मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना: श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को मिली 5-5 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि
श्रमिक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना संचालित की जा रही है। योजना के तहत पात्र निर्माण श्रमिकों के मेधावी बच्चों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के आधार पर उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसी क्रम में देवभोग विकासखंड के ग्राम खोकसरा में आयोजित सेवा सेतु शिविर के दौरान दो मेधावी विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिया गया।
शिविर में शहीद भीष्म कुमार यदु शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, माड़ागांव की छात्रा भूमेंसुता बीसी और स्वामी आत्मानंद विद्यालय, मुड़ागांव के छात्र स्वागत रंजन नाइक को प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। दोनों विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और पढ़ाई के प्रति लगन से अच्छे अंक हासिल किए हैं। भूमेंसुता बीसी ने 75 प्रतिशत और स्वागत रंजन नाइक ने 89.66 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं।
दो मेधावी विद्यार्थियों को मिली 5-5 हजार रुपये की सहायता
ग्राम खोकसरा में आयोजित सेवा सेतु शिविर में योजना के अंतर्गत दोनों विद्यार्थियों को पांच-पांच हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। इस अवसर पर प्रभारी मंत्री श्री दयाल दास बघेल और सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की।
कार्यक्रम के दौरान दोनों विद्यार्थियों को उनके शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। योजना के माध्यम से मिलने वाली आर्थिक सहायता का उद्देश्य पात्र श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को आगे की शिक्षा के लिए सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि वे अपनी पढ़ाई जारी रखते हुए उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ सकें।
मेहनत और अच्छे प्रदर्शन को मिल रहा प्रोत्साहन
भूमेंसुता बीसी और स्वागत रंजन नाइक की उपलब्धि यह दर्शाती है कि सीमित संसाधनों के बीच भी निरंतर मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण के माध्यम से विद्यार्थी बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं। दोनों विद्यार्थियों ने अपनी-अपनी कक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करते हुए योजना के तहत मिलने वाली प्रोत्साहन राशि के लिए पात्रता हासिल की।
श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए इस तरह की आर्थिक सहायता पढ़ाई से जुड़े खर्चों में सहयोग देने के साथ उन्हें अपनी शैक्षणिक यात्रा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करती है। योजना के तहत सहायता प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि के आधार पर आगे की शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग दिया जाता है।
कौन ले सकता है योजना का लाभ
छत्तीसगढ़ श्रम विभाग के अनुसार, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के लिए पंजीकृत निर्माण श्रमिक के प्रथम दो बच्चे पात्र होते हैं। योजना का लाभ लेने के लिए श्रमिक का मंडल में कम से कम 90 दिवस पूर्व पंजीकृत होना आवश्यक है।
योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पात्र हितग्राहियों को 5 हजार रुपये से लेकर 1 लाख रुपये तक की सहायता राशि उपलब्ध कराई जा सकती है। सहायता की राशि योजना में निर्धारित पात्रता और शैक्षणिक मानदंडों के आधार पर तय होती है। इससे श्रमिक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा की दिशा में आर्थिक सहयोग मिल सकता है।
ऑनलाइन पोर्टल से किया जा सकता है आवेदन
योजना के लिए पात्र हितग्राही श्रम विभाग के भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर भी योजना के लिए आवेदन की सुविधा उपलब्ध है। आवेदन करते समय योजना के लिए निर्धारित आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन प्रस्तुत करना होता है।
श्रम विभाग के पोर्टल पर मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के लिए प्राचार्य प्रमाण-पत्र का प्रारूप भी उपलब्ध कराया गया है। योजना का लाभ लेने के इच्छुक पात्र हितग्राही आवेदन से पहले पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। योजना से संबंधित अद्यतन आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी श्रम विभाग के कार्यालय अथवा आधिकारिक पोर्टल से प्राप्त की जा सकती है।
शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग से बढ़ेगा प्रोत्साहन
मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत दी जाने वाली सहायता राशि श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों के लिए शिक्षा जारी रखने में सहयोग का माध्यम है। खोकसरा में आयोजित सेवा सेतु शिविर में भूमेंसुता बीसी और स्वागत रंजन नाइक को मिली प्रोत्साहन राशि उनकी शैक्षणिक उपलब्धि के आधार पर प्रदान की गई।
दोनों विद्यार्थियों की सफलता इस बात को रेखांकित करती है कि मेहनत, लगन और शिक्षा के प्रति निरंतर प्रयास से विद्यार्थी अपनी परिस्थितियों के बावजूद बेहतर उपलब्धियां हासिल कर सकते हैं। योजना के माध्यम से मिलने वाला आर्थिक सहयोग ऐसे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करने में सहायक हो सकता है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के आधार पर आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। देवभोग के खोकसरा में भूमेंसुता बीसी और स्वागत रंजन नाइक को मिली 5-5 हजार रुपये की सहायता राशि इसी योजना के तहत दी गई। दोनों विद्यार्थियों की उपलब्धि और योजना से मिलने वाला सहयोग श्रमिक परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है।
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