बैंकों में 3 दिन कामकाज ठप रहने का खतरा, 26 से 30 सितंबर तक सेवाओं पर पड़ सकता है असर
देशभर के बैंक ग्राहकों के लिए सितंबर के आखिरी दिनों में परेशानी बढ़ सकती है। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। डिप्टी चीफ लेबर कमिश्नर की मौजूदगी में हुई सुलह बैठक में कोई समाधान नहीं निकलने के बाद यूनियनों ने हड़ताल पर आगे बढ़ने का फैसला किया है।
UFBU सात बैंक कर्मचारी और अधिकारी संगठनों का संयुक्त मंच है। यूनियनों का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों में पांच दिन का बैंकिंग सप्ताह, पेंशन लाभों में सुधार, पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ता फॉर्मूला और NPS कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में शामिल होने का विकल्प देना शामिल है। संगठन के अनुसार वह देश के करीब 90 प्रतिशत बैंकिंग कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करता है।
छमाही क्लोजिंग के बीच बढ़ेगी परेशानी
हड़ताल का समय बैंकिंग व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण है, क्योंकि 26 और 27 सितंबर को वीकेंड है। ऐसे में 26 से 30 सितंबर तक लगातार पांच दिनों तक बैंक शाखाओं का नियमित कामकाज प्रभावित होने की आशंका है। इसका असर कैश लेनदेन, चेक प्रोसेसिंग और शाखाओं से मिलने वाली अन्य सेवाओं पर पड़ सकता है।
सरकार ने शुरू की तैयारियां
संभावित व्यवधान को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंकों, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और नाबार्ड के अधिकारियों के साथ बैठक बुलाई है। बैठक में हड़ताल के दौरान जरूरी बैंकिंग सेवाएं जारी रखने और ग्राहकों को कम से कम परेशानी हो, इसके लिए आपातकालीन व्यवस्था पर चर्चा की जाएगी।
इससे पहले 11 सितंबर को भी UFBU ने देशव्यापी हड़ताल की थी, जिसका असर कई राज्यों में बैंक शाखाओं की काउंटर सेवाओं, कैश लेनदेन और चेक क्लियरिंग पर देखने को मिला था। अब 28 सितंबर से प्रस्तावित हड़ताल को लेकर बैंकिंग सेवाओं पर एक बार फिर असर की संभावना जताई जा रही है।
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