नासिक में फर्जी दस्तावेजों से जमीन के प्रॉपर्टी कार्ड में नाम दर्ज कराने का आरोप, 3 गिरफ्तार

03 Oct 2026 - 14:33
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नासिक में फर्जी दस्तावेजों से जमीन के प्रॉपर्टी कार्ड में नाम दर्ज कराने का आरोप, 3 गिरफ्तार

270 वर्गमीटर जमीन के रिकॉर्ड में कथित फर्जीवाड़े से जुड़ा मामला

नासिक में जमीन के प्रॉपर्टी कार्ड में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नाम दर्ज कराने और बाद में संपत्ति का सौदा करने का मामला सामने आया है। इस मामले में उपनगर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं।

पुलिस के सामने यह मामला उत्तर प्रदेश निवासी एक महिला की शिकायत के बाद आया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संबंधित जमीन के मालिकाना रिकॉर्ड में बदलाव कराने के लिए मृत्यु प्रमाणपत्र, सक्सेशन सर्टिफिकेट, आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज कथित तौर पर तैयार किए गए और उन्हें सिटी सर्वे कार्यालय में प्रस्तुत किया गया। इसके बाद जमीन के प्रॉपर्टी कार्ड में आरोपियों के नाम दर्ज किए गए।

मामला जमीन के दस्तावेजों और सरकारी रिकॉर्ड में हुए कथित बदलाव से जुड़ा होने के कारण पुलिस अब दस्तावेजों की सत्यता और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

शिकायत के बाद सात लोगों पर दर्ज हुआ मामला

शिकायतकर्ता मिल्की गुरूचरण सोढ़ी, जो डिफेंस एस्टेट, आगरा, उत्तर प्रदेश की निवासी बताई गई हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में जमीन पर अपना दावा बताया है। शिकायत के मुताबिक नासिक के दसक शिवार स्थित सर्वे नंबर 02-01-02-02, प्लॉट नंबर 10 में उनकी 270 वर्गमीटर जमीन है।

शिकायतकर्ता के अनुसार अप्रैल महीने में आरोपियों ने कथित रूप से इस जमीन से संबंधित कई दस्तावेज तैयार किए। इनमें फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र, सक्सेशन सर्टिफिकेट और आधार कार्ड समेत अन्य कागजात शामिल होने का आरोप है। इन दस्तावेजों को सिटी सर्वे कार्यालय में पेश किए जाने के बाद संबंधित जमीन के प्रॉपर्टी कार्ड में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की गई।

शिकायत के आधार पर उपनगर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दस्तावेज किस तरह तैयार किए गए और जमीन के सरकारी रिकॉर्ड में बदलाव की प्रक्रिया किस प्रकार पूरी हुई।

तीन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनजीत कौर मलकीतसिंग मठाडू, मनतिज कौर जोगिंदरसिंग धोत्रा और रोशन प्रभुदास मोरे के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार रोशन प्रभुदास मोरे राशेगांव, तहसील अचलपुर, जिला अमरावती का निवासी बताया गया है। वहीं गिरफ्तार की गई दो अन्य आरोपी महिलाएं हैं। तीनों से कथित फर्जी दस्तावेजों को तैयार करने, उन्हें संबंधित कार्यालय में पेश करने और प्रॉपर्टी कार्ड में नाम दर्ज कराने से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ की जा रही है।

पुलिस जांच में यह भी देखा जा रहा है कि जमीन के दस्तावेजों में बदलाव कराने के दौरान आरोपियों ने किन प्रक्रियाओं का इस्तेमाल किया और इस पूरी प्रक्रिया में किस-किस व्यक्ति की भूमिका रही।

चार आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस

इस मामले में अभी चार अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। पुलिस के अनुसार इनमें सुनील मनोहर सोनकुसरे, निवासी नागपुर, राजू बडगुजर और मिलिंद पुरे, दोनों निवासी नासिक, तथा उनके अन्य साथी शामिल हैं।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि कथित फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किसकी भूमिका थी। इसके अलावा दस्तावेजों को सिटी सर्वे कार्यालय तक पहुंचाने और जमीन के प्रॉपर्टी कार्ड में नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया में कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी भी जांच की जा रही है।

पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ-साथ गिरफ्तार किए गए आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

प्रॉपर्टी कार्ड में नाम दर्ज कराने का आरोप

शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर जमीन से जुड़े दस्तावेज तैयार करने के बाद उन्हें सिटी सर्वे कार्यालय में प्रस्तुत किया। इसके आधार पर संबंधित जमीन के प्रॉपर्टी कार्ड में अपने नाम दर्ज करा लिए गए। शिकायतकर्ता ने इसी प्रक्रिया को लेकर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

जमीन के स्वामित्व और रिकॉर्ड में बदलाव से जुड़े इस मामले में पुलिस अब दस्तावेजों की वास्तविकता की जांच कर रही है। जांच का एक प्रमुख हिस्सा यह पता लगाना भी है कि जिन प्रमाणपत्रों और पहचान संबंधी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया, वे वास्तविक थे या कथित तौर पर फर्जी तरीके से तैयार किए गए थे।

पुलिस जमीन से संबंधित पुराने रिकॉर्ड और बाद में हुए बदलावों की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम को स्पष्ट किया जा सके।

जमीन के सौदे से भी जुड़ा है मामला

मामला केवल प्रॉपर्टी कार्ड में नाम दर्ज कराने तक सीमित नहीं बताया गया है। शिकायत में जमीन का सौदा किए जाने का भी उल्लेख है। पुलिस अब इस पहलू की भी जांच कर रही है कि रिकॉर्ड में कथित बदलाव के बाद जमीन को लेकर किस तरह की कार्रवाई की गई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

फिलहाल पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच आगे बढ़ाई है, जबकि चार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। दस्तावेजों की सत्यता, जमीन के रिकॉर्ड में बदलाव और कथित संपत्ति सौदे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

निष्कर्ष

नासिक के दसक शिवार की 270 वर्गमीटर जमीन से जुड़े कथित दस्तावेजी फर्जीवाड़े के मामले में उपनगर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। तीन आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है और चार अन्य की तलाश जारी है। पुलिस अब कथित फर्जी दस्तावेजों की सत्यता, प्रॉपर्टी कार्ड में हुए बदलाव और जमीन के सौदे से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है।

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