बैलाडीला के पहुंचविहीन बेंगपाल गांव तक 8 किमी पैदल पहुंची स्वास्थ्य टीम, पेड़ की छांव में लगा शिविर

03 Oct 2026 - 16:31
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बैलाडीला के पहुंचविहीन बेंगपाल गांव तक 8 किमी पैदल पहुंची स्वास्थ्य टीम, पेड़ की छांव में लगा शिविर

दुर्गम गांव तक पहुंची स्वास्थ्य सेवाओं की टीम

छत्तीसगढ़ के बैलाडीला क्षेत्र के अंतिम छोर पर बसे पहुंचविहीन ग्राम बेंगपाल में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सेवा संकल्प अभियान के तहत स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया। गांव तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों को करीब 8 किलोमीटर का पैदल सफर तय करना पड़ा। सड़क और नियमित आवागमन की सुविधा से दूर इस गांव में स्वास्थ्य टीम ने पहुंचकर ग्रामीणों की जांच की और आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया।

बेंगपाल में स्वास्थ्य शिविर के लिए किसी भवन या अस्पताल जैसी सुविधा उपलब्ध नहीं थी। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों ने पेड़ की छांव में ही शिविर लगाया। इसी स्थान पर ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच, मलेरिया परीक्षण और विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित गतिविधियां पूरी की गईं। शिविर में कुल 106 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच की गई।

106 ग्रामीणों की हुई स्वास्थ्य जांच

स्वास्थ्य शिविर के दौरान गांव के 106 ग्रामीणों की जांच कर उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को समझा गया। स्वास्थ्य अमले ने ग्रामीणों को आवश्यक उपचार और चिकित्सकीय परामर्श भी दिया। शिविर में मलेरिया की स्थिति की जांच के लिए प्रत्येक ग्रामीण का मलेरिया परीक्षण किया गया।

दुर्गम और पहुंचविहीन क्षेत्रों में मलेरिया जैसी बीमारियों की समय पर पहचान स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी उद्देश्य से शिविर में आने वाले सभी ग्रामीणों की मलेरिया जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच के साथ ग्रामीणों को उनकी स्थिति के अनुसार चिकित्सकीय सलाह भी दी, ताकि आवश्यकता होने पर आगे उपचार कराया जा सके।

30 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की भी जांच

शिविर में केवल सामान्य स्वास्थ्य जांच तक ही सेवाएं सीमित नहीं रहीं। 30 वर्ष से अधिक आयु के ग्रामीणों की गैर-संचारी रोग कार्यक्रम के अंतर्गत रक्तचाप और मधुमेह की जांच भी की गई। इस दौरान स्वास्थ्यकर्मियों ने संबंधित लोगों की आवश्यक जांच कर स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली।

गैर-संचारी रोगों की पहचान के लिए नियमित जांच महत्वपूर्ण मानी जाती है। बेंगपाल जैसे दूरस्थ गांव में स्वास्थ्य टीम के पहुंचने से ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में इन जांच सुविधाओं का लाभ मिला। इसके अलावा शिविर में महिलाओं के लिए गर्भवती पंजीयन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इससे स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आवश्यक सेवाओं के लिए पात्र महिलाओं को पंजीयन कराने में मदद मिली।

बच्चों का टीकाकरण और मोतियाबिंद मरीजों की पहचान

स्वास्थ्य शिविर के दौरान बच्चों का टीकाकरण भी किया गया। स्वास्थ्य अमले ने बच्चों को उपलब्ध आवश्यक टीकाकरण सेवाओं से जोड़ा। इससे शिविर का दायरा केवल वयस्कों की स्वास्थ्य जांच तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों और महिलाओं से जुड़ी स्वास्थ्य सेवाओं को भी इसमें शामिल किया गया।

शिविर में आंखों से संबंधित समस्या वाले ग्रामीणों की भी पहचान की गई। स्वास्थ्य टीम ने मोतियाबिंद से पीड़ित मरीजों को चिन्हित किया और उन्हें आगे उपचार एवं ऑपरेशन के लिए जिला अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू की। इस तरह जिन ग्रामीणों को आगे विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें उच्च स्वास्थ्य संस्था तक पहुंचाने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

आयुष्मान कार्ड और वय वंदना योजना की सुविधा

बेंगपाल में आयोजित शिविर का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी रहा कि ग्रामीणों को स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी योजनाओं की सुविधाओं से जोड़ा गया। शिविर के दौरान ग्रामीणों के लिए आयुष्मान कार्ड से संबंधित सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके माध्यम से पात्र लोगों को स्वास्थ्य योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया में सहायता मिली।

इसके साथ ही 70 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रधानमंत्री वय वंदना योजना से संबंधित कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। इससे बुजुर्ग ग्रामीणों को संबंधित योजना से जुड़ी सुविधा प्राप्त करने का अवसर मिला। स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से जांच और उपचार के साथ योजनाओं तक पहुंच उपलब्ध कराने का प्रयास भी किया गया।

8 किलोमीटर पैदल सफर के बाद गांव तक पहुंची टीम

बेंगपाल तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों ने करीब 8 किलोमीटर की दूरी पैदल तय की। गांव की पहुंचविहीन स्थिति के कारण टीम को पैदल रास्ते से वहां पहुंचना पड़ा। इसके बाद पेड़ की छांव में शिविर लगाकर अलग-अलग स्वास्थ्य सेवाएं ग्रामीणों तक पहुंचाई गईं।

सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस शिविर में स्वास्थ्य जांच, मलेरिया परीक्षण, गैर-संचारी रोगों की जांच, गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, बच्चों का टीकाकरण और मोतियाबिंद मरीजों की पहचान जैसी गतिविधियां की गईं। साथ ही आयुष्मान कार्ड और 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रधानमंत्री वय वंदना योजना से संबंधित कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई।

दुर्गम क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच का प्रयास

बेंगपाल का यह शिविर इस बात पर केंद्रित रहा कि भौगोलिक कठिनाइयों के बावजूद स्वास्थ्य सेवाओं से ग्रामीणों को जोड़ा जा सके। सड़क सुविधा से दूर गांव तक पहुंचने के लिए टीम का पैदल जाना और वहीं उपलब्ध स्थान पर शिविर लगाना इस अभियान के तहत की गई गतिविधि का हिस्सा रहा।

एक ही शिविर में 106 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच के साथ कई प्रकार की सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। मलेरिया जांच से लेकर रक्तचाप और मधुमेह की जांच, गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, बच्चों के टीकाकरण और मोतियाबिंद मरीजों की पहचान तक अलग-अलग स्वास्थ्य जरूरतों को इसमें शामिल किया गया। जिन मरीजों को आगे उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें जिला अस्पताल भेजने की प्रक्रिया भी की गई।

निष्कर्ष

बैलाडीला के पहुंचविहीन ग्राम बेंगपाल में आयोजित स्वास्थ्य शिविर के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने करीब 8 किलोमीटर पैदल सफर कर ग्रामीणों तक सेवाएं पहुंचाईं। पेड़ की छांव में लगाए गए शिविर में 106 ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच हुई और मलेरिया परीक्षण के साथ गैर-संचारी रोगों की जांच, गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, बच्चों का टीकाकरण तथा मोतियाबिंद मरीजों की पहचान की गई। इसके अलावा ग्रामीणों को आयुष्मान कार्ड और 70 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रधानमंत्री वय वंदना योजना से संबंधित कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। बेंगपाल का यह शिविर दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के प्रयास को सामने रखता है।

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