क्रीनिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने शेष पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड और वय वंदना कार्ड बनाने की प्रगति की जानकारी लेते हुए इन्हें शीघ्र तैयार कराने पर जोर दिया।

बैठक में यू-विन पोर्टल तथा राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर श्रीमती जमील ने टीबी मुक्त भारत अभियान को गति देने के निर्देश देते हुए संबंधित अधिकारियों से अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों की प्रभावी निगरानी करने को कहा। स्वास्थ्य संबंधी योजनाओं और अभियानों में पात्र नागरिकों तक सेवाएं पहुंचाने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य पूरा करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

स्कूलों में शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति की निगरानी

गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था को लेकर कलेक्टर ने विद्यालयों में शिक्षकों की उपस्थिति, अनुपस्थिति और अवकाश की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने लंबे समय से अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी संबंधित अधिकारियों से ली।

कलेक्टर ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए पालकों से संवाद करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि जो बच्चे विद्यालय में नियमित रूप से उपस्थित नहीं हो रहे हैं, उनके पालकों से संपर्क कर उन्हें पढ़ाई से दोबारा जोड़ने की दिशा में आवश्यक प्रयास किए जाएं। विद्यालयों में शिक्षक और विद्यार्थी दोनों की नियमित उपस्थिति शिक्षा व्यवस्था के सुचारु संचालन के लिए महत्वपूर्ण है, इसलिए इस पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

आवारा पशुओं के प्रबंधन और लंबित प्रकरणों पर निर्देश

बैठक में सड़कों और सार्वजनिक स्थलों पर विचरण करने वाले आवारा पशुओं के प्रबंधन का मुद्दा भी सामने आया। कलेक्टर ने संबंधित विभागों और स्थानीय निकायों को आपसी समन्वय से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर रखने की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा, ताकि सड़कों पर आवागमन सुचारु रहे और दुर्घटनाओं की आशंका को कम किया जा सके।

इसके अलावा समय-सीमा, जनदर्शन, सेवा सेतु, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और पीजी पोर्टल से संबंधित लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को इन मामलों का शीघ्र निराकरण करने तथा लंबित प्रकरणों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले, अपर कलेक्टर श्रीमती नयन तारा सिंह, सभी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष

समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पात्र हितग्राहियों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच और लंबित मामलों के समयबद्ध निराकरण को लेकर विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। आगामी 06 और 07 अक्टूबर को होने वाले सेवा सेतु शिविरों, धान खरीदी की तैयारियों, स्वास्थ्य एवं शिक्षा कार्यक्रमों तथा सार्वजनिक स्थलों पर आवारा पशुओं के प्रबंधन की निगरानी पर विशेष जोर दिया गया।

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